भोपाल, 24 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे राज्यों के निसंतान दंपतियों के लिए गुड न्यूज़ है। एम्स भोपाल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में आईवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर शुरू हो गया है। यहां महिला और पुरुष दोनों में बांझपन से जुड़ी समस्याओं की जांच, परामर्श और आधुनिक उपचार की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी और वह भी न्यूनतम खर्चे में, मतलब आप प्राइवेट IVF सेंटर की जरूरत खत्म।
पहले जांच, फिर मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार
एम्स भोपाल आईवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर में दंपतियों की समस्या के कारणों की जांच के बाद उनकी स्थिति के अनुसार उपचार की योजना तैयार की जाएगी। मरीजों और परिजनों को उपचार की प्रक्रिया तथा उपलब्ध विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी।
महिलाओं में अंडाणु बनने और अंडोत्सर्जन की निगरानी अल्ट्रासाउंड और हार्मोन जांच के जरिए की जाएगी। जरूरत के अनुसार दवाओं से अंडोत्सर्जन कराया जाएगा। उपयुक्त मामलों में अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान (IUI) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
जरूरत पड़ने पर आईवीएफ और आईसीएसआई
जिन दंपतियों को अधिक उन्नत उपचार की जरूरत होगी, उनके लिए आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसमें दवाओं से अंडाशय को तैयार करने, अंडाणु निकालने, प्रयोगशाला में अंडाणु और शुक्राणु के निषेचन, भ्रूण तैयार करने और उसे गर्भाशय में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शामिल होगी।
विशेष मामलों में आईसीएसआई के जरिए शुक्राणु को सीधे अंडाणु में पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। तैयार भ्रूण को नियंत्रित वातावरण वाली आधुनिक प्रयोगशाला में विकसित किया जाएगा।
भ्रूण, अंडाणु और शुक्राणु सुरक्षित रखने की सुविधा
चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार भ्रूण, अंडाणु और शुक्राणु को भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की सुविधा भी केंद्र में मिलेगी। पहले से संरक्षित भ्रूण को बाद में गर्भाशय में स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके लिए गर्भाशय की आंतरिक परत को भ्रूण स्थानांतरण के लिए तैयार किया जाएगा।
केंद्र में पुरुषों में संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं की भी जांच और उपचार किया जाएगा। शुक्राणु की जांच तथा सहायक प्रजनन उपचार के लिए उसकी तैयारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य विशेषज्ञों के साथ समन्वय कर उपचार किया जाएगा।
सुरक्षा, गोपनीयता और सहमति
एम्स भोपाल के अनुसार, उपचार लागू सहायक प्रजनन तकनीक संबंधी नियमों, चिकित्सकीय मानकों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप किया जाएगा। मरीज की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
किसी भी उपचार से पहले मरीज की सहमति ली जाएगी और उपचार उसकी व्यक्तिगत जरूरत के आधार पर तय किया जाएगा। एम्स प्रबंधन के अनुसार, केंद्र का उद्देश्य केवल आईवीएफ सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सेवाओं के साथ प्रशिक्षण और शोध को भी बढ़ावा देना है।
केंद्र को भविष्य में सुरक्षित, वैज्ञानिक, नैतिक, किफायती और मरीज-केंद्रित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
