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Bhiwani Court Verdict : युवक को दौड़ा-दौड़कर गोली मारने वाले 2 अपराधियों को उम्रकैद, कोर्ट ने 60 हजार का जुर्माना भी ठोका - Haribhoomi

August 17, 2026

8 साल पुराने मामले में भिवानी जिला अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला। बवानीखेड़ा में पीड़ित पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिससे वह लहूलुहान हो गया। 

Bhiwani Court Verdict

युवक को गोली मारने के दोषियों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा।

  • Published: 17 Aug 2026, 03:08 PM IST
  • Last Updated: 17 Aug 2026, 03:08 PM IST

हरियाणा की भिवानी जिला अदालत ने संगीन अपराध के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह पूरा मामला 5 दिसंबर 2016 का है, जब बवानीखेड़ा निवासी अनिल ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी।

पीड़ित ने बताया था कि जब वह अपने घर लौट रहा था, तब बाइक सवार बदमाशों ने उस पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बदमाशों ने उसका पीछा कर कई फायर किए, जिससे वह लहूलुहान हो गया। किसी तरह उसने अपने घर के अंदर भागकर अपनी जान बचाई थी।

पुलिस जांच के बाद कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा 
पीड़ित की शिकायत पर बवानीखेड़ा थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। गहन जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल हथियार और अहम साक्ष्य बरामद किए। कोर्ट में पेश ठोस सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

आरोपियों के नाम और लगाया गया जुर्माना 
• अजय (वार्ड नंबर-12, बवानीखेड़ा) : धारा 307 व 34 के तहत उम्रकैद और 20,000 रुपये जुर्माना। जुर्माना न भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा। आर्म्स एक्ट में 3 साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माना।
• अमरदीप (गांव बलियाली) : धारा 307 व 34 के तहत उम्रकैद और 20,000 रुपये जुर्माना। जुर्माना न देने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास। आर्म्स एक्ट में 3 साल की कठोर सजा और 10,000 रुपये का दंड। दोनों दोषियों पर कुल मिलाकर 60 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।

पुलिस गंभीर अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही 
भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा कि जिला पुलिस गंभीर अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे संगीन मामलों में आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और अदालत में मजबूती से पैरवी हो, ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय और अपराधियों को कठोरतम सजा मिल सके।