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Banswara News: मानगढ़ धाम में भील प्रदेश को लेकर उठी हुंकार, महासम्मेलन में जुटे हजारों आदिवासी

July 18, 2026

जिले के मानगढ़ धाम में गुरुवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित भील प्रदेश संदेश यात्रा महासम्मेलन में एक बार फिर अलग भील प्रदेश की मांग प्रमुखता से उठाई गई। सम्मेलन में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए।



कल दोपहर से ही मानगढ़ धाम पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। सम्मेलन में सैलाना विधायक कमलेश डोडियार, धरियावद विधायक थावरचंद मीणा, आसपुर विधायक उमेश मीणा, चौरासी विधायक अनिल कटारा, बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल सहित आदिवासी परिवार के भंवरलाल परमार, भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक राजेश वसुनिया, प्रदेश संयोजक रविंद्र बरजोड़, हीरालाल दामा और बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

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सांसद राजकुमार रोत का वर्चुअल संबोधन


बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि अलग भील प्रदेश की मांग को चार राज्यों की सरकारों ने लगातार नजरअंदाज किया है। उनका आरोप था कि इसी कारण आदिवासी क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ लंबे समय से सौतेला व्यवहार हुआ है, इसलिए अब समाज एकजुट होकर अलग भील प्रदेश की मांग को और मजबूती से उठा रहा है।

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अलग राज्य की मांग


सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज बुलंद करना और सरकार के समक्ष अलग भील प्रदेश की मांग रखना है। उनका कहना था कि आदिवासी समाज विभिन्न राज्यों में बंटा हुआ है, जिसके कारण आजादी के दशकों बाद भी आदिवासी क्षेत्रों का समुचित विकास नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण की व्यवस्था होने के बावजूद युवाओं को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।



भारत आदिवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विनोद खराड़ी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 17 जुलाई को आदिवासी परिवार की ओर से यह महासम्मेलन आयोजित किया जाता है। उन्होंने इसे गैर-राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आदिवासी समाज के अस्तित्व, अधिकार और विकास के मुद्दों को उठाना है। उन्होंने मांग की कि बिखरे हुए आदिवासी क्षेत्रों को मिलाकर अलग भील प्रदेश का गठन किया जाए।



उल्लेखनीय है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिलाकर अलग भील प्रदेश बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर मानगढ़ धाम पर पहले भी कई महासम्मेलन आयोजित हो चुके हैं और प्रतिवर्ष 17 जुलाई को यह आयोजन किया जाता है।