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Bankipur: बांकीपुर में प्रशांत क‍िशोर सबसे आगे? मगर अनाम से पिछड़ गए 19 उम्‍मीदवार, जानें क्या हुआ खेला

August 3, 2026

नोटा को करीब 304 वोट हासिल हुए है, यानी बांकीपुर से वोटरों में एक छोटा हिस्सा ऐसा रहा, जिसने चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशी को चुनने के बजाय नोटा का बटन दबाना बेहतर लगा.

नोटा को करीब 304 वोट हासिल हुए है, यानी बांकीपुर से वोटरों में एक छोटा हिस्सा ऐसा रहा, जिसने चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशी को चुनने के बजाय नोटा का बटन दबाना बेहतर लगा.

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बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट सबसे हॉट सीट मानी जाती है, यह भाजपा का गढ़ है. भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन यहां से लगातार जीतते रहे हैं. मगर यहां पर हुए उपचुनाव के मतगणना में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने बढ़त बना रखी है. चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसारी, 31 में से 22 EVM राउंड की गिनती होने तक प्रशांत किशोर को 12 हजार की बढ़त बनाए हुए है. वह भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार से 8,202 मतों से आगे चल रहे थे. बीजेपी के नीरज कुमार से 31 हजार अधिक वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. 

प्रशांत किशोर की बढ़त के बीच बांकीपुर के चुनाव में एक और आंकड़ा चर्चा का कारण बन गया है. यहां पर नोटा ने कमाल कर दिया है. नोटा को करीब 304 वोट हासिल हुए है, यानी बांकीपुर से वोटरों में एक छोटा हिस्सा ऐसा रहा, जिसने चुनाव मैदान में मौजूद प्रत्याशी को चुनने के बजाय नोटा का बटन दबाना बेहतर लगा. 

जाने NOTA को कितने मिले वोट 

बांकीपुर में नोटा को 304 वोट हासिल हुए हैं. नोटा का अर्थ है कि मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद किसी भी उम्मीदवार को अपना वोट नहीं देना चाहते थे. इस उपचुनाव में नोटा की संख्या छठे स्थान पर मौजूद भारतीय आम आवाम पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप कुमार से कम थी. प्रदीप कुमार को 362 वोट हासिल हुए, लेकिन प्रदीप के बाद आने वाले सभी 19 उम्मीदवार नोटा से पिछड़ गए. इनमें कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे.

यह 19 उम्मीदवार NOTA से पीछे 

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, NOTA से कम वोट पाने वाले प्रत्याशी इस प्रकार हैं. 

1- बैजनाथ प्रसाद, भारतीय जवान किसान पार्टी- 142 वोट
2- सिकंदर कुमार, निर्दलीय- 131 वोट
3- अनिल दास, निर्दलीय- 116 वोट
4- मनीषा शर्मा, राष्ट्रीय अपना दल- 99 वोट
5- मृत्युंजय कुमार, राष्ट्रीय समाजहित दल- 96 वोट
6- बागीश नंदन, निर्दलीय- 88 वोट
7- निरंजन कुमार आचार्य, राइट टू रिकॉल पार्टी- 87 वोट
8- उपेंद्र सहनी, राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी- 73 वोट
9- शुकेश कुमार, निर्दलीय- 73 वोट
10- अशोक कुमार, समता पार्टी- 66 वोट
11- नीतीश कुमार, निर्दलीय- 65 वोट
12- बिनोद राय, बिहार जस्टिस पार्टी- 56 वोट
13- लालू प्रसाद यादव, निर्दलीय- 43 वोट
14- ब्रजेश पटेल, निर्दलीय- 2 वोट
15- रामबाबू प्रसाद, राष्ट्रीय गरीब दल- 110 वोट
16- सूरज कुमार यादव, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)- 107 वोट
17- अभय चौधरी, निर्दलीय- 105 वोट
18- प्रेम शंकर प्रसाद, प्राउटिस्ट ब्लॉक, इंडिया- 103 वोट
19- जितेंद्र दुबे, अखिल भारतीय जनसंघ- 99 वोट

NOTA ने क्या इस पार्टी का बिगाड़ा खेल 

अब सवाल है कि क्या नोटा ने आरजेडी का खेल बिगाड़ा दिया है. आरजेडी उम्मीदवार रेखा कुमारी को 6,755 वोट प्राप्त हुए हैं. वहीं नोटा को मात्र 304 वोट हासिल हुए. अगर  काल्पनिक रूप से नोटा के सभी 304 वोट आरजेडी के खाते में चले भी जाएं तो कुल आंकड़ा 7,059 होता है. इसके बावजूद भी भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार से काफी पीछे हैं. प्रशांत किशोर से उनका अंतर काफी अधिक है. ऐसे में केवल नोटा को आरजेडी के तीसरे स्थान पर रहने और खराब प्रदर्शन का कारण नहीं माना जाता सकता है.