नरेंद्रनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक को अपग्रेड कर गवर्नमेंट इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी बना दिया गया है। इसी शैक्षणिक सत्र से संस्थान में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कुल 90 B.Tech सीटों पर दाखिले शुरू होंगे।
दून हॉराइज़न, नरेंद्रनगर (21 अगस्त 2026): नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का विस्तार करते हुए राजकीय पॉलिटेक्निक को पूर्ण इंजीनियरिंग संस्थान में तब्दील कर दिया गया है। शासन ने इस संस्थान को ‘गवर्नमेंट इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नरेंद्रनगर’ के रूप में विकसित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसी शैक्षणिक सत्र 2026 से यहां B.Tech की कक्षाएं शुरू हो रही हैं।
संस्थान में दो प्रमुख इंजीनियरिंग ब्रांच शुरू की जा रही हैं। B.Tech in Computer Science & Engineering के लिए 60 सीटें तय की गई हैं। B.Tech in Artificial Intelligence पाठ्यक्रम के लिए 30 सीटें निर्धारित हैं। दोनों ब्रांच मिलाकर कुल 90 सीटों पर छात्र प्रवेश ले सकेंगे।
तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को इस संबंध में विधिवत शासनादेश जारी किया। यह संस्थान उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के संगठक कैंपस के तौर पर काम करेगा।
नया संस्थान शुरू करने के लिए 18 फैकल्टी पदों को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें 2 प्रोफेसर, 4 एसोसिएट प्रोफेसर और 12 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। लैब, लाइब्रेरी और प्रशासनिक कार्यों के लिए 6 गैर-शिक्षण पद भी मंजूर किए गए हैं।
पहले चरण के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का पूरा खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी। कैंपस में मानकों के अनुसार नए एकेडमिक ब्लॉक, मॉडर्न लैब, आधुनिक क्लासरूम और हाईटेक लाइब्रेरी तैयार की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि नरेंद्रनगर को तकनीकी और उच्च शिक्षा का बड़ा हब बनाना उनकी प्राथमिक कार्ययोजना में शामिल रहा है। स्थानीय स्तर पर ऐसी तकनीकी शिक्षा मिलने से पहाड़ी क्षेत्र के छात्रों को सीधे रोजगारपरक कौशल हासिल होगा।
उनियाल के मुताबिक कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई पहाड़ में शुरू होने से स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। नरेंद्रनगर में अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होने से क्षेत्र का प्रोफाइल पूरी तरह बदलेगा।
छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया AICTE नई दिल्ली से अंतिम औपचारिक अनुमोदन और विश्वविद्यालय की संबद्धता के बाद शुरू होगी। काउंसिलिंग और दाखिले मौजूदा सत्र के तय एकेडमिक कैलेंडर के आधार पर कराए जाएंगे।