Updated: Tuesday, October 6, 2026, 19:00 [IST]
Ashutosh Dixit Named New IAF Chief: भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला Chief of the Air Staff (CAS) नियुक्त किया है। वह मौजूदा एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह लेंगे। राष्ट्रपति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा।
करीब 4 दशक लंबे करियर में दीक्षित फाइटर पायलट, टेस्ट पायलट, ऑपरेशनल कमांडर और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके करियर में कारगिल युद्ध का ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और हालिया ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियान भी शामिल रहे हैं।
Who Is Ashutosh Dixit: कौन हैं आशुतोष दीक्षित?
आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट, Qualified Flying Instructor और Experimental Test Pilot हैं। उन्हें 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वर्तमान में वह Vice Chief of the Air Staff के पद पर हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी 1 जुलाई 2026 को संभाली थी। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने अलग-अलग ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ नियुक्तियों पर काम किया है।
3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
दीक्षित को व्यापक उड़ान अनुभव वाला फाइटर पायलट माना जाता है। उनके पास 3,500 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में कई तरह के लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाया है। इनमें प्रमुख रूप से...
वह Qualified Flying Instructor और Experimental Test Pilot भी हैं। यानी उनका अनुभव केवल नियमित ऑपरेशनल उड़ान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विमानों की टेस्टिंग और उनके सिस्टम के मूल्यांकन से भी जुड़ा रहा है।
कारगिल युद्ध में क्या था रोल?
आशुतोष दीक्षित के करियर की अहम कड़ियों में 1999 का कारगिल युद्ध भी शामिल है। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर चलाया था। इस अभियान का मकसद कारगिल क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों में मौजूद पाकिस्तानी घुसपैठियों और सैन्य ठिकानों के खिलाफ हवाई अभियान चलाना था। दीक्षित ने अपने करियर में ऑपरेशन सफेद सागर में हिस्सा लिया था। इसके अलावा उनके सर्विस रिकॉर्ड में ऑपरेशन रक्षक और कई प्रमुख सैन्य अभ्यास भी शामिल हैं। यानी नए वायुसेना प्रमुख के पास युद्ध और ऑपरेशनल परिस्थितियों में काम करने का अनुभव भी है।
Mirage-2000 स्क्वाड्रन को दोबारा तैयार किया
दीक्षित के करियर की एक अहम जिम्मेदारी No. 9 Squadron से जुड़ी रही, जिसे Mirage-2000 से दोबारा सुसज्जित किया गया। इसके बाद उन्होंने पश्चिमी सेक्टर के एक फ्रंटलाइन फाइटर बेस और दक्षिणी सेक्टर के प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली। इस तरह उनके करियर में एक तरफ सीधे ऑपरेशनल फाइटर यूनिट का अनुभव रहा तो दूसरी तरफ बड़े एयर बेस और ट्रेनिंग संस्थानों की कमान संभालने का अनुभव भी मिला।
टेस्ट पायलट के तौर पर स्वदेशी प्रोजेक्ट्स में भूमिका
आशुतोष दीक्षित का करियर केवल फाइटर उड़ाने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने Aircraft and Systems Testing Establishment (ASTE), बेंगलुरु की Flight Test Squadron की कमान भी संभाली। टेस्ट पायलट के तौर पर उन्होंने Jaguar और MiG-27 के एवियोनिक्स अपग्रेड जैसे कार्यक्रमों में भूमिका निभाई। उनका अनुभव भारतीय विमानों और सैन्य प्रणालियों के परीक्षण तथा अपग्रेड से जुड़े कई स्वदेशी कार्यक्रमों तक भी रहा है। यही वजह है कि उनकी प्रोफाइल में ऑपरेशनल एयर पावर और सैन्य तकनीक दोनों का अनुभव दिखाई देता है।
MMRCA ट्रायल में भी जिम्मेदारी
दीक्षित Director of Air Staff Requirements भी रहे। इस भूमिका में उन्होंने Medium Multi-Role Combat Aircraft (MMRCA) के ट्रायल की योजना और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारी संभाली। यानी लड़ाकू विमानों की जरूरत तय करने से लेकर उनके परीक्षण की प्रक्रिया तक, एयर हेडक्वार्टर में उनका अनुभव रहा है।
तीनों सेनाओं के साथ काम करने का अनुभव
वायुसेना प्रमुख बनने से पहले दीक्षित ने सिर्फ IAF के भीतर ही नहीं, बल्कि Tri-Service Integration से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभालीं। वह Chief of Integrated Defence Staff (CISC) रह चुके हैं। इस पद पर तीनों सेनाओं थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्तता और समन्वय से जुड़े विषयों पर काम किया जाता है। वह Central Air Command के Air Officer Commanding-in-Chief, Deputy Chief of the Air Staff और कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। आइए जानते हैं कि किन-किन पदों पर रहें...
- Vice Chief of the Air Staff
- Chief of Integrated Defence Staff
- Air Officer Commanding-in-Chief, Central Air Command
- Deputy Chief of the Air Staff
- Senior Air Staff Officer, South Western Air Command
- Assistant Chief of Air Staff
- Air Defence Commander, Southern Air Command
- Director of Air Staff Requirements
Operation Sindoor में भी अनुभव
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार दीक्षित के करियर में Operation Sindoor भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने Operation Safed Sagar, Operation Rakshak और Cope India जैसे ऑपरेशंस और सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया है। CISC के तौर पर उनकी भूमिका तीनों सेनाओं के बीच बेहतर Jointness और Integration पर भी केंद्रित रही।
चार बड़े सैन्य सम्मान
आशुतोष दीक्षित को उनके सैन्य करियर में कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
- वायु सेना मेडल (VM): 2006
- विशिष्ट सेवा मेडल (VSM): 2011
- अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM): 2023
- परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM): 2026
ये सम्मान उनके लंबे सैन्य करियर और विभिन्न जिम्मेदारियों में सेवा के लिए दिए गए हैं।