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छत्तीसगढ़ में बदला खाद खरीदने का नियम! अब किसानों को इस APP से लेना होगा टोकन, इस वजह से लिया गया बड़ा फैसला | IBC24

October 13, 2026

Change Fertilizer Buying Rules. Image Source- AI

कांकेर: Change Fertilizer Buying Rules अगर आप छत्तीसगढ़ में रहते हैं और खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल, छत्तीसगढ़ में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत रबी सीजन 2026-27 से छत्तीसगढ़ के किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक की खरीदी करनी होगी। किसानों को टोकन के जरिए खाद उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बन सकेगी। कांकेर जिले में भी इससे संबंधित तैयारियां शुरू हो गई है।

Change Fertilizer Buying Rules बता दें कि मोबाइल ऐप आधारित उर्वरक वितरण प्रणाली को पहले गरियाबंद और बीजापुर जिलों में मॉडल के रूप में संचालित किया गया था। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद अब रबी सीजन 2026-27 से इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को सुव्यवस्थित करना, कालाबाजारी पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ किसानों की परेशानियों को कम करना है। नई प्रणाली के तहत पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन के माध्यम से अनिवार्य विक्रय, उपलब्ध स्टॉक का वास्तविक समय में मिलान और पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं आधार लिंकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे उर्वरकों की अग्रिम मांग का आकलन करने, भंडारण और वितरण की बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ अमानक उर्वरकों और कालाबाजारी पर निगरानी मजबूत करने में सहायता मिलेगी।

एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप से स्वयं जारी कर सकेंगे टोकन (Change Fertilizer Buying Rules)

नई व्यवस्था के अंतर्गत किसान मोबाइल के माध्यम से उर्वरक खरीदी संबंधी जानकारी प्राप्त कर अपना टोकन स्वयं जारी कर सकेंगे। जिन किसानों के पास स्वयं का मोबाइल फोन नहीं है, वे परिवार के किसी अन्य सदस्य के मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एफएफएस फर्टिलाइजर ऐप इंस्टॉल कर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टोकन या फिर क्यूआर कोड के माध्यम से किसान अपने नजदीकी निर्धारित केंद्र से फसल के लिए अनुशंसित मात्रा में उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। डिजिटल सुविधा का उपयोग करने में असमर्थ किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद वे चयनित उर्वरक विक्रेता से खाद प्राप्त कर पाएंगे। इससे मोबाइल ऐप के उपयोग में कठिनाई का सामना करने वाले किसानों को भी नई व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग के अनुसार, डिजिटल प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, उपलब्ध स्टॉक की निगरानी बेहतर होगी तथा किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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