world-news

Amroha Gang Rape: अमरोहा में दो सीआरपीएफ (CRPF) और दो पुलिस अफसर पर सामूहिक बलात्कार का आरोप, चारों गिरफ्तार

September 24, 2026

September 24, 2026 18 बार देखा गया

यूपी के अमरोहा से 23 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार (Gangrape Case) का मामला सामने आया है। घटना 22 सितम्बर की बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी में दो पुलिस अफसर और दो सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल)/(Two Police, Two CRPF Arrested) शामिल हैं। हालाँकि पुलिस को सूचना मिलते ही चारों आरोपी को 23 सितम्बर 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। 

Ai द्वारा निर्मित सांकेतिक तस्वीर

क्या है पूरा मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला हरियाणा की रहने वाली है। उसे धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के बहाने अमरोहा लाया गया था। इसके बाद उसे एक फार्महाउस में ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार (Gangrape) किया गया। 

पुलिस के अनुसार, महिला को 22 सितंबर की शाम कार से हसनपुर ले जाया गया था। इसके बाद उसे अतरासी-हसनपुर रोड स्थित एक फार्महाउस ले जाया गया। 23 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे महिला ने ऑनलाइन पुलिस हेल्पलाइन नंबर खोजकर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद हसनपुर और राजबपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को बाहर निकाला।

सोचिए.. रक्षक ही अगर भक्षक बन जाएं,
तो समाज आखिर अपनी सुरक्षा की उम्मीद किससे करे?

यूपी के अमरोहा से सामने आया यह मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। पुलिस के अनुसार, हरियाणा की 23 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने उसे अमरोहा लाया गया और एक फार्म हाउस…

— NCIB Headquarters (@NCIBHQ) September 24, 2026

दो पुलिस अफसर और दो सीआरपीएफ गिरफ्तार (Two Police, Two CRPF Arrested)

पुलिस के मुताबिक, महिला की शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी में मोहित, लाला राम यादव, संजय तोमर दरोगा और प्रोमद के नाम शामिल हैं। चारों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हसनपुर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। 

लेकिन यदि आप इन नामों को गौर से देखें तो एक नाम को बड़े सम्मान से लिखा गया है जबकि वह आरोपी है। अपराध करने के बाद वो व्यक्ति सिर्फ अपराधी होता है उसका नाम संजय तोमर दरोगा जी यानी आरोपी के नाम के आगे जी लगाना कितना सही है? क्या अभी भी आरोपी के नाम का डर है जिसकी वजह से जी को भी लिखा गया है? 

विपक्ष ने सरकार को घेरा 

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया “जिस शासन की बुनियाद ही अपराध पर टिकी हो, वहाँ की पुलिस भी हर तरह से भ्रष्ट हो जाती है। अमरोहा में एक युवती के साथ हुए गैंगरेप ने पुलिस पर ऐसा दाग लगाया है जिसे किसी का भी संरक्षण कभी मिटा नहीं सकता।”

जिसका शासन ही अपराध पर टिका हो, उसकी पुलिस भी हर तरह से भ्रष्ट हो जाती है। अमरोहा में एक युवती के साथ हुआ सामूहिक बलात्कार पुलिस पर लगा ऐसा दाग़ है जिसे किसी का प्रश्रय भी नहीं बचा पाएगा।

ऐतिहासिक कार्रवाई हो! pic.twitter.com/ACZaUU4mLD

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 23, 2026

जिनसे सुरक्षा की उम्मीद, उन्हीं से खतरा 

इस घटना से महिलाओं के प्रति सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ जाती है। वर्दी पहने हुए वे लोग, जिन पर लोगों की सुरक्षा, सम्मान और कानून की रक्षा की ज़िम्मेदारी होती है उन्हीं पर अगर इतने गंभीर आरोप लगते हैं तो सुरक्षा करने की जिम्मेदारी कौन लेगा? 

यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke