Published: Saturday, October 10, 2026, 13:58 [IST]
CJP Protest Ajinkya Shinde Leads: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर यानी आज (शनिवार) को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चर्चा में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में पुलिस ने ले लिया। तीनों प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे थे।
CJP ने अभिजीत दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा कि अगर उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो उनके बाद आंदोलन की कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे। पार्टी के मुताबिक, शिंदे उसके नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज हैं। ऐसे में सवाल है कि अजिंक्य शिंदे कौन हैं, उनका आम आदमी पार्टी (AAP) से क्या संबंध रहा है और CJP के इस प्रदर्शन में उनकी भूमिका क्यों अहम हो गई है?

Who Is Ajinkya Shinde: कौन हैं अजिंक्य शिंदे?
अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र के तटीय शहर अलीबाग के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन किया है और पुणे में एक अंतरराष्ट्रीय IT कंपनी में काम भी किया है। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया।
शिंदे के माता-पिता किसान हैं। राजनीति में आने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों में संगठन के लिए काम किया। बताया जाता है कि वह राज्य के हर जिले का दौरा कर चुके हैं। उनकी पहचान एक ऐसे संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में रही है, जो जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ काम करने पर जोर देते हैं।
AAP से क्या रहा है कनेक्शन?
अजिंक्य शिंदे पहले आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार, वह गोवा में पार्टी के चुनावी अभियान से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं। वह AAP की महाराष्ट्र टीम में सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर रहे हैं। इसके अलावा, पिंपरी-चिंचवड़ में पार्टी के संयोजक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्हें महाराष्ट्र में पार्टी की युवा इकाई से भी जुड़ा बताया जाता है। शिंदे की राजनीतिक यात्रा का एक अहम पहलू यह है कि गोवा में पार्टी के चुनावी अभियान के बाद भी उन्होंने संगठन के साथ काम करना जारी रखा। हालांकि, गोवा विधानसभा चुनाव में AAP को सफलता नहीं मिली थी।

CJP में क्या है उनकी भूमिका?
CJP में अजिंक्य शिंदे को नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में यह पद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी जिम्मेदारी को बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष और कांग्रेस के संगठनात्मक नेतृत्व से जोड़कर भी पेश किया गया है। हालांकि, इन पदों की जिम्मेदारियों और अधिकारों में अंतर है।
CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन के दौरान संगठन में नियुक्तियों को लेकर सवाल उठने की खबरें भी सामने आई थीं। कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अभिजीत दीपके अपने करीबी लोगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में दीपके की संभावित हिरासत की स्थिति में उन्हें सार्वजनिक प्रदर्शन का नेतृत्व सौंपना पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
Abhijeet Dipke ने पहले से क्यों रिकॉर्ड किया वीडियो?
CJP की ओर से जारी वीडियो में अभिजीत दीपके कहते हैं कि अगर उन्हें हिरासत में लिया जाता है, तो अजिंक्य शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। बताया गया है कि दीपके ने संभावित हिरासत को ध्यान में रखते हुए यह वीडियो पहले ही रिकॉर्ड कर लिया था। इसका मकसद प्रदर्शन के दौरान नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति से बचना और आंदोलन जारी रखने का संदेश देना माना जा सकता है। पार्टी के मुताबिक, जब तक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में रहेंगे, तब तक शिंदे प्रदर्शन की कमान संभालेंगे।
Jantar-Mantar पर क्या है प्रदर्शन का मुद्दा?
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलावों पर भी सवाल उठा रही है। प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और समर्थकों को अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई हैं। पार्टी समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अभिजीत दीपके समेत तीन प्रमुख पदाधिकारियों को हिरासत में लिए जाने के दावे के बीच अब अजिंक्य शिंदे पर प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वह संगठन के कार्यकर्ताओं को किस तरह एकजुट करते हैं और प्रदर्शन को किस दिशा में ले जाते हैं।