IAF चीफ एपी सिंह ने बताया कि AMCA में देरी होने पर दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ सकता है. उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन की कमी, AI के महत्व और राफेल डील के अंतिम चरण पर भी बात की.
IAF चीफ एपी सिंह ने बताया कि AMCA में देरी होने पर दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ सकता है. उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन की कमी, AI के महत्व और राफेल डील के अंतिम चरण पर भी बात की.
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इंडियन एयर फोर्स डे आठ अक्टूबर को मनाया जाने वाला है. एयर फोर्स डे से ठीक पहले IAF चीफ अमर प्रीत सिंह ने अपने बयान में कहा, अगर स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डेवलपमेंट में देरी होती है तो फोर्स को दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ेगा. IAF को मौजूदा वक्त में फाइटर स्क्वाड्रन की कमी का सामना करना पड़ता है. IAF के करीब अभी 42 की मंजूर संख्या के मुकाबले 29 फाइटर स्क्वाड्रन मौजूद हैं.
फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करेगा IAF
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा,'अगर AMCA (पांचवीं पीढ़ी) और दूसरे प्रोग्राम्स में देरी होती है, तो हमें दूसरे फाइटर प्लेटफॉर्म्स पर विचार करना पड़ेगा.'एपी सिंह ने कहा कि फाइटर स्क्वाड्रन की कमी को पूरा करने के लिए फोर्स को हर वर्ष 36 से 40 फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल करने की आवश्यकता होती है. एयर चीफ की बातें ऐसे वक्त में सामने आई हैं, जब IAF अपने फाइटर बेड़े की ताकत बढ़ाने के लिए कई प्रोग्राम्स पर काम कर रही है. वहीं AMCA को भारत के आने वाले कल को पांचवीं पीढ़ी के कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया गया है.
IAF को AI से बदलने की जरूरत
फाइटर्स की संख्या के साथ एयर चीफ मार्शल ने नई तकनीकों के माध्यम से IAF को बदलने की जरूरत पर ध्यान दिलाया है. उन्होंने कहा, भविष्य के मिलिट्री ऑपरेशन्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए सिंह ने कहा, 'हमें AI-युक्त फोर्स की जरूरत है.'
IAF चीफ एपी सिंह ने कहा, 'भारतीय वायु सेना के लिए ड्रोन कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया का भाग हैं. ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन को मौजूदा फोर्स स्ट्रक्चर का ही भाग बने रहना चाहिए. उन्हें अलग से उपयोग करने के बजाय दूसरे हथियारों के साथ मिलकर काम करना चाहिए.'
IAF चीफ एपी सिंह ने कहा, 'भारतीय वायु सेना के लिए ड्रोन किसी तरह क्रांतिकारी बदलाव नहीं, बल्कि विकास की प्रक्रिया का भाग हैं। ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन को मौजूदा फोर्स स्ट्रक्चर का भाग बने रहना चाहिए। उन्हें अलग से उपयोग करने के बजाय दूसरे हथियारों के संग मिलकर काम करना होगा।'
अंतिम चरण में राफेल डील
प्रस्तावित मल्टीरोल फाइटर जेट की खरीद पर एपी सिंह ने कहा,'यह डील मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में अंतिम हो सकती है। मगर यह कई अन्य कारकों पर निर्भर होगी।'
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