
महमूद ने झटके 5 विकेट (Photo: PTI)
Hasan Mahmud Test hat-trick: बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने अफगानिस्तान के खिलाफ अबू धाबी में खेले जा रहे टेस्ट मैच में हैट्रिक लेकर इतिहास रचा है. टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले वो बांग्लादेश के तीसरे गेंदबाज हैं. अपनी हैट्रिक की स्क्रिप्ट लिखने के साथ-साथ हसन महमूद ने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में 5 विकेट भी लिए. हसन महमूद की धारदार गेंदबाजी की बदौलत ही बांग्लादेश को अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 106 रन की बड़ी बढ़त मिली है.
हसन महमूद ने झटके 5 विकेट, चौथी बार किया ऐसा
बांग्लादेश के बनाए 346 रन के स्कोर का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की पहली पारी 240 रन पर सिमट गई. इस तरह बांग्लादेश को फर्स्ट इनिंग में 106 रन की बढ़त मिली. बांग्लादेश को ये लीड दिलाने में उसके तेज गेंदबाद हसन महमूद का बड़ा रोल रहा, जिन्होंने 21 ओवर में 55 रन देकर 5 विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में ये चौथी बार है जब हसन महमूद ने 5 विकेट लिए हैं.
अफगानिस्तान के खिलाफ पहली बार झटके 5 विकेटों के साथ ही हसन महमूद ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 50 विकेट भी पूरे कर लिए. उनके अब 17 मैच की 29 पारियों में 50 विकेट हैं.
हसन महमूद ने कैसे ली हैट्रिक?
अफगानिस्तान के खिलाफ 5 विकेट की स्क्रिप्ट लिखने के दौरान ही हसन महमूद ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली हैट्रिक की पटकथा भी लिखी. अफगानिस्तान की पहली इनिंग के 83वें ओवर की दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर इस्मत आलम, कैश अहमद और जिया-उर्र-रहमान को आउट कर हसन महमूद ने अपनी टेस्ट हैट्रिक पूरी की.
बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज बने
टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले हसन महमूद बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज और ओवरऑल तीसरे गेंदबाज हैं. उनसे पहले बांग्लादेश के 2 स्पिनर्स- आलोक कपाली और सोहाग गाजी- ने टेस्ट में हैट्रिक लिए थे. साल 2003 में आलोक कपाली टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के पहले गेंदबाज बने थे. उनके बाद 2013 में उस कारनामे को सोहाग गाजी ने दोहराया. अब 13 साल बाद 2026 में तेज गेंदबाज हसन महमूद ने टेस्ट हैट्रिक ली है.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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