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कौन हैं प्रेसिडेंट की पहली महिला आर्मी ADC नव्या शेखावत? सीकर से पहुंची राष्ट्रपति भवन, परिवार में कौन-कौन?

September 14, 2026

Time Updated: Monday, September 14, 2026, 13:44 [IST]

ADC Major Navya Shekhawat: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में अक्सर एक युवा महिला सैन्य अधिकारी नजर आती हैं। यह अधिकारी हैं मेजर नव्या शेखावत, जिन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए एक खास उपलब्धि हासिल की है। मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की Aide-de-Camp यानी ADC के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वह इस पद पर पहुंचने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं।

राजस्थान के सीकर जिले से ताल्लुक रखने वाली नव्या ने UPSC की Combined Defence Services यानी CDS परीक्षा के जरिए सेना में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने चेन्नई की Officers Training Academy में ट्रेनिंग ली और 2021 में Army Service Corps में कमीशन हासिल किया। करीब पांच साल के सैन्य करियर में मेजर रैंक तक पहुंचने के बाद उन्हें राष्ट्रपति की ADC की जिम्मेदारी मिली।

ADC Major Navya Shekhawat

सीकर के छोटे गांव से राष्ट्रपति भवन तक

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुलार, मेजर नव्या शेखावत का संबंध राजस्थान के सीकर जिले के केरपुरा गांव से है। उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में करियर बनाने के बाद उन्होंने बेहद कम समय में एक प्रतिष्ठित जिम्मेदारी हासिल की। जुलाई 2026 में उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC के तौर पर हुई।

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अगस्त में ADC मेजर ऋषभ सिंह सामभ्याल के वक्त से पहले रिटायरमेंट लेने और सितंबर में उनका पॉडकास्ट सामने आने के बाद से ही ADC का पद सुर्खियों में बना हुआ है। बता दें, राष्ट्रपति के ADC की भूमिका केवल किसी कार्यक्रम में उनके साथ चलने तक सीमित नहीं होती। ADC राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और सैन्य प्रोटोकॉल से जुड़े कामों में सहायता करते हैं। राष्ट्रपति के पास परंपरागत रूप से पांच ADC होते हैं- तीन सेना से और एक-एक नौसेना और वायुसेना से।

कैसे शुरू हुआ नव्या शेखावत का सेना का सफर?

नव्या शेखावत का सैन्य सफर UPSC की Combined Defence Services (CDS) परीक्षा से शुरू हुआ। उन्होंने CDS (I) 2020 के जरिए Officers Training Academy के महिला नॉन-टेक्निकल कोर्स के लिए जगह बनाई। आधिकारिक मेरिट लिस्ट में नव्या शेखावत का नाम महिलाओं की सूची में 7वें स्थान पर दर्ज है। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित Officers Training Academy (OTA) में सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। ट्रेनिंग के बाद उन्हें भारतीय सेना में कमीशन मिला और वह Army Service Corps यानी ASC में शामिल हुईं।

मेजर नव्या शेखावत को 2021 में कमीशन मिला। उन्होंने Army Service Corps में काम शुरू किया। ASC सेना के लिए सप्लाई, ट्रांसपोर्ट और दूसरी लॉजिस्टिक जरूरतों से जुड़े काम संभालता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब पांच साल के भीतर नव्या शेखावत मेजर रैंक तक पहुंचीं और 2026 में राष्ट्रपति की ADC नियुक्त हुईं। उनकी नियुक्ति इसलिए भी खास है क्योंकि राष्ट्रपति की ADC टीम में जगह पाने वाली वह पहली महिला आर्मी ऑफिसर हैं।

राष्ट्रपति की दूसरी महिला ADC

मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला आर्मी ऑफिसर हैं, लेकिन वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी नहीं हैं। 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी (Lieutenant Commander Yashasvi Solanki) राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं। इसके बाद नव्या शेखावत इस जिम्मेदारी तक पहुंचने वाली दूसरी महिला अधिकारी बनीं। यानी राष्ट्रपति की ADC टीम में महिलाओं की मौजूदगी का सिलसिला अब सेना तक भी पहुंच गया है।

नव्या शेखावत के पास कौन-कौन सी डिग्री?

नव्या शेखावत की स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक स्रोतों में स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यह साफ है कि उन्होंने UPSC CDS परीक्षा पास की और इसके बाद OTA चेन्नई में अधिकारी प्रशिक्षण लिया। CDS के जरिए OTA में प्रवेश के लिए उनकी सफलता आधिकारिक मेरिट लिस्ट में भी दर्ज है।

सेना से जुड़ा है परिवार

मेजर नव्या शेखावत का परिवार भी सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उपलब्ध बायोग्राफिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पिता कैप्टन करण सिंह शेखावत रहे हैं, जबकि उनके दादा विंग कमांडर भंवर सिंह शेखावत थे। ऐसे परिवार में पली-बढ़ी नव्या ने बचपन से ही सेना की जिंदगी और अनुशासन को करीब से देखा। शायद यही माहौल उनके भीतर भी देश की सेवा और सेना में करियर बनाने की इच्छा को मजबूत करने में अहम रहा।

महिलाओं के लिए क्यों खास है ये उपलब्धि?

भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका पिछले कुछ दशकों में लगातार बढ़ी है। 1992 से महिलाओं को Short Service Commission के जरिए सेना में शामिल होने का रास्ता मिला। इसके बाद नीतिगत बदलावों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से महिलाओं के लिए सेना में करियर के अवसर और बढ़े। 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने Short Service Commission में सेवा दे रहीं योग्य महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों के समान परमानेंट कमीशन पर विचार करने का रास्ता साफ किया। इसी बदलते माहौल में अब मेजर नव्या शेखावत का राष्ट्रपति की ADC बनना महिला सैन्य अधिकारियों के बढ़ते दायरे की एक और बड़ी मिसाल है।

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