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कम बिजली खपत का वादा कर AC बेचा: एक महीने में ही खर्च हुई सैकड़ों यूनिट बिजली; गुना में नया AC देने का आदेश - Guna News

September 24, 2026

गुना में उपभोक्ता आयोग ने AC की अधिक बिजली खपत और विज्ञापन में किए गए दावों से जुड़े मामले में बुधवार को फैसला सुनाया है। अशोकनगर निवासी हिमांशु ने आयोग में परिवाद दायर कर बताया था कि उन्होंने MarQ कंपनी का 1 टन, 3 स्टार स्प्लिट इन्वर्टर कन्वर्टिबल A

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आवेदक के अनुसार, विज्ञापन से प्रभावित होकर उन्होंने 1 मई 2025 को फ्लिपकार्ट के माध्यम से AC खरीदा था। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन 19,990 रुपए का भुगतान किया। AC पर एक साल की वारंटी और कंप्रेसर पर 10 साल की वारंटी दी गई थी।

डिलीवरी के बाद कंपनी के इंजीनियर ने AC को आवेदक के परिसर में इंस्टॉल किया। इसके बाद AC की बिजली खपत को लेकर समस्या सामने आने लगी। आवेदक का कहना था कि विज्ञापन में किए गए दावे के विपरीत AC काफी अधिक बिजली की खपत कर रहा था।

10 दिन बाद भी बिजली खपत कम नहीं हुई शुरुआत में हिमांशु को लगा कि AC नया होने के कारण ज्यादा बिजली खपत कर रहा है। उन्होंने करीब 10 दिन तक इंतजार किया, लेकिन बिजली की खपत में कोई कमी नहीं आई। इसके बाद 19 मई 2025 को उन्होंने कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद कंपनी का टेक्नीशियन जांच के लिए पहुंचा। आवेदक के अनुसार, टेक्नीशियन ने परिसर के अन्य विद्युत उपकरण बंद कर AC की खपत की जांच की। इसमें AC द्वारा 10 मिनट में 0.3 यूनिट बिजली की खपत होना बताया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस आधार पर 8 घंटे प्रतिदिन AC चलाने पर मासिक खपत करीब 360 यूनिट तक पहुंच रही थी।

टेक्नीशियन ने बताया मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट आवेदक ने बताया कि टेक्नीशियन ने AC की फोटो और वीडियो भी बनाई थी। टेक्नीशियन ने कथित तौर पर AC में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने की बात कही और बताया कि इसे ठीक नहीं किया जा सकता।

इसके बाद भी आवेदक ने कंपनी से AC की अधिक बिजली खपत और समस्या के समाधान को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया।

आयोग ने कंपनी को दिए ये आदेश हिमांशु की ओर से अधिवक्ता सूर्य प्रकाश रघुवंशी ने पैरवी की। मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी मानी और आदेश दिया कि उपभोक्ता को नया AC उपलब्ध कराया जाए अथवा मौजूदा AC को ठीक किया जाए।

आयोग ने यह भी आदेश दिया कि यदि कंपनी नया AC उपलब्ध नहीं कराती या मौजूदा AC की समस्या दूर नहीं करती है, तो उपभोक्ता को AC की कीमत 7 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करनी होगी।