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यमुनानगर में इस बार 94 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य: 18 नर्सरियों में तैयार हो रहे 2.50 लाख पौधे, 84 प्रजातियां तैयार की जा रही - Yamunanagar News

August 16, 2026

यमुनानगर जिले में इस बार हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग ने अलग-अलग योजनाओं के तहत 115.748 हेक्टेयर क्षेत्र में 94 हजार 248 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है।

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इसके साथ ही विभाग की 18 वन नर्सरियों में तैयार किए जा रहे 2 लाख 50 हजार पौधे ग्राम पंचायतों, सरकारी स्कूलों और विभिन्न संस्थानों के माध्यम से निशुल्क वितरित किए जाएंगे। इससे सरकारी स्तर पर पौधारोपण के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बढ़ाने की योजना है।

वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए जा रहे विभिन्न प्रजातियों के पौधे।

वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए जा रहे विभिन्न प्रजातियों के पौधे।

18 नर्सरियों में तैयार हो रहे 84 प्रजातियों के पौधे

वन विभाग की ओर से जिले में संचालित 18 नर्सरियों में 84 प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें फलदार और छायादार पौधों के साथ औषधीय तथा पर्यावरण के लिए उपयोगी प्रजातियां भी शामिल हैं। इन पौधों का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले पौधारोपण के अलावा सार्वजनिक स्थलों, गांवों, स्कूलों और अन्य स्थानों पर लगाने के लिए किया जाएगा।

अभियान में अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 20 हेक्टेयर क्षेत्र में 22 हजार पौधे लगाए जाने हैं। आरडीएफ (टीपी) योजना के तहत 20 हजार हेक्टेयर में 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसी तरह वीडब्ल्यूपीएल योजना में 38 हेक्टेयर क्षेत्र में 19 हजार पौधे रोपे जाएंगे।

जानकारी देते हुए डीएफओ संदीप सिंह।

जानकारी देते हुए डीएफओ संदीप सिंह।

संस्थानों और ग्रीन बेल्ट पर भी रहेगा जोर

सरकारी और शैक्षणिक परिसरों को अधिक हरा-भरा बनाने के लिए इंस्टिट्यूशनल लैंड के तहत 30 हेक्टेयर क्षेत्र में 15 हजार पौधे लगाने की योजना है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए 5 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 हजार 500 पौधे लगाए जाएंगे। इससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास हरित क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वन विभाग ने कम जगह में अधिक हरियाली विकसित करने के लिए मियावाकी पद्धति को भी अभियान में शामिल किया है। इसके तहत महज 2 हेक्टेयर क्षेत्र में 20 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इस तकनीक के जरिए अपेक्षाकृत कम क्षेत्र में घना और तेजी से विकसित होने वाला छोटा जंगल तैयार किया जाएगा।

पौधारोपण अभियान के लिए नर्सरी में तैयार किए गए पौधे।

पौधारोपण अभियान के लिए नर्सरी में तैयार किए गए पौधे।

नर्सरियों से आम लोगों को भी मिलेंगे पौधे

पौधारोपण अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है। विभाग की ओर से तैयार किए जाने वाले 2 लाख 50 हजार पौधों का निशुल्क वितरण भी किया जाएगा। ग्राम पंचायतों, सरकारी स्कूलों और अन्य संस्थानों के माध्यम से लोगों तक पौधे पहुंचाए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और संस्थाएं अपने स्तर पर पौधे लगा सकें।

छछरौली स्थित नर्सरी के इंचार्ज सुरेंद्र ने बताया कि अकेले उनकी नर्सरी में विभिन्न प्रकार के करीब एक लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। पौधों की अच्छी ग्रोथ हो चुकी है, जिसके बाद विभाग द्वारा इनका वितरण किया जाएगा।

वन विभाग की नर्सरी में अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को तैयार किया जा रहा है।

वन विभाग की नर्सरी में अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को तैयार किया जा रहा है।

नर्सरी में तैयार पौधे अब जिले के विभिन्न हिस्सों में बढ़ाएंगे हरियाली।

नर्सरी में तैयार पौधे अब जिले के विभिन्न हिस्सों में बढ़ाएंगे हरियाली।

पौधारोपण के बाद नियमित देखभाल जरूरी

डीएफओ संदीप सिंह ने कहा कि पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेना भी जरूरी है। जनभागीदारी से ही अभियान को अपेक्षित सफलता मिल सकती है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक हरा-भरा वातावरण उपलब्ध कराना है।

वन विभाग का मानना है कि पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल सबसे अहम है। यदि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी लोग निभाएं तो जिले के हरित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।