Updated: Thursday, September 24, 2026, 8:12 [IST]
Greater Noida Yamuna Expressway Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर देर रात एक स्लीपर एसी बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।इस दर्दनाक हादसे में 9 यात्रियों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई लोगों ने खिड़की से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
हादसा जेवर थाना इलाके में जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे दयानतपुर गांव के पास हुआ। रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुई इस घटना के समय बस (नंबर BR32 PA8647) में लगभग 35 से 50 यात्री सवार थे। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास हुआ।
हादसा रात करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच हुआ। बस यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे पहुंची थी। इसी दौरान बस में आग लग गई। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है। बस ड्राइवर ने आग लगते ही वाहन को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। लेकिन तब तक अंदर धुआं तेजी से भर चुका था। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। जो लोग निकल पाए, उन्होंने बाहर भागकर जान बचाई। कुछ यात्रियों ने खिड़की से छलांग लगाई।
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में कैसे लगी आग?
शुरुआती जांच के मुताबिक आग लगने की वजह ड्राइवर की सीट के पास हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जैसे ही बस में धुआं भरा, ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। लेकिन कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर चीख-पुकार मच गई।
हादसे की प्रत्यक्षदर्शी रिंकी राजपूत ने आपबीती बताते हुए कहा,
"मैं नोएडा से बस में सवार हुई थी और सो रही थी। अचानक किसी ने जगाकर कहा कि बस में आग लग गई है। पूरे केबिन में जहरीला धुआं भर चुका था और लोगों का दम घुट रहा था। बाहर निकलने की होड़ में लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। आग चालक की तरफ से लगी थी और कई यात्री अंदर ही फंसे रह गए।"
एक यात्री ने कहा,
''बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई थी। इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। मुझे धक्का दिया गया और आखिरकार किसी ने मुझे बाहर निकाला। मुझे उसके बाद कुछ और याद नहीं है। वह पूरी तरह से धुएं से भर गया था। बाहर निकलना बहुत मुश्किल था। इतना धुआं था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लोगों का अंदर दम घुट रहा था। बहुत कम लोग बच पाए, सिर्फ वही लोग जो धक्का-मुक्की के बीच से बाहर निकल पाए, कई लोगों की जान चली गई। मेरे पीछे काफी लोग थे जो शायद बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि मैं खुद काफी देर से बाहर निकली थी।"
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह खाक हो चुकी थी। ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया,
"आग लगते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई और अपनी जान बचाने के लिए लोगों ने खिड़कियों से नीचे कूदना शुरू कर दिया। हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। दमकल टीम ने आग बुझाने के बाद बस को ठंडा करने (कूलिंग प्रोसेस) का काम किया ताकि अंदर फंसे लोगों का रेस्क्यू किया जा सके।"
घायलों को इलाज के लिए पास के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी यात्रियों को दूसरी गाड़ियों से उनके घर भिजवाया गया।
राज कल्पना ट्रैवल्स की बस, चालक से पूछताछ
हादसे में जली बस का नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। बस राज कल्पना ट्रैवल्स की थी और दिल्ली से महोबा जा रही थी। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बस के फिटनेस और परमिट समेत जरूरी दस्तावेज वैध पाए जाने की बात सामने आई है। यात्रियों को आगे के सफर के लिए वैकल्पिक वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई।
सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा बस हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर राहत और बचाव का काम तेज रखने को कहा है।
फिलहाल पुलिस आग की असली वजह और हादसे से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।