world-news

9 महीने में 1 हजार से ज्यादा जवान ढेर... पाकिस्तान में आतंक का बढ़ता ग्राफ, जानें आतंकी देश कैसे हो रहा खुद शिकार

September 30, 2026

9 महीने में 1 हजार से ज्यादा जवान ढेर… पाकिस्तान में आतंक का बढ़ता ग्राफ, जानें आतंकी देश कैसे हो रहा खुद शिकार

पाकिस्तान खुद आतंक का शिकार Image Credit source: TV9

पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और हिंसा की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा है. 30 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल पाकिस्तान में आतंकवादी और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़ी 1,098 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं. अकेले सितंबर महीने में 130 से अधिक हमलों की बात कही गई है. इन घटनाओं में आम नागरिकों के साथ-साथ पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

पाकिस्तान सिक्योरिटी वॉच के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच आतंकवादी घटनाओं और अन्य हिंसक वारदातों में 700 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है. इस आंकड़े में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए लोगों को भी शामिल बताया गया है. वहीं, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 1,080 से ज्यादा जवानों और कर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है.

पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिस को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. पेशावर के बुध बेर इलाके में CTD पुलिस स्टेशन, डेरा बुगती, डेरा इस्माइल खान के दराजिंदा, तुरबत, कुर्रम, हंगू और कोहाट पुलिस लाइंस में हुए हमलों का जिक्र किया गया है. इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद से निपटने की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं.

2025 में 1317 सुरक्षाकर्मियों की मौत

पाकिस्तान सिक्योरिटी वॉच का अनुमान है कि अगर हमलों का मौजूदा सिलसिला जारी रहा, तो दिसंबर 2026 के अंत तक एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान के 1600 से 1700 कर्मियों की मौत हो सकती है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि साल 2025 में पाकिस्तान के सुरक्षा प्रतिष्ठान के 1317 कर्मियों की मौत हुई थी. इसे 1971 के बाद सबसे ज्यादा नुकसान वाला साल बताया गया है.

PTI सरकार ने आतंकवाद से निपटने में बरती लापरवाही

इस बीच, पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी PML-N ने खैबर पख्तूनख्वा की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक श्वेत पत्र (White Paper on the Security Situation in Khyber Pakhtunkhwa) जारी किया है. इसमें मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व वाली PTI सरकार पर आतंकवाद से निपटने में कुप्रबंधन और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. प्रधानमंत्री के खैबर पख्तूनख्वा मामलों के Information Coordinator इख्तियार वली खान की ओर से पेश किए गए इस दस्तावेज में प्रांत में बढ़ती आतंकी घटनाओं और पुलिसकर्मियों की मौतों को लेकर सवाल उठाए गए हैं.

श्वेत पत्र में कहा गया है कि आतंकवाद से निपटने के लिए तैनात काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के पास पर्याप्त संख्या में कर्मचारी और जरूरी उपकरण नहीं हैं. इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल में देरी और आतंकवाद विरोधी अभियानों पर खर्च की गई रकम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.

नशे के कारोबार और सुरक्षा संस्थानों पर हमलों का भी जिक्र

PML-N के इस दस्तावेज में खैबर पख्तूनख्वा में नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने में नाकामी और सुरक्षा संस्थानों पर लगातार हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया गया है. श्वेत पत्र के जरिए PTI सरकार की सुरक्षा नीतियों, आतंकवाद विरोधी अभियानों और उन पर खर्च किए जा रहे पैसे के वास्तविक नतीजों पर जवाब मांगा गया है. हालांकि, ये आरोप PML-N की ओर से जारी श्वेत पत्र में लगाए गए हैं. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और PTI सरकार का पक्ष सामने आना बाकी है.

पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर बढ़ते सवाल

कुल मिलाकर, पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों, सुरक्षा बलों के नुकसान और आम नागरिकों की मौतों के बढ़ते आंकड़े देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने मौजूद चुनौतियों को दिखाते हैं. वहीं, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद के मुद्दे पर PML-N और PTI के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इस संकट को राजनीतिक बहस का विषय भी बना दिया है.

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण भारत की लीडिंग डिफेंस पत्रकारों में से एक हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर अपनी सटीक रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने इंडिया टीवी, न्यूज़ 24, ज़ी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, ईटीवी और रिपब्लिक भारत जैसे प्रमुख समाचार चैनलों में रिपोर्टर, एंकर, प्रोड्यूसर और खोजी पत्रकार के रूप में काम किया है. सितंबर 2022 से अंजू निर्वाण टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह रक्षा मामलों की कवरेज का नेतृत्व करती हैं, भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना की प्रगति, मिसाइल प्रणालियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कवरेज करती हैं. अंजू निर्वाण ने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है, अग्रिम पंक्ति के सैन्य अभ्यासों को कवर किया है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं.

Read More

google button