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रिटायर्ड फ्लाइंग ऑफिसर से 84 हजार की साइबर ठगी: हापुड़ में सस्ते ड्राई फ्रूट का विज्ञापन दिखाकर फंसाया; रिफंड के नाम पर खाते से रकम निकाली - Hapur News

September 12, 2026

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दानिश,हापुड़।39 मिनट पहले

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हापुड़ में भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त फ्लाइंग ऑफिसर नरेंद्र कुमार गोस्वामी साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने पहले यूट्यूब पर सस्ते ड्राई फ्रूट का विज्ञापन दिखाकर उनसे 1080 रुपए का ऑनलाइन पेमेंट कराया। सामान नहीं पहुंचा तो दोबारा संपर्क करने पर रिफंड का झांसा दिया और अलग-अलग कोड व रकम डालने के नाम पर उनके बैंक खाते से 84,325 रुपए ट्रांसफर करा लिए।

पीड़ित नरेंद्र कुमार गोस्वामी हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 29 जून 2026 को उन्होंने यूट्यूब पर ‘श्रीराम ड्राई फ्रूट’ का विज्ञापन देखा था। ऑफर पसंद आने पर उन्होंने एक-एक किलो बादाम, काजू और किशमिश का ऑर्डर किया। ठगों की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड पर उन्होंने भीम पे ऐप से 1080 रुपए का भुगतान कर दिया।

पेमेंट के बाद भी जब सामान नहीं पहुंचा तो उन्होंने 2 जुलाई को वही विज्ञापन दोबारा देखा और उसमें दिए नंबर पर फोन किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राजेश दीवान बताया। उसने जीएसटी से जुड़ी तकनीकी समस्या बताकर कहा कि 1080 रुपए का पेमेंट वापस किया जा रहा है। साथ ही सामान दोबारा कैश ऑन डिलीवरी पर मंगाने की बात कही।

रिफंड का भरोसा दिलाने के लिए पहले खाते में डाला 1 रुपया

ठग ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए फोनपे पर मर्चेंट पेमेंट की प्रक्रिया शुरू कराई। उसने एक मैसेज भेजकर उसमें 11 लिखकर पेमेंट करने को कहा। प्रक्रिया के दौरान पीड़ित के खाते में एक रुपया जमा हुआ। इससे उन्हें लगा कि वास्तव में रिफंड की प्रक्रिया चल रही है।

इसके बाद ठग ने 1080 रुपए वापस लेने के लिए 1080 के आगे एक लगाकर 10,801 रुपए डालने को कहा। पीड़ित ने ऐसा किया तो उनके खाते से 10,801 रुपए कट गए। रकम कटने पर उन्होंने ठग से आपत्ति जताई।

तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर 5-6 बार कराया ट्रांजैक्शन

रकम कटने के बाद जालसाज ने तकनीकी खराबी और देरी का बहाना बनाया। उसने अलग-अलग कोड डालने के लिए कहा और इसी तरह पीड़ित को लगातार झांसे में रखा। इस दौरान 5 से 6 किश्तों में उनके बैंक खाते से कुल 84,325 रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।

बेनेफिशियरी जोड़ने के नाम पर बैंक डिटेल मांगी, तब हुआ ठगी का पता

जब ठग ने रकम वापस करने के नाम पर लाभार्थी यानी बेनेफिशियरी जोड़ने के लिए बैंक से जुड़ी जानकारी मांगनी शुरू की, तब नरेंद्र कुमार को पूरे मामले पर शक हुआ। उन्हें समझ आया कि रिफंड के नाम पर उनके साथ साइबर ठगी की गई है।

कोतवाली देहात प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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