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मोदी के हर फैसले में ट्रंप का दखल...अमेरिकी सीनेट के एक बिल से भारत में मचा हड़कंप! केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल| Navbharat Live

August 8, 2026

मोदी के हर फैसले में ट्रंप का दखल…अमेरिकी सीनेट के एक बिल से भारत में मचा हड़कंप! केजरीवाल ने पूछे तीखे सवाल

  • Written By:

    अर्पित शुक्ला

Updated On: Aug 08, 2026 | 04:29 PM IST

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सार

India US Tariff Row: केजरीवाल ने PM मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश के फैसलों में डोनाल्ड ट्रंप का दखल है। अमेरिकी सीनेट के रूसी तेल पर टैरिफ बिल के बाद सियासत तेज हो गई है।

kejriwal on PM Modi

PM मोदी, अरविंद केजरीवाल

विस्तार

Kejriwal Attack on Modi for India US Tariff Row: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल का आरोप है कि सरकार के हर फैसले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दखल दिखता है। अरविंद केजरीवाल ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है जब अमेरिकी सीनेट ने एक बिल पास किया है और इस बिल के तहत भारत समेत पांच देशों पर रूसी तेल खरीदने के लिए 100 प्रतिशत तक टैरिफ लग सकता है।

अमेरिका का कहना है कि इस तरह के व्यापार से यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी बिल को लेकर एक खबर शेयर करते हुए केजरीवाल ने लिखा कि देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने, ट्रंप की गुलामी स्वीकार करने और भारत को अपमानित कराने के बाद मोदी देश के लिए यह स्थिति लेकर आए हैं।

हर फैसले में ट्रंप का दखल

अरविंद ने कहा कि आज देश के हर छोटे-बड़े फैसले में ट्रंप का दखल है। अरविंद केजरीवाल ने अपने पोस्ट में यह आरोप लगाया कि मोदी ट्रंप की हर बात मान लेते हैं, चाहे वो सही हो या गलत। उन्होंने कहा कि ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ फैसले लेते हैं।

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मालूम हो कि अमेरिकी सीनेट ने एक विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दी है। इस विधेयक में दावा किया गया है कि रूस के साथ तेल और पेट्रोलियम पदार्थों का व्यापार यूक्रेन युद्ध को बढ़ाने में मदद कर रहा है। सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026′ नाम के इस विधेयक को मंजूरी दी। इस विधेयक से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले पांच देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार मिलता है।

इन पांच देशों पर लगेगा टैरिफ

बता दें कि चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले पांच देश हैं। अमेरिका ने रूस पर प्रतिबंधों के साथ ही विधेयक में 1996 के ईरान प्रतिबंध अधिनियम की अवधि भी 2031 तक बढ़ाने का प्रावधान रखा है। इस बिल के पास होने के बाद भारत में भी सियासत तेज हो गई है। विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार निशाना साध रही हैं।

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बता दें कि हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा था। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि E20 पॉलिसी का मकसद अमेरिका में बचे हुए इथेनॉल के लिए भारत में बाजार बनाना था। केजरीवाल का कहना है कि सरकार ने बिना इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किए बिना जबरदस्ती E20 पॉलिसी लागू की है।

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