इटावा में समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ सैफई में स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के आंकड़ों ने स्थानीय संगठन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 79 हजार सामान्य मतदाताओं और 108 बूथों वाले सैफई ब्लॉक में स्नातक निर्वाचन के लिए केवल 1126 मतदाता पंज
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वहीं शिक्षक निर्वाचन में 317 पंजीकृत मतदाताओं में से 218 ने वोट डाले। इसके बावजूद मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी रही।
शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक सैफई ब्लॉक कार्यालय परिसर में मतदान हुआ। केंद्र के बाहर लाल टोपी पहने कार्यकर्ताओं, सपा के झंडों और गाड़ियों के काफिले के बीच स्नातक मतदाताओं की कम संख्या चर्चा का विषय बनी रही। सवाल उठे कि पार्टी के इस मजबूत गढ़ में पात्र स्नातक मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए बूथ अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों और स्थानीय नेताओं ने कितने प्रयास किए।

सपा मुखिया अखिलेश भी वोट डालने सैफई पहुंचे थे।
79 हजार सामान्य मतदाता, लेकिन स्नातक पंजीकरण सिर्फ 1126
जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला सैफई ब्लॉक समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र है। यहां विधानसभा चुनावों में पार्टी को बड़ी बढ़त मिलती रही है। इसके बावजूद स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए मतदाताओं का पंजीकरण कम रहने से संगठन की जमीनी सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सामान्य मतदाताओं की संख्या के आधार पर स्नातक मतदाताओं की वास्तविक संख्या तय नहीं की जा सकती। इसके लिए पात्र स्नातकों की संख्या का आंकड़ा भी जरूरी है।
गांवों में जागरूकता की कमी पर सवाल
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ गांवों में लोगों को स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया, पंजीकरण और प्रत्याशियों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। ऐसे में सवाल है कि पात्र लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए कितनी बैठकें की गईं और घर-घर संपर्क अभियान कितना चला। बूथ स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करना संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है।

शुक्रवार को MLC चुनाव के दौरान शिवपाल यादव समेत परिवार के नेताओं ने वोट डाला था।
कार्यकर्ताओं की भीड़ और जमीनी काम पर चर्चा मतदान केंद्र पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच यह सवाल भी उठा कि संगठन की सक्रियता केवल कार्यक्रमों, नारों और सोशल मीडिया तक सीमित तो नहीं रह गई है। राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी के साथ पात्र मतदाताओं का पंजीकरण कराने और उन्हें मतदान प्रक्रिया समझाने पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, कम पंजीकरण के पीछे संगठन की उदासीनता को एकमात्र कारण मानने से पहले अन्य वजहों की जानकारी भी जरूरी है।
रामगोपाल यादव ने कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी पर दिया जोर मतदान के बाद सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि सारी जिम्मेदारी अधिकारियों या चुनाव प्रक्रिया पर नहीं छोड़ी जा सकती। मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की भी जिम्मेदारी है। व्यवस्था में कमी है तो उसे दूर करने के लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव ने यह भी कहा कि स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव का स्वरूप विधानसभा और लोकसभा चुनावों से अलग होता है, इसलिए इनके आंकड़ों को सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। सपा के वरिष्ठ नेताओं ने किया मतदान मतदान के दौरान पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रोफेसर रामगोपाल यादव, विधायक शिवपाल सिंह यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव, विधायक तेज प्रताप यादव, सांसद अक्षय यादव, ब्लॉक प्रमुख मृदुला यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता यादव और एमएलसी मुकुल यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने सैफई पहुंचकर मतदान किया। 2027 से पहले संगठन की समीक्षा जरूरी सैफई को मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि के रूप में पहचान मिली। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में भी यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं का विस्तार हुआ। ऐसे में एमएलसी चुनाव के आंकड़े स्थानीय संगठन के लिए समीक्षा का विषय हैं।
पार्टी के सामने यह पता लगाने की जरूरत है कि कितने पात्र स्नातकों का पंजीकरण नहीं हो सका और इसके पीछे क्या कारण रहे। बूथ स्तर पर संपर्क बढ़ाना और मतदाताओं को जागरूक करना आगामी चुनावों से पहले संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। हालांकि, एमएलसी चुनाव के आंकड़े अपने आप में विधानसभा चुनाव के परिणाम का संकेत नहीं हैं।