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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, मैतेई समुदाय के छह घरों में लगाई आग, दो गिरफ्तार

July 11, 2026

मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में शनिवार को एक बार फिर तनाव बढ़ गया, जब मैतेई समुदाय के छह खाली पड़े घरों में आग लगा दी गई. यह घटना लेइमाखोंग आर्मी कैंप के पास स्थित कांटो साबल इलाके में हुई. घटना के बाद आसपास के गांवों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और सुरक्षा बलों ने संभावित सामुदायिक झड़प को रोकने के लिए इलाके में कड़ी कार्रवाई की.

अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे पड़ोसी कांगपोकपी जिले से आए लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर अंतर-जिला आर्थिक नाकेबंदी के विरोध में निकाली गई रैली के दौरान इन घरों में आग लगा दी. ये मकान मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से खाली पड़े थे.

सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के मैतेई गांवों के लोग घटनास्थल की ओर बढ़ने लगे, लेकिन सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरान तीन लोगों को मामूली चोटें आईं.

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600 लोगों की भीड़ आगे बढ़ रही थी
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि करीब 600 लोगों की भीड़ प्रभावित इलाके की ओर बढ़ रही थी, लेकिन समय रहते हस्तक्षेप कर बड़े सामुदायिक टकराव को टाल दिया गया. आगजनी में कुछ घर जल गए, हालांकि समय रहते आग को फैलने से रोक लिया गया. इस घटना में किसी की मौत नहीं हुई.

मणिपुर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस, सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स और सेना की संयुक्त टीम ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हेंगजांग गांव के प्रमुख और लेइमाखोंग एरिया प्रोटेक्शन कमेटी के अध्यक्ष कमांग ल्होवुम (65) तथा खुंखो कूकी गांव के निवासी पागिन हैंगशिंग (30) के रूप में हुई है. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है.

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि सुरक्षा बल तैनात होने के बावजूद घरों में आग लगा दी गई और जब लोग मौके पर पहुंचना चाहते थे तो उन्हें रोक दिया गया.

इस घटना पर कई सामाजिक संगठनों ने भी सरकार की आलोचना की है और सभी समुदायों को समान सुरक्षा देने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कूकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और राज्य में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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