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सार
Datia By Election Result: दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का कब्जा बरकरार, घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,025 वोटों से हराया, नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटना भाजपा को पड़ा भारी।

घनश्याम सिंह (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज)
विस्तार
Ghanshyam Singh Won Datia By Election: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम सोमवार को घोषित हो गया। इस चुनाव में कांग्रेस ने अपनी सीट बचाने में सफलता हासिल की, जबकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,025 वोटों से पराजित कर जीत दर्ज की। यह परिणाम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भाजपा ने इस सीट पर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह नया चेहरा उतारा था।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, भाजपा को झटका
दतिया विधानसभा सीट पर मतदान 30 जुलाई को हुआ था, जबकि मतगणना सोमवार को पूरी हुई। चुनाव परिणाम के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को कुल 66,757 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 60,732 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांग्रेस ने 6,025 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। यह जीत प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना बना चर्चा का विषय
भाजपा ने इस उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। टिकट बदलने के फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आई थी। चुनाव प्रचार के दौरान भी इस मुद्दे की काफी चर्चा रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन के भीतर असंतोष का असर चुनावी नतीजों पर भी देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी नरोत्तम मिश्रा इसी सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों हार गए थे।
क्यों कराना पड़ा दतिया में उपचुनाव?
दरअसल, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने दतिया सीट से जीत दर्ज की थी। बाद में एक पुराने आपराधिक मामले में अदालत से सजा मिलने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला लिया। कांग्रेस ने इस बार राजेंद्र भारती की जगह घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया और पार्टी ने एक बार फिर यह सीट अपने नाम कर ली।
परिणाम के राजनीतिक मायने
दतिया उपचुनाव का परिणाम भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। कांग्रेस ने जहां अपनी सीट बचाकर संगठन को मजबूती देने का संदेश दिया है, वहीं भाजपा को लगातार दूसरी बार इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
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खास बात यह रही कि उम्मीदवार बदलने की रणनीति भी भाजपा के लिए सफल साबित नहीं हुई। आने वाले समय में यह परिणाम मध्य प्रदेश की राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक समीकरणों पर असर डाल सकता है।
