world-news

नूंह में मदरसा छात्राओं ने दिखाया देशप्रेम: कुरान-तिरंगे के साथ निकली तिरंगा यात्रा, 500 से ज्यादा बच्चों ने लिया हिस्सा - Haribhoomi

August 12, 2026

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व नूंह में पसमांदा फाउंडेशन के तत्वावधान में तिरंगा यात्रा आयोजित की गई। फाउंडेशन ने मदरसों में केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कंप्यूटर व आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थी तकनीकी ज्ञान हासिल कर आगे बढ़ सकें।

Pasmanda Foundation TirangaYatra.

नूंह में 500 से ज्यादा मदरसा छात्र- छात्राओं ने निकाली तिरंगा यात्रा।

  • Published: 12 Aug 2026, 04:39 PM IST
  • Last Updated: 12 Aug 2026, 04:39 PM IST

नूंह में मदरसा छात्राओं ने दिखाया देशप्रेम: स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह शहर में बुधवार को मदरसा विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा निकालकर देशप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया। पसमांदा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में विभिन्न मदरसों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान कई छात्राओं के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में तिरंगा नजर आया।

तिरंगा यात्रा यासीन मेव डिग्री कॉलेज से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजार से होते हुए गांधी पार्क पहुंची। रास्तेभर छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर चलते रहे। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इसे देखा और विद्यार्थियों की भागीदारी चर्चा का विषय बनी।

'धार्मिक शिक्षा और देशप्रेम एक-दूसरे के विरोधी नहीं' का दिया संदेश
पसमांदा फाउंडेशन के निदेशक मोहम्मद मेराज राईन ने कहा कि इस यात्रा के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि धार्मिक शिक्षा और देशप्रेम एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।

उन्होंने मदरसों को लेकर बनाई जाने वाली नकारात्मक धारणाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मदरसे के विद्यार्थियों के हाथ में कुरान है, लेकिन उनके दिल में देश के प्रति भी उतना ही सम्मान और प्रेम है।

फाउंडेशन के सदस्यों के मुताबिक, एक हाथ में कुरान और दूसरे में तिरंगा रखने का संदेश यही है कि धार्मिक शिक्षा के साथ देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना भी कायम रह सकती है। उन्होंने कहा कि मदरसे के विद्यार्थी भी देश की तरक्की और समाज की मुख्यधारा में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।

छात्र-छात्राओं के हाथों में दिखाई दिया तिरंगा 
तिरंगा यात्रा में छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि मदरसे में पढ़ने वाली बेटियां अब शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों और देशहित से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं के हाथों में तिरंगा दिखाई दिया। आयोजकों ने इसे सामाजिक एकता और देशप्रेम की भावना को मजबूत करने वाली पहल बताया।

मोहम्मद मेराज राईन ने मदरसों में कंप्यूटर शिक्षा बढ़ाने की मांग
मोहम्मद मेराज राईन ने मदरसों में आधुनिक शिक्षा और कंप्यूटर सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का जिक्र किया, जिसमें मदरसा विद्यार्थियों के एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में कंप्यूटर का माउस होने की बात कही गई थी।

राईन ने कहा कि मदरसों में कंप्यूटर शिक्षा को केवल भाषणों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए सुविधाएं और संसाधन बढ़ाए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा से मदरसा विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान मिलेगा और वे बदलते समय के साथ आगे बढ़ सकेंगे।

गांधी पार्क पहुंचकर यात्रा का किया समापन
यासीन मेव डिग्री कॉलेज से शुरू हुई तिरंगा यात्रा शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए गांधी पार्क पहुंची। आयोजकों के मुताबिक, यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशप्रेम की भावना को मजबूत करना और समाज में यह संदेश देना था कि शिक्षा, धार्मिक आस्था और राष्ट्रप्रेम साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

हरियाणा के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या शानदार अनुभव के लिए प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें।