
श्री चरणी का गजब रिकॉर्ड (फोटो-GETTY IMAGES)
Shree Charani Record: Women’s Asia Cup 2026 के फाइनल में टीम इंडिया की एंट्री हो गई है. बांग्लादेश को टीम इंडिया ने आसानी से हरा दिया और इस जीत में श्री चरणी का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने 4 ओवर में महज 14 रन देकर 1 विकेट झटका. इस दौरान श्री चरणी ने एक ओवर मेडन भी फेंका. बता दें श्री चरणी ने इस मैच में जो एक विकेट लिया वो उन्हें एक मुकाम तक ले गया. श्री चरणी के टी20 इंटरनेशनल में पचास विकेट पूरे हो गए और वो सबसे तेजी से विकेटों का अर्धशतक लगाने वाली भारतीय गेंदबाज बन गईं. श्री चरणी ने ये रिकॉर्ड तो बनाया लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गेंदबाज का करियर कोविड 19 की वजह से चमका था. आइए आपको बताते हैं कैसे?
श्री चरणी के 50 टी20 विकेट पूरे
टी20 इंटरनेशन में श्री चरणी ने महज 29 मैचों में 50 विकेट पूरे किए. वर्ल्ड रिकॉर्ड की बात करें तो टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज 50 विकेट चीन की Mengting Liu के नाम है. उन्होंने 28 मैचों में ये कमाल किया है. लेकिन आईसीसी की पूर्ण सदस्यता वाले देशों की बात करें तो न्यूजीलैंड की लेह कासप्रेक, वेस्टइंडीज की अनीसा मोहम्मद ने भी 29 मैचों में ये कमाल किया है.
श्री चरणी की बात करें तो इस खिलाड़ी ने महज 22 साल 37 दिन की उम्र में 50 टी20 इंटरनेशनल विकेट पूरे किए हैं. वो राधा यादव के बाद सबसे यंग स्पिनर हैं जिन्होंने ये कमाल किया है. राधा यादव ने 20 साल, 334 दिन की उम्र में 50 टी20 इंटरनेशनल विकेट लिए थे.
श्री चरणी का करियर कोरोना वायरस की वजह से चमका!
श्री चरणी आज भारत की सबसे बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं. वो विकेट भी चटकाती हैं और रन भी कम देती हैं. क्या आप जानते हैं कि ये खिलाड़ी तेज गेंदबाज थीं लेकिन कोरोना वायरस की वजह से वो स्पिनर बन गईं. कोरोना वायरस के दौरान उनका करियर प्रभावित हुआ और उन्होंने लॉकडाउन के दौरान स्पिन बॉलिंग शुरू की. बाएं हाथ की स्पिनर बनने के बाद श्री चरणी ने कमाल ही कर दिया. बता दें श्री चरणी को उनके पिता बैडमिंटन खिलाड़ी बनाना चाहते थे लेकिन श्री चरणी को क्रिकेट पसंद था. उन्होंने अपने पिता को एक साल तक मनाया. मां और मामा के सपोर्ट के चलते वो क्रिकेटर बन पाईं. साल 2025 में श्री चरणी ने डेब्यू किया और वो आईसीसी टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर 1 पर भी पहुंचीं.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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