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Reliance-Blinkit और Zomato से जुड़े कर्मचारियों पर FIR

October 17, 2026

महाराष्ट्र में ₹48 लाख से ज्यादा के एक्सपायर्ड और खराब खाद्य उत्पादों की बरामदगी के बाद Reliance Consumer Products, Reliance Retail, Blinkit और Zomato Hyperpure से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, महाराष्ट्र FDA ने ठाणे और पुणे जिलों में छापेमारी के दौरान इन उत्पादों को जब्त किया. शुरुआती जांच में आरोप है कि नष्ट किए जाने वाले खाद्य उत्पादों को कथित तौर पर दोबारा बिक्री के लिए बाजार में पहुंचाया जा रहा था.

14 और 15 अक्टूबर को हुई छापेमारी

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 14 और 15 अक्टूबर को कई ठिकानों पर जांच की. अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए सामान की कुल कीमत ₹48,09,924 है. जांच में सामने आया कि एक्सपायर्ड, खराब और ग्राहकों की ओर से लौटाए गए खाद्य उत्पादों को नष्ट करने के बजाय कथित तौर पर डिस्पोजल एजेंसियों, बिना लाइसेंस वाले छंटाई केंद्रों और बिचौलियों के जरिए बेचने के लिए भेजा गया.

FIR में 10 लोगों के नाम

ठाणे के शांतिनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में चारों कंपनियों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा डिस्पोजल एजेंसियों के संचालकों और स्थानीय सप्लायरों के नाम शामिल हैं. इनमें Reliance Consumer Products के होल-टाइम डायरेक्टर वी. सुब्रमण्यम, अशोक कुमार सिंह, Reliance Retail के प्रतिनिधि विजय भीकाजी खरमाले और वेयरहाउस मैनेजर नीलेश रामदासराव देशमुख शामिल हैं.

Blinkit और Hyperpure के निदेशकों पर FIR

FIR में Blinkit Commerce के डायरेक्टर अरबिंदर सिंह धिंसा और दीपक सिंह के साथ Zomato Hyperpure से जुड़े आबिद शेख का नाम भी है. इसके अलावा बीके डिस्पोज के बाबर मियां अहमद सिद्दीकी, सप्लायर गुलजार अब्दुल खान, भिवंडी के चविंद्रा और डिस्काउंट स्टोर के अब्दुल मोबिन खान को भी नामजद किया गया है. मामला खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

कहां से कितना सामान जब्त हुआ?

FDA सूत्रों के मुताबिक, भिवंडी के एक डिस्पोजल यार्ड से ₹24 लाख से ज्यादा के उत्पाद मिले. वहीं, वाडपे स्थित Reliance Consumer Products के वेयरहाउस से करीब ₹4.92 लाख और उसाटणे स्थित Zomato Hyperpure की फैसिलिटी से लगभग ₹7.81 लाख का सामान जब्त किया गया. ये तीनों जगहों से मिली बरामदगी का हिस्सा हैं; कुल जब्त सामान की कीमत ₹48.09 लाख से ज्यादा बताई गई है.

नष्ट करने के दस्तावेजों में भी गड़बड़ी का आरोप

PTI को सूत्रों ने बताया कि जिन उत्पादों को नष्ट किया जाना था, उनके निपटारे से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिलीं. आरोप है कि कुछ डिस्पोजल एजेंसियों ने उत्पाद नष्ट करने के प्रमाणपत्र जारी किए, लेकिन इस प्रक्रिया की पर्याप्त जांच नहीं की गई. रिकॉर्ड में सामान की मात्रा और भेजने-प्राप्त करने वालों की जानकारी में भी अंतर पाया गया.

बिचौलियों और सप्लायरों को बेचे गए पैकेट

जांच के दौरान भिवंडी के बिना लाइसेंस वाले यार्ड में खाद्य उत्पादों की छंटाई किए जाने का आरोप सामने आया. कथित तौर पर बिक्री लायक दिखने वाले पैकेट अलग करके बिचौलियों और सप्लायरों को बेचे गए. बाद में गुलजार नगर, भिवंडी की एक दुकान पर एक्सपायर्ड और लीक हो रहे उत्पाद बिक्री के लिए रखे मिले. अधिकारियों के मुताबिक, दुकान के पास लाइसेंस और खरीद के बिल भी नहीं थे.

पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

FDA ने जांच के लिए सहायक आयुक्तों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की सात टीमें बनाई थीं. टीमों ने सामान की सूची तैयार की, उत्पाद जब्त किए, नमूने लिए और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए. जब्त उत्पादों की बिक्री, आवाजाही और नष्ट करने पर भी रोक लगाई गई.

5 फर्म्स के लाइसेंस रद्द

15 अक्टूबर को सुनवाई के बाद पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए. इसके अलावा चार बिना लाइसेंस वाले परिसरों का संचालन बंद करा दिया गया. मामले में FIR दर्ज होना आरोपों की जांच की शुरुआत है; संबंधित लोगों की दोषसिद्धि अभी साबित नहीं हुई है.

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