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- Patna Cyber Fraud Case | Pratapgarh Police Arrest Two For 42 Crore Scam
मनु कुमार सिंह | प्रतापगढ़2 घंटे पहले
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प्रतापगढ़ में क्राइम ब्रांच ने बुधवार शाम 4:30 बजे बड़े साइबर अपराध गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था।
पुलिस के मुताबिक, एक साल में करीब 42.65 करोड़ रुपए की ठगी की रकम इन खातों के जरिए ट्रांसफर की गई। अलग-अलग बैंकों में 109 फर्जी फर्मों के खाते सक्रिय मिले हैं।

शाकिब और संदीप गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाकिब खान और संदीप कुमार के रूप में की है। शाकिब खान पटना के फ्रेजर रोड का रहने वाला है और मूल रूप से वाराणसी का निवासी है। वहीं संदीप कुमार पटना के बंदर बगीचा का रहने वाला है।
2.50 लाख रुपए की साइबर ठगी से शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत 16 जुलाई 2026 को हुई थी। देहात कोतवाली क्षेत्र के भुवालपुर डोमीपुर निवासी डॉ. सुमनेश सिंह के बैंक खाते से साइबर ठगी के जरिए 2.50 लाख रुपए निकाल लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी दौरान क्राइम ब्रांच को फर्जी खातों और फर्मों के नेटवर्क का पता चला।
लैपटॉप, मोबाइल और बैंक दस्तावेज बरामद
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से लेनोवो लैपटॉप, पीओएस मशीन, 6 मोबाइल फोन, 6 पेन ड्राइव, कार्ड रीडर, डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस और 8 जीबी चिप बरामद की है। इसके अलावा कई बैंकों की चेकबुक, एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज भी मिले हैं।

विज्ञापन कारोबार की आड़ में नेटवर्क चलाने का आरोप
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शाकिब खान अपने पिता के विज्ञापन कारोबार की आड़ में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट, फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं, कोरियर के नाम पर ठगी और वायरस वाले APK के जरिए लोगों को निशाना बनाता था।
जाली दस्तावेजों से खुलवाते थे बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, गिरोह जाली किरायानामा, फर्जी उद्यम, MSME और GST दस्तावेज तैयार करता था। इनके आधार पर अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी फर्में रजिस्टर कराई जाती थीं। इसके बाद बैंकों में करंट और कॉर्पोरेट खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था। जांच में एक ही पते और मोबाइल नंबर से कई फर्मों के पंजीकरण की बात भी सामने आई है।
500 से ज्यादा साइबर शिकायतों से जुड़े मिले खाते
पुलिस के मुताबिक, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खाते और मोबाइल नंबर देशभर की 500 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से लिंक मिले हैं। अब पुलिस संबंधित राज्यों की साइबर क्राइम इकाइयों से समन्वय कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मामलों की जांच कर रही
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