पटना2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

पटना के बापू सभागार में शनिवार को मानव तस्करी (Human Trafficking) को लेकर पूर्वी जोन का एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में बिहार के साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के पुनर्वास और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा करना रहा।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए. अमानुल्लाह, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बिहार के DGP समेत न्यायपालिका और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बापू सभागार में मानव तस्करी को लेकर सम्मेलन की तस्वीरें…

CM सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन की शुरुआत की।

सम्मेलन में CM सम्राट चौधरी के साथ कई विशिष्ठ अतिथि शामिल हुए।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस, पटना हाईकोर्ट के जस्टिस के साथ CM सम्राट चौधरी।
CM सम्राट ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मिसिंग चिल्ड्रेन की दिशा में बेहतर काम करने के लिए आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है, उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता के सुझाव पर कहा, ‘इस तरह के बच्चियों और पीड़ितों को स्किल्ड बनाकर पुनर्वास का भी ख्याल रखा जाएगा। इस दिशा में भी काम किया जाएगा।’

अब समय कर्मभूमि से जुड़कर जन्मभूमि को संवारने का है- सम्राट चौधरी
उन्होंने राज्य से बाहर रह रहे लोगों से भी अपील किया, ‘अब समय आ गया है कि कर्म भूमि से जुड़कर जन्म भूमि को संवारा जाए। यहां के लोगों को इंडस्ट्रीज और रोजगार से जोड़कर स्थिर करने की जरूरत है।’
उन्होंने बिजनेस मैन अनिल अग्रवाल का भी अपने संबोधन में जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अनिल अग्रवाल जैसे लोग राज्य से बाहर गए हैं। देश दुनिया में बिहार का नाम आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे लोगों को जिन्हें देश दुनिया में खुद को स्थापित करना है।’

लापता बच्चों को खोजने के लिए तकनीकी डेवलपमेंट जरूरी- एडवोकेट जनरल
एडवोकेट जनरल बिहार एस.डी. संजय ने कहा, ‘एक ऐसे मैकेनिज्म को डेवलप करने की जरूरत है, अगर कोई बच्चा किसी भी राज्य से लापता हो तो उसके बारे में आसानी से पता लगाया जा सके। बिहार में पूरे प्रदेश की पुलिस को सेंसटाइज किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का वेब कास्ट भी किया जा रहा है। सभी थाने इससे जुड़े हैं, ताकि सभी इसके बारे में समझ सके।’
चार राज्यों के प्रतिनिधि हुए शामिल
एक दिवसीय सम्मेलन में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की भागीदारी है। चारों राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ न्यायिक अधिकारियों की ओर से मानव तस्करी से जुड़े मामलों और इसकी रोकथाम को लेकर चर्चा की जा रही है।

सम्मेलन में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अधिकारी भी शामिल हुए।
रोकथाम और कार्रवाई पर मंथन
सम्मेलन में मानव तस्करी के मामलों की पहचान, तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई, पीड़ितों को कानूनी सहायता और उनके पुनर्वास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। साथ ही राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सम्मेलन में न्यायपालिका और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मानव तस्करी के खिलाफ प्रभावी रणनीति तैयार करने और कानून के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा हो रही है।
.
खबरें और भी हैं...
ग्राउंड रिपोर्ट
पटना बवाल- 3cr की गाड़ियां फूंकीं,500 पर केस-20 हिरासत में: जिनकी गाड़ियां फूंकी गईं वो 1 घंटे दहशत में रहे; बोले- मौत सामने थी
3:02- कॉपी लिंक
शेयर
पटना में एक्सीडेंट के बाद 10 गाड़ियों में लगाई आग..VIDEO: 7 घंटे तक गुस्साए लोगों ने किया हंगामा, 9 थानों की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा
0:29- कॉपी लिंक
शेयर
LIVE
खगड़िया में पुल के ऊपर बह रही गंगा: दियारा इलाके में मुश्किलें बढ़ीं; आज बिहार के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट
0:59- कॉपी लिंक
शेयर
पटना यूनिवर्सिटी का आज दीक्षांत समारोह: 38 स्टूडेंट्स गोल्ड मेडल से होंगे सम्मानित, 1305 पीजी विद्यार्थियों को मिलेगी डिग्री
- कॉपी लिंक
शेयर