Dungarpur Police Fake Currency Bust: शाहिद कपूर स्टारर वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर जाली नोट छापने से प्रेरित हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने इंटरनेट से तरकीबें सीखीं, चीन की प्रसिद्ध ई-कॉमर्स ऐप ‘अलीबाबा’ से नोट छापने का रॉ-मटीरियल मंगवाया और डूंगरपुर में किराए के मकान में नकली नोट छापने की मिनी फैक्ट्री खोल ली.
पहली ही खेप में 5 लाख के जाली नोट सप्लाई करने की कोशिश में जब गिरोह के सदस्य पकड़े गए, तो सरगना अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया. डूंगरपुर पुलिस ने 25 दिनों तक लगातार जांच और 4 राज्यों में छापेमारी करते हुए 1,300 किलोमीटर तक पीछा कर सरगना समेत कुल 6 आरोपियों को धर दबोचा.
अंबाला के आनंद को ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखकर आया आइडिया
पुलिस पड़ताल में इस हाई-टेक अपराध की पूरी साजिश की परतें उघड़ी हैं. अंबाला (हरियाणा) निवासी आनंद राजपूत ने साल 2023 में ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी थी, जिसके बाद उसने इंटरनेट पर नकली नोट छापने की तरकीबें तलाशीं. आनंद ने नोट छापने के लिए विशेष पेपर और रॉ-मटीरियल चीन की ‘अलीबाबा’ ऐप से ऑर्डर करके मंगवाया. दुर्ग (छत्तीसगढ़) के तरुण मालेकर ने टेलीग्राम के जरिए आरोपियों को नोट छापने की हाई-क्वालिटी ‘PSD फाइल’ उपलब्ध कराई थी. कानपुर (यूपी) के मोहम्मद आरिफ ने पेपर सप्लाई की भूमिका निभाई.
1,300 किमी पीछा कर लुधियाना स्टेशन से पकड़ा गया मास्टरमाइंड
29 सितंबर को रामसागड़ा इलाके में भारी मात्रा में नकली नोट खपाने की सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया था. डूंगरपुर एसपी मनीष कुमार के मुताबिक, गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड रवि मिश्रा उर्फ आशीष (प्रतापगढ़, यूपी) पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था. पुलिस टीम ने 3 दिनों तक 1,300 किलोमीटर पीछा करने के बाद उसे पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से दबोचा. जांच में पता चला कि आनंद और रवि की दोस्ती सोशल मीडिया पर हुई थी. जब आनंद ने रवि को नोट छापने वाला पेपर भेजा, तो रवि ने उसे असली नोट देने के बजाय कागज के टुकड़े पार्सल कर ब्लॉक कर दिया था.
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों की सूची
- रवि कुमार मिश्रा उर्फ आशीष मिश्रा: गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड (निवासी: प्रतापगढ़, यूपी).
- आनंद राजपूत उर्फ पुष्कर उर्फ डॉ. करण: मास्टरमाइंड का सहयोगी (निवासी: अंबाला कैंट, हरियाणा).
- मोहम्मद आरिफ: स्पेशल पेपर सप्लायर (निवासी: कानपुर, यूपी).
- तरुण मालेकर: टेलीग्राम पर PSD फाइल भेजने वाला (निवासी: दुर्ग, छत्तीसगढ़).
- भावेश खटीक: स्थानीय स्तर पर जाली नोट खपाने/सप्लाई करने वाला.
- नयन जोशी: स्थानीय स्तर पर जाली नोट सप्लाई करने वाला.
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प्रिंटर, लैपटॉप और नोट गिनने की मशीनें जब्त
पुलिस ने मिनी फैक्ट्री और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है. जाली नोटों के अलावा हाई-टेक कलर प्रिंटर, नोट गिनने की ऑटोमैटिक मशीन, लेमिनेशन मशीन, लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं. पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच कर यह पता लगा रही है कि इन्होंने अब तक देश में कहां-कहां और कितने लाख रुपये के नकली नोट बाजार में खपाए हैं.

तन्वी गुप्ता
तन्वी गुप्ता मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की रहने वाली हैं. स्कूल-कॉलेज धर्मशाला से करने के बाद शिमला में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से MMC की पढ़ाई की. मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. चंडीगढ़, हैदराबाद में नौकरी करने के बाद फिलहाल दिल्ली में जॉब कर रही हैं. प्रिंट, टेलीविजन के बाद 2017 से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रही हैं. इससे पहले आजतक, न्यूज18, द ट्रिब्यून, ईटीवी भारत और इंडिया न्यूज सहित कुछ अन्य मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं. क्राइम, इतिहास और साइंस एक्सपेरिमेंट्स की खबरों में खास रूचि है. फिलहाल टीवी9 डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम संभाल रही हैं. नौकरी के अलावा खेल-कूद और घूमने फिरने में भी काफी दिलचस्पी है. नेशनल लेवल पर वॉलीबॉल और बैडमिंटन खेल चुकी हैं. साथ ही खो-खो खेल में भी स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं. इसके अलावा एनसीसी 'C' सर्टिफिकेट प्राप्त है. गाना सुनना तो पसंद है ही. लेकिन सिंगिंग का भी शौक रखती हैं. स्कूल और कॉलेज लेवल पर सिंगिंग में भी काफी पुरस्कार मिल चुके हैं.
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