
मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में 16 सितंबर की शाम से 17 सितंबर की सुबह के बीच सरकारी कार्यालयों और पुलिस परिसरों को निशाना बनाकर चार पेट्रोल बम हमले किए गए। इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लगातार हुए हमलों के बाद शहर में सरकारी कार्यालयों और पुलिस परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हमलों के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
DHS कैंपस में पेट्रोल बम से लगी आग
गुरुवार तड़के लैतुमखरा इलाके में डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DHS) के कैंपस पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंका। बम गिरने के बाद परिसर में आग लग गई। घटना की सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आग पर काबू पाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, हमले के समय परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस हमलावरों की पहचान के लिए CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
पुलिस बूथ को भी बनाया निशाना
इसी दौरान अज्ञात उपद्रवियों ने तड़के नॉन्गमेंसॉन्ग इलाके में स्थित एक पुलिस बूथ को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस इस घटना को भी पेट्रोल बम हमलों की कड़ी से जोड़कर जांच कर रही है।पुलिस और प्रशासन ने घटनाओं के बाद शहर के संवेदनशील सरकारी और पुलिस परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों की ओर से इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस स्टेशन के पास भी फेंका गया पेट्रोल बम
DHS कैंपस और पुलिस बूथ पर हमले से कुछ घंटे पहले बुधवार रात लुमडिएंगजरी पुलिस थाने को भी निशाना बनाया गया था। अज्ञात हमलावरों ने पुलिस स्टेशन पर पेट्रोल बम फेंका था। यह बम थाने के प्रभारी अधिकारी के कमरे के पिछले हिस्से में जाकर गिरा।हमले में कमरे को मामूली नुकसान पहुंचा। हालांकि, पुलिस स्टेशन में मौजूद किसी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस ने टना से जुड़े सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
लगातार हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलों के पीछे कौन लोग थे और इन घटनाओं को अंजाम देने का उद्देश्य क्या था।पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटनास्थलों से जुटाए गए अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं।
लगातार हुए हमलों के मद्देनजर शिलॉन्ग में सरकारी कार्यालयों और पुलिस परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।