बाहर बारिश हो रही है. अंदर टनल में पानी रास्ता रोक रहा है. मशीनें लगातार चल रही हैं. पंप पानी निकालने में जुटे हैं. रेस्क्यू टीम मलबे के बीच रास्ता बनाने की कोशिश कर रही है. और इन सबके बीच तीन परिवारों की नजरें एक ही जगह टिकी हैं- टनल के उस हिस्से पर, जहां उनके अपने अब भी लापता हैं. उत्तराखंड के चमोली में THDC टनल हादसे के बाद 36 घंटे से ज्यादा वक्त बीत चुका है. एक शव मलबे से और मिला है, वहीं दो मजदूर अभी लापता हैं.
सवाल यह है कि वे किस हालत में हैं? इसका जवाब तभी मिलेगा, जब रेस्क्यू टीम उन तक पहुंच पाएगी. कुल 22 मजदूर हादसे की चपेट में आए थे. इनमें से 19 मजदूरों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 2 मजदूर अब भी लापता हैं. रेस्क्यू अभियान के दौरान 8 मजदूरों की मौत भी हो चुकी है. ऐसे में बचाव दल के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर फंसे तीन मजदूरों तक पहुंचना है.

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रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी मुश्किल टनल में लगातार आ रहा पानी है. पानी निकालने के लिए कई पंपिंग मशीनें लगाई गई हैं. मशीनें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन पानी का आना पूरी तरह रुक नहीं रहा. यानी रेस्क्यू टीम एक तरफ पानी निकालती है और दूसरी तरफ पानी फिर रास्ता रोकने लगता है. टनल के अंदर आगे बढ़ना इसलिए भी मुश्किल है, क्योंकि पानी के बाद मलबे का सामना करना पड़ेगा. और मलबा हटाना कोई आसान काम नहीं होगा. बचावकर्मियों को एक-एक कदम बेहद सावधानी से आगे बढ़ना होगा, ताकि रेस्क्यू के दौरान कोई और खतरा पैदा न हो.
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फिलहाल तीन लोग लापता हैं. उनकी स्थिति क्या है? वे टनल के किस हिस्से में हैं? क्या वे सुरक्षित जगह पर हैं? क्या उनके आसपास पानी पहुंच चुका है? इन सवालों का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. और यही वजह है कि रेस्क्यू टीम की पहली प्राथमिकता उन तीनों तक पहुंचना है. क्योंकि जब तक टीम वहां तक नहीं पहुंचती, तब तक सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है. असली स्थिति तभी सामने आएगी जब रेस्क्यूकर्मी उन्हें खोज पाएंगे.

बारिश के बीच टनल पहुंचे अनिल बलूनी
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी देर शाम पीपलकोटी पहुंचे. बारिश लगातार हो रही थी. इसके बावजूद बलूनी सड़क मार्ग से THDC की उस टनल तक पहुंचे, जहां तीन लोग अब भी लापता हैं. उन्होंने मौके पर पहुंचकर जिलाधिकारी और THDC के अधिकारियों से बातचीत की.

सवाल वही था कि रेस्क्यू जल्द से जल्द कैसे पूरा किया जाए? बलूनी ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और टनल के अंदर फंसे लोगों तक जल्द पहुंचने के लिए की जा रहीं कोशिशों को समझा. मौके का निरीक्षण करने के बाद वह जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे.
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गोपेश्वर जिला अस्पताल में टनल से निकाले गए घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है. अनिल बलूनी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और यह समझने की कोशिश की कि हादसे के बाद घायलों की स्थिति कैसी है.

मुख्यमंत्री ने क्या बताया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जानकारी मिलते ही रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया था. 18 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जबकि बाकी लोगों को निकालने का अभियान जारी है. 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर हायर सेंटर भेजा जाएगा. बाकी घायलों का इलाज गोपेश्वर में चल रहा है. धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की भी जानकारी दी.

टनल के अंदर पानी है. मलबा है. बाहर बारिश है. और अंदर तीन जिंदगियों की तलाश है. पंप लगातार चल रहे हैं. रेस्क्यू टीम रास्ता बनाने में जुटी है. अधिकारी मौके पर हैं. सांसद और मुख्यमंत्री हालात पर नजर बनाए हुए हैं. अभी किसी को नहीं पता कि वे तीनों किस हालत में हैं. उनकी हालत का सच तभी सामने आएगा, जब रेस्क्यू टीम उन तक पहुंचेगी. फिलहाल हर मिनट कीमती है. हर पंप की आवाज के साथ उम्मीद जुड़ी है. हर हटते मलबे के साथ परिवारों की धड़कन बढ़ रही है. और हर रेस्क्यूकर्मी की कोशिश यही है कि टनल के उस अंधेरे हिस्से तक पहुंचा जाए, जहां तीन लोग अब भी जिंदगी की उम्मीद में हैं.
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