मोहाली जिला अदालत कोर्ट ने नशीले कैप्सूल बेचने के मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ मोनू को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को पहले ही काटी जा चुकी 34 दिन की जेल की सजा और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 7 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बरामद 120 कैप्सूल 'गैर-व्यावसायिक मात्रा' के अंतर्गत आते हैं। आरोपी परिवार में अकेला कमाने वाला है, उसकी 5 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। इन सभी तथ्यों और आरोपी के जेल में बिताए समय (34 दिन) को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह सजा सुनाई।
दो प्वाइंट में जाने से कैसे दबोचा
1. 1 मई 2019 की शाम करीब 7:10 बजे, सीआईए-2 मुबारिकपुर के तत्कालीन प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रकाश मसीह अपनी पुलिस टीम के साथ प्राइवेट गाड़ी में मुबारिकपुर-डेराबस्सी रोड पर 'टी-पॉइंट, फोकल पॉइंट' के पास गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के लिए मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम को एक सटीक गुप्त सूचना मिली कि गुरविंदर सिंह उर्फ मोनू फी समय से नशीले कैप्सूल बेचने का धंधा कर रहा है। सूचना थी कि वह फोकल पॉइंट डेराबस्सी से मुबारिकपुर की तरफ ऊंचे दामों पर नशीले कैप्सूल बेचने के लिए पैदल या मोटरसाइकिल पर आ रहा है और यदि नाकाबंदी की जाए तो उसे भारी मात्रा में कैप्सूलों के साथ रंगे हाथों दबोचा जा सकता है।
2. रात करीब 8 बजे फोकल प्वाइंट की तरफ से एक युवक पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोकने के लिए टॉर्च से इशारा किया। सामने पुलिस को देखकर युवक घबरा गया और तुरंत पीछे मुड़कर भागने लगा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर गिर गया।
पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान गुरविंदर सिंह उर्फ मोनू के रूप में हुई। काले बैग में मिले 15 पत्ते, हर स्ट्रिप में 8 कैप्सूल पुलिस के मुताबिक, युवक के दाहिने हाथ में काले रंग का पॉलिथीन बैग था। तलाशी लेने पर उसमें से स्पैस्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस के 15 पत्ते मिले।
हर पत्ते में 8 कैप्सूल थे। इस तरह कुल 120 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। बरामद कैप्सूल का बैच नंबर जेयू10199 बताया गया है। पुलिस ने युवक से इन्हें रखने संबंधी लाइसेंस या परमिट मांगा, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
लैब की रिपोर्ट नशे की पुष्टि हुई
बरामद कैप्सूलों को मौके पर ही सील कर पुलिस ने कब्जे में ले लिया। बाद में फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल), फेज-4 मोहाली की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कैप्सूलों में ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड नामक प्रतिबंधित साल्ट मौजूद था। रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद गुरविंदर सिंह उर्फ मोनू को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 के तहत दोषी करार दिया।