
शिलांग, 28 अगस्त (आईएएनएस)। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के तहत, मेघालय के उत्तरी गारो हिल्स जिले की चार विधानसभा सीटों के कुल 34,730 मतदाताओं की पहचान सत्यापन के लिए की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि ये मतदाता सूची 2005 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या उनके मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं।
उत्तरी गारो हिल्स जिले के निर्वाचन अधिकारी एमएसएन मारक के अनुसार, सत्यापन के लिए चिन्हित 30,580 मतदाताओं को अब तक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
सुनवाई प्रक्रिया, जो 18 अगस्त को शुरू हुई थी, जिले के सभी मतदान केंद्रों पर चल रही है।
27 अगस्त तक, चारों निर्वाचन क्षेत्रों के कुल 190 मतदान केंद्रों में से 47 में सुनवाई पूरी हो चुकी थी।
खारकुट्टा विधानसभा क्षेत्र में सत्यापन की आवश्यकता वाले मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। यहां सत्यापन वाले 11,796 मामले दर्ज किए गए हैं।
10,890 मतदाताओं को नोटिस वितरित किए जा चुके हैं, जबकि इसके 62 मतदान केंद्रों में से 14 में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
मेंडीपाथर में, अधिकारियों ने सत्यापन के लिए 6,830 मतदाताओं की पहचान की और उनमें से 5,720 को नोटिस जारी किए। इस क्षेत्र के 40 मतदान केंद्रों में से 12 में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
रेसुबेलपारा में सत्यापन की आवश्यकता वाले मतदाताओं की संख्या 7,685 दर्ज की गई, जिनमें से 6,720 को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके 41 मतदान केंद्रों में से नौ में अब तक सुनवाई पूरी हो चुकी है।
इस बीच, बजेंगडोबा में 8,419 मतदाताओं के सत्यापन की आवश्यकता बताई गई है। 7,250 मतदाताओं को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जबकि निर्वाचन क्षेत्र के 47 मतदान केंद्रों में से 12 में सुनवाई पूरी हो चुकी है।
जिला प्रशासन ने बताया कि उत्तर गारो हिल्स जिला प्रशासन की वेबसाइट पर प्रकाशित कार्यक्रम के अनुसार शेष मतदान केंद्रों में सुनवाई जारी है।
दावे और आपत्तियों की अवधि, जो 5 अगस्त से शुरू हुई थी, 4 सितंबर तक खुली रहेगी। इसके बाद, नोटिस जारी करने और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली है।
अधिकारियों ने बताया कि जिला एसआईआर हेल्पलाइन पर अभी तक कोई कॉल नहीं आई है। यह चल रही प्रक्रिया मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन करना और विसंगतियों को दूर करना है।
--आईएएनएस
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