world-news

31 जुलाई या 31 अगस्त….ITR फाइलिंग की डेडलाइन पर दूर करें हर कन्फ्यूजन

July 29, 2026

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख को लेकर इस समय देश के लाखों करदाताओं के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई लोगों को ऐसा लग रहा है कि वे 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त तक अपनी रिटर्न आराम से फाइल कर सकते हैं। हालांकि, आयकर विभाग के सख्त नियमों के अनुसार ऐसा हर टैक्सपेयर के लिए संभव नहीं है। आपके लिए आईटीआर दाखिल करने की सही डेडलाइन क्या होगी, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई का जरिया क्या है और आप आयकर विभाग का कौन सा फॉर्म भर रहे हैं।

नौकरीपेशा और सामान्य आय वालों के लिए 31 जुलाई ही अंतिम मौका

आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, यदि आप नौकरीपेशा हैं, पेंशनभोगी हैं या फिर आपकी कमाई सिर्फ मकान के किराए, कैपिटल गेन या अन्य सामान्य स्रोतों से होती है, तो आपके लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही है। ऐसे टैक्सपेयर्स सामान्य तौर पर आईटीआर-1 या आईटीआर-2 फॉर्म भरते हैं और इन्हें सरकार की तरफ से 31 अगस्त तक का कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया गया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने भी फिलहाल 31 जुलाई की इस डेडलाइन को आगे बढ़ाने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, इसलिए ऐसे करदाताओं को आखिरी दिन का इंतजार किए बिना अपनी रिटर्न भर देनी चाहिए।

31 अगस्त की रियायत केवल बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर्स को

31 अगस्त 2026 तक आईटीआर भरने की छूट केवल उन सीमित टैक्सपेयर्स के लिए है, जो आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इस श्रेणी में वे लोग आते हैं जिनकी आय किसी बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट कराना अनिवार्य नहीं होता। टैक्स एक्सपर्ट्स स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि सिर्फ एक महीने का अतिरिक्त समय पाने के लालच में कोई भी सामान्य व्यक्ति अपनी मर्जी से आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फॉर्म का चुनाव नहीं कर सकता।

गलत फॉर्म भरने पर डिफेक्टिव हो सकती है रिटर्न, भारी नुकसान का खतरा

टैक्स मामलों के जानकारों का कहना है कि गलत आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना आपको बहुत महंगा पड़ सकता है। यदि आपकी वास्तविक आय के स्रोत और चुने गए फॉर्म में अंतर पाया जाता है, तो इनकम टैक्स विभाग आपकी रिटर्न को त्रुटिपूर्ण यानी डिफेक्टिव घोषित कर सकता है। ऐसी स्थिति में आपको नोटिस जारी कर एक तय समय के भीतर सही फॉर्म के साथ दोबारा रिटर्न फाइल करनी होगी। यदि यह प्रक्रिया डेडलाइन बीतने के बाद पूरी होती है, तो आपकी रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न माना जाएगा, जिस पर जुर्माना और पेनल्टी लग सकती है।

फॉर्म भरते समय इन गलतियों से बचें, समय पर फाइलिंग के हैं अनेक फायदे

इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स से अपील की है कि वे कल कर लेंगे वाली सोच छोड़कर समय रहते अपनी रिटर्न फाइल कर लें। एक्सपर्ट्स के मुताबिक आईटीआर भरते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। करदाताओं को अपनी आय के अनुसार सही आईटीआर फॉर्म का ही चुनाव करना चाहिए और सिर्फ फॉर्म-16 पर निर्भर न रहकर अपने एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी एआईएस और फॉर्म 26AS से सभी आंकड़ों का सही मिलान करना चाहिए। इसके अलावा विदेशी संपत्तियों या क्रिप्टो निवेश से हुई कमाई की जानकारी बिल्कुल नहीं छिपानी चाहिए। अपनी बचत के हिसाब से सही टैक्स रिजीम का चयन करने के साथ ही रिटर्न सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन करना भी अनिवार्य है, वरना रिटर्न अमान्य हो जाएगी।

समय पर आईटीआर दाखिल करने से आप लेट फीस और भारी ब्याज से तो बचते ही हैं, साथ ही किसी भी प्रकार के कैपिटल या बिजनेस लॉस को अगले वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी मिलता है। इसके अलावा, जल्दी टैक्स रिफंड पाने और बैंक लोन या विदेश के लिए वीजा आवेदन में एक मजबूत वित्तीय रिकॉर्ड दिखाने के लिए भी समय पर आईटीआर भरना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है।

You Might Be Interested In

  • जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप का कहर, गैस विस्फोट से पूरा शॉपिंग मॉल तबाह; 13 लोगों की दर्दनाक मौत
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ वारंट जारी, अदालत ने 19 सितंबर को पेश होने को कहा; जानें क्या है मामला  
  • भारतीय नाविकों पर हमले बर्दाश्त नहीं, होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही बहाल हो…संयुक्त राष्ट्र  में भारत का कड़ा संदेश
  • आंध्र प्रदेश के भक्त ने साईं बाबा को भेंट किया 1 करोड़ का सोने का मुकुट, देखकर हर कोई रह गया दंग
  • ट्रंप का दावा- ईरान परमाणु समझौते के लिए बेहद इच्छुक, विफलता पर फिर हमले की दी चेतावनी
  • CWG 2026: 34 गोल्ड के साथ टॉप पर ऑस्ट्रेलिया, 12 मेडल जीतकर नौवें स्थान पर भारत