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राजस्थान: 302 निकायों में 200 पर बीजेपी का कब्जा, कांग्रेस ने जीते 94 निकाय

September 21, 2026

राजस्थान के शहरों की सरकार चुनने की तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है. प्रदेश के 309 नगरीय निकायों में से 302 के चेयरपर्सन चुनाव का फैसला हो चुका है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, BJP ने 200 निकायों में बोर्ड बनाया है, जबकि कांग्रेस 94 पर है. यानी दोनों दलों के बीच 106 निकायों का अंतर है. अब सिर्फ 7 निकायों के नतीजे बाकी हैं.

इस पूरे नतीजे को सिर्फ एक नंबर से समझना आसान नहीं होगा. BJP 200 बोर्ड के साथ दोहरा शतक बना चुकी है.कांग्रेस 94 बोर्ड पर है. BJP के खाते में 6 नगर निगम, 31 नगर परिषदें और 162 नगर पालिकाएं हैं. कांग्रेस को 1 नगर निगम, 13 नगर परिषदें और 80 नगर पालिकाओं में बोर्ड मिले हैं. दोनों से अलग 8 निकायों में दूसरे दलों या निर्दलीयों का बोर्ड बना है.

मेयर चुनाव ने इस तस्वीर को और दिलचस्प बनाया है. अब तक 7 नगर निगमों के मेयर चुने जा चुके हैं. इनमें BJP के 6 मेयर बने हैं, जबकि कांग्रेस को एक नगर निगम मिला है. BJP ने अजमेर, उदयपुर, अलवर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा में मेयर पद हासिल किया. बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला मेयर बने.

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मेयर चुनाव में क्या बदला?

निकाय चुनाव के वार्ड नतीजे हमेशा मेयर का सीधा नतीजा तय नहीं करते. अजमेर इसका साफ उदाहरण रहा. यहां कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे, जबकि BJP के पास 32. इसके बावजूद BJP की अनामिका शर्मा मेयर चुनी गईं. उन्हें 43 वोट मिले. कांग्रेस को 37 वोट मिले. इस नतीजे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम रही.

पाली में भी कुछ ऐसा ही हुआ. वार्ड चुनाव में कांग्रेस के पास 29 पार्षद थे, BJP के पास 21. फिर भी मेयर का पद BJP के खाते में गया. अलवर में भी BJP ने मेयर की कुर्सी हासिल की, जबकि वहां किसी एक दल के पास साफ बहुमत नहीं था. यानी चेयरपर्सन चुनाव में सिर्फ यह देखना काफी नहीं कि वार्ड में किसके पास कितने पार्षद हैं.

नगर पालिकाओं में BJP 162 पर

राजस्थान की 252 नगर पालिकाओं में से 248 के नतीजे घोषित हो चुके हैं. आंकड़ों के मुताबिक BJP ने 162 नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को 80 नगर पालिकाओं में सफलता मिली. 6 जगह दूसरे दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों के उम्मीदवार चेयरपर्सन बने हैं. चार नगर पालिकाओं का फैसला अभी बाकी है.

नगर परिषदों की बात करें तो 47 में से 46 के नतीजे आ चुके हैं. BJP ने 31 परिषदों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस 13 पर रही. दो नगर परिषदों में दूसरे दलों या निर्दलीयों ने जीत हासिल की. एक नगर परिषद का नतीजा अभी बाकी है.

बारां में AAP का बोर्ड, स्थानीय समीकरण भी चर्चा में

इस चुनाव में BJP और कांग्रेस के अलावा दूसरे दलों ने भी कुछ जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. बारां नगर परिषद में AAP की शीतल राठौड़ सभापति चुनी गईं. जो कि राजस्थान में AAP का पहला नगर परिषद बोर्ड है. इसके अलावा, निर्दलीयों की भूमिका भी कई जगह अहम रही. जहां किसी दल के पास साफ बहुमत नहीं था, वहां एक-एक पार्षद का समर्थन बोर्ड की दिशा बदल सकता था. अजमेर, पाली जैसे नतीजों ने यह बात साफ दिखाई.

जयपुर, जोधपुर और कोटा का फैसला बाकी

राजस्थान के 10 नगर निगमों में अभी 3 का फैसला होना बाकी है. जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव 25 सितंबर को होंगे. इन जगहों पर दोबारा मतदान वाले वार्डों की वजह से चुनाव कार्यक्रम आगे खिसका है.

इसका मतलब यह है कि मौजूदा आंकड़े पूरी तस्वीर नहीं हैं. अभी 8 निकायों का अंतिम फैसला बाकी है. इनमें 3 नगर निगम, 1 नगर परिषद और 4 नगर पालिकाएं शामिल हैं.
 

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