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30 लाख इनामी TSPC सुप्रीमो बृजेश गंझू का लंबा आपराधिक इतिहास, चतरा में 50 से अधिक मामले दर्ज

September 20, 2026

Ranchi :  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुठभेड़ के दौरान मारा गया टीएसपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ दुलारचंद गंझू उर्फ सरदार उर्फ रंजन उर्फ फुलचंद गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता का चतरा जिले में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ चतरा जिले के अलग-अलग थानों में 50 से अधिक मामले दर्ज थे.

बृजेश गंझू चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुटू सोहावन गांव का रहने वाला था. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, जबरन वसूली, पुलिस पर हमला, आगजनी, हथियार रखने और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने के आरोप शामिल हैं. कई मामलों में यूएपीए, सीएलए एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगायी गयी थीं.

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बृजेश गंझू के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में सिमरिया, वशिष्टनगर और हंटरगंज थाना क्षेत्र के केस शामिल हैं. वहीं टंडवा थाना में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. इनमें रंगदारी, लेवी वसूली, हत्या के प्रयास, हथियार और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े मामले प्रमुख हैं.

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रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1996 से लेकर 2025 तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. इनमें सिमरिया थाना कांड संख्या 71/96 और 92/96 में हत्या, अपहरण, पुलिस के साथ मारपीट और आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं हैं. इसके अलावा सिमरिया के कई अन्य मामलों में हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और प्रतिबंधित संगठन से जुड़े आरोप दर्ज हैं.

टंडवा थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ वर्ष 2014 से 2025 तक कई मामले दर्ज हुए. इनमें रंगदारी, जबरन वसूली, हत्या के प्रयास, हथियार अधिनियम और सीएलए एक्ट के मामले शामिल हैं. वर्ष 2021 में भी उसके खिलाफ लगातार कई केस दर्ज हुए. वहीं वर्ष 2025 के टंडवा थाना कांड संख्या 19/25 में बीएनएस की धाराओं के साथ सीएलए एक्ट लगाया गया था.

लावालौंग, मयूरहंड, पत्थलगड्डा, गिद्धौर और पिपरवार थाना क्षेत्रों में भी बृजेश गंझू के खिलाफ मामले दर्ज थे. पिपरवार थाना कांड संख्या 45/17 में हत्या समेत गंभीर धाराएं लगायी गयी थीं. वहीं सदर थाना क्षेत्र के मामलों में रंगदारी और यूएपीए से संबंधित धाराएं दर्ज हैं.

वाराणसी में एनकाउंटर के बाद खुली पुरानी फाइलें

बृजेश गंझू के वाराणसी में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद चतरा पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी सामने आयी है. पुलिस के अनुसार, उस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था.