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रिम्स में कैंसर दवा लूट: 4 गुना कीमत वसूला

October 3, 2026

Updated: Sat, 3 Oct 2026 01:00 PM (IST)

प्रभात खबर स्टिंग ऑपरेशन रिम्स अस्पताल

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रिम्स के कैंसर वार्ड में इलाज कराने वाले मरीजों के परिजनों से दवाओं के नाम पर 4 गुना ज्यादा पैसे वसूलने का मामला सामने आया है. डिस्काउंट देने का झांसा देकर दवा दुकानदार एमआरपी से ज्यादा कीमत ले रहे हैं.

रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान 'रिम्स' (RIMS) के कैंसर वार्ड में बेबस और लाचार मरीजों की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है. निजी अस्पतालों के बाद अब राज्य के प्रीमियर सरकारी अस्पताल रिम्स में भी कैंसर रोधी दवाइयों पर कमीशनखोरी का बड़ा खेल सामने आया है. मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) पर 30 से 40 प्रतिशत डिस्काउंट का झांसा देकर मरीजों से वास्तविक खरीद दर से दो से चार गुना अधिक कीमत वसूली जा रही है. इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए दवा कंपनियों ने बाकायदा रिम्स के कैंसर विंग में अपने प्रतिनिधि (MR) तैनात कर रखे हैं, जो सीधे डॉक्टरों के साथ मिलकर दवाओं की कीमतें और अपना कमीशन तय करते हैं.

प्रभात खबर की पड़ताल : आइसीयू और वार्ड तक MR की सीधी पहुंच

सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रभात खबर संवाददाता ने कैंसर वार्ड में एक मरीज के परिजन का सहारा लेकर पड़ताल शुरू की. वार्ड में भर्ती मरीजों के टेबल पर मिली दवाओं की वास्तविक कीमत और मरीजों से ऐंठी गई रकम में बड़ा अंतर मिला, पड़ताल के दौरान जब संवाददाता ने दवा प्रतिनिधि को कॉल किया, तो उसने साफ कहा, "दवा तो मिल जाएगी, एमआरपी पर 30-40% छूट देंगे. डॉक्टर साहब ने ही इतने में कीमत तय की है, न इससे कम करेंगे और न ज्यादा लेंगे." रोजाना 4 से 5 मरीजों को दवाइयां देकर प्रतिनिधि 10,000 से 12,000 रुपये का अवैध कमीशन आपस में बांट रहे हैं. इतना ही नहीं, मरीजों को कोई वैध बिल न देकर फर्जी तरीके से किसी स्टॉकिस्ट/दुकान के नाम से रसीद थमा दी जाती है.

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'कर्ज लेकर खरीद रहे दवा': चरवा उरांव का छलका दर्द

रिम्स कैंसर वार्ड में भर्ती बेड़ो निवासी चरवा उरांव ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें 16,500 रुपये में दो वायल इंजेक्शन दिए गए, जिन्हें दवा प्रतिनिधि ने सीधे वार्ड के पास लाकर दिया. चरवा ने बताया कि उन्होंने किसी तरह मजदूरी व कर्ज का इंतजाम कर ये पैसे दिए हैं, जबकि डॉक्टरों व कंपनियों के लिए उस दवा की असल थोक कीमत महज 3,800 से 4,000 रुपये के बीच है. रिम्स जैसे सरकारी अस्पताल में गरीब मरीजों से इस तरह की खुली लूट प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.

रिम्स कैंसर वार्ड में दवाओं की वसूली का सच

दवा का नाम / कंपोजिशनवास्तविक खरीद कीमत (₹)मरीजों से ली गई कीमत (₹)दवा पर छपी MRP (₹)
डेनोसुमैब (60 मिग्रा/मिली)3,800–4,0008,50016,401.55
ऑक्सालीप्लेटिन (100 मिग्रा)1,500–1,6003,7005,354.00
पारासिटामोल इंजेक्शन40–50350462.66

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