पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े एक वरिष्ठ आतंकी ने दावा किया है कि पिछले तीन से चार वर्षों में 30 से ज्यादा लश्कर आतंकियों की धुरंधर स्टाइल में हत्या की गई। लश्कर के आतंकी रिजवान हनीफ ने इन हत्याओं के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों का हाथ होने का फर्जी दावा किया। उसने अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। भारत सरकार पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज कर चुकी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख और वरिष्ठ कमांडर रिजवान हनीफ यह दावा करता दिख रहा है कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने "अज्ञात हमलावरों" की मदद से लश्कर के कई आतंकियों की हत्या कराई।
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Rizwan Hanif, identified as a senior Lashkar-e-Taiba operative, claims that more than 30 Lashkar members have been killed over the past 3–4 years.
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He says the killings occurred in places including Rawalpindi, Karachi, Rawalakot, Muzaffarabad, and Peshawar.
He describes the… pic.twitter.com/RMA5HzKR1v— Colonel Mayank Chaubey (@col_chaubey) August 3, 2026
हिंदू धर्म पर की क्या आपत्तिजनक टिप्पणी?
हनीफ के मुताबिक, ये घटनाएं कराची, पेशावर, रावलपिंडी और पीओके के मुजफ्फराबाद तथा रावलाकोट में हुईं। आतंकी भर्ती और सीमा पार घुसपैठ में भूमिका के लिए कुख्यात रिजवान हनीफ वीडियो में हनीफ हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक और घृणा फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करता भी सुनाई देता है।
कई आतंकियों की हो चुकी है हत्या
पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा मारे गए प्रमुख लश्कर आतंकियों में अबू सैफुल्लाह उर्फ रजाउल्लाह निजामानी का नाम भी शामिल है। वह वर्ष 2006 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय पर हुए हमले का आरोपी था। उसकी सिंध में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
भारत ने पहले भी खारिज किए हैं ऐसे आरोप
यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। हनीफ ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया है। भारत सरकार पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है।
हाल ही में ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि कुलगाम में दो गैर-स्थानीय मजदूरों और अनंतनाग में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश लश्कर कमांडर लतीफ भट और उसके सहयोगी वारिस शाह ने रची थी। जुलाई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लश्कर प्रमुख हाफिज सईद को आरोपी बनाया था।
कैसे बना लश्कर-ए-तैयबा?
लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना 1980 के दशक के आखिर में पाकिस्तान में हाफिज मोहम्मद सईद, जफर इकबाल और अब्दुल्ला अज्जाम ने की थी। यह संगठन 'मरकज-उद-दावा-व-अल-इरशाद' का उग्रवादी विंग था, जिसकी स्थापना सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान हुई थी। सोवियत सेना की अफगानिस्तान से वापसी के बाद संगठन ने अपना ध्यान जम्मू-कश्मीर पर केंद्रित कर दिया।
भारत, अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देशों ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। भारत और कई पश्चिमी देशों का लंबे समय से आरोप रहा है कि इस संगठन को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है।