दिल्ली में 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता से मारपीट हुई थी. इस मामले में निशु और उसके पिता संजय कुमार की शिकायत पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो CJP-कांग्रेस ने थाने के बाद धरना दिया. विवाद बढ़ता देख संसद मार्ग थाना पुलिस ने FIR में POCSO, BNS और IT एक्ट की धाराएं भी एड कर ली गईं. अब स्वतंत्र भारद्वाज पर यौन उत्पीड़न और पीछा करने, एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लग गए हैं और मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.
चंद्रशेखर आजाद और राहुल गांधी का निशु को समर्थन
FIR में नई धाराएं जुड़ने के बाद पुलिस ने 12 घंटे के अंदर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया. शाम को ही कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश करके एक दिन के रिमांड पर लिया गया. क्योंकि नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार की बेटी के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे थे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी वीडियो जारी करके निशु आजाद को समर्थन दिया था. इसके अलावा CJP के कार्यकर्ता थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि FIR में बाद में जोड़ी गई सभी धाराएं जमानती हैं और तुरंत गिरफ्तारी की बाध्यता नहीं है.
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स्वतंत्र के खिलाफ इन धाराओें के तहत दर्ज की गई FIR
1. धारा 78 BNS (पीछा करना)- महिला का पीछा करने या उसकी गतिविधियों पर नजर रखने पर इस धारा के तहत केस दर्ज होता है. लेकिन यह जमानती धारा है और 3 साल की जेल हो सकती है.
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2. धारा 79 BNS (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना)- महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर इस धारा के तहत केस दर्ज होता है. यह भी जमानती धारा है और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है.
3. धारा 351 BNS (आपराधिक धमकी)- धमकाने या डराने के आरोप में इस धारा के तहत केस दर्ज किया जाता है. यह जमानती धारा है और 2 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.
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4. धारा 12 POCSO एक्ट (बच्चे का यौन उत्पीड़न)- बच्चे के यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में इस धारा के तहत केस दर्ज किया जाता है. यह जमानती धारा है और 3 साल जेल की सजा हो सकती है.
5. धारा 67 IT एक्ट (ऑनलाइन अश्लील सामग्री)- इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील सामग्री भेजने या वायरल से जुड़े मामलों में इस धारा के तहत केस दर्ज होता है. 5 साल तक की जेल और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है.
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जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में मारपीट से मामला गहराया
बता दें कि स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट की थी. मामले में पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया गया है. इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें स्वतंत्र ने संजय कुमार का सिर फोड़ने की बात कबूली और चिराग पासवान का नाम लेते हुए अपने खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने की शेखी बघारी. उसने ही संजय कुमार के वीडियो में 60 टांके लगने का दावा भी किया. इस वीडियो के बार मामला गरमा गया. CJP कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और चंद्रशेखर आजाद भी निशु आजाद को लेकर थाने पहुंचे.
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