मोगा जिले के अधीन आते उपमंडल धर्मकोट में राजस्व विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपए मूल्य की 5 एकड़ जमीन हड़पने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है।
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शातिरों ने जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत दिखाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। धर्मकोट पुलिस ने शिकायत के आधार पर तहसीलदार के रीडर सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गांव पंडोरी अराईयां निवासी जसप्रीत कौर द्वारा मोगा SSP को दी गई शिकायत और बयानों के आधार पर पुलिस ने तहसीलदार धर्मकोट के रीडर हरविन्द्र सिंह ग्लोटी, वरिन्द्रजीत सिंह (निवासी मौजगढ़) जैमल सिंह (सेवादार, निवासी माहनपुर, जम्मू-कश्मीर) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जीवित पिता को कागजों में दिखा दिया 'मृत'
शिकायतकर्ता जसप्रीत कौर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके पिता पीपल सिंह ने अपनी कुल 15 एकड़ जमीन में से 5-5 एकड़ जमीन उनके और उनकी बहन कुलवंत कौर के नाम पर की थी। जसप्रीत कौर ने अपनी 5 एकड़ जमीन अपने पति चंचल सिंह के नाम कर दी थी। पति की मृत्यु के बाद यह जमीन नियमनुसार उनकी बेटियों किरनदीप कौर और राजदीप कौर के नाम आ गई थी।
जसप्रीत कौर का आरोप है कि इस जमीन का खाता साझा था। इसका फायदा उठाते हुए मुख्य आरोपी वरिन्द्रजीत सिंह ने तहसीलदार के रीडर व अन्य विभागीय कर्मचारियों के साथ सांठगांठ की। आरोपियों ने जसप्रीत कौर के पिता पीपल सिंह को सरकारी दस्तावेजों में 'मृत' घोषित कर दिया, जबकि वह असल में आज भी जीवित हैं।
इस फर्जी मौत के प्रमाण और जाली रिपोर्टों के सहारे आरोपियों ने जसप्रीत कौर और उनके पिता की जमीन चुपके से अपने नाम करवा ली। मामले की जांच कर रहे कमालके पुलिस चौकी के प्रभारी थानेदार गुरप्रीत सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग के रीडर सहित तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक केस दर्ज कर लिया गया है।
गिरफ्तार के लिए टीमें गठित, की जा रही छापेमारी
आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जांच अधिकारी ने दावा किया कि जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इस घटना के बाद मोगा के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है, और पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस घोटाले में विभाग के कुछ अन्य उच्चाधिकारी या कर्मचारी भी शामिल तो नहीं हैं।