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आगरा में साइबर ठगों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा: 297 अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 7 करोड़ रुपये कराए गए रिकवर - Up18 News

September 6, 2026

आगरा। देशव्यापी साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत आगरा पुलिस कमिश्नरेट को एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। आगरा के साइबर क्राइम थाने ने करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले 297 शातिर अपराधियों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई के चलते अब तक 100 से अधिक कुख्यात ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि ठगी के शिकार हुए लोगों के लगभग सात करोड़ रुपये वापस दिलाने व फ्रीज कराने में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है।

डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तैयार हुई मजबूत चार्जशीट

साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीमों ने विवेचना के दौरान वैज्ञानिक और पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों को अपनी कार्रवाई का मुख्य आधार बनाया। अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन, और पीड़ितों के बैंक खातों से ट्रांसफर हुई रकम के लेन-देन की गहराई से छानबीन कर ठोस सबूत जुटाए गए। इसके आधार पर कुल 297 अपराधियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है, जिनमें वर्ष 2025 के 176 और जनवरी से अगस्त 2026 के बीच के 121 शातिर अपराधी शामिल हैं।

​13 राज्यों में फैला था नेटवर्क, 100 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जुलाई 2026 के दौरान पुलिस ने एक साथ देश के 100 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर 60 से ज्यादा अपराधियों को दबोचा था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह का जाल देश के कुल 13 राज्यों में फैला हुआ था और इन्होंने 50 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया था। यह गिरोह मुख्य रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल और क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाता था।

हजारों मोबाइल और IMEI नंबर हमेशा के लिए ब्लॉक

साइबर अपराधियों के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगरा पुलिस ने तकनीकी मोर्चे पर भी कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अपराध में इस्तेमाल किए गए 7,742 मोबाइल फोन के IMEI नंबरों को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर ब्लॉक करा दिया गया है। इसके अलावा, ठगी और फर्जी कॉलिंग के लिए इस्तेमाल हो रहे 1,928 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी बंद कराया गया है।

​आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ‘डिजिटल अरेस्ट’ या लुभावने ऑनलाइन ऑफर्स के झांसे में न आएं। किसी भी साइबर फ्रॉड या संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।