Updated On: Jul 11, 2026 | 04:55 PM IST
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सार
Pune Cleanliness Drive: आषाढ़ी वारी पालकी प्रस्थान के बाद पुणे मनपा ने चलाया महा-स्वच्छता अभियान। 1 दिन में 271.841 मैट्रिक टन कचरा समेटा, कसबा-विश्रामबाग वाडा विभाग ने किया सर्वाधिक काम।

पुणे मनपा स्वच्छता अभियान (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Ashadhi Wari Pune PMC Solid Waste Management: आषाढ़ी वारी के दौरान ज्ञानोबा-तुकाराम के जयघोष से गूंजे पुणे शहर ने इस वर्ष भक्ति, सेवा और स्वच्छता का अनूठा संगम देखा। संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालकियों के शहर से प्रस्थान करने के बाद पुणे महानगरपालिका ने युद्धस्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर मात्र एक दिन में 271.841 मैट्रिक टन कचरे का संकलन किया।
लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद शहर को कम समय में फिर से स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में मनपा की यह सफलता सुनियोजित प्रबंधन और सफाई कर्मचारियों की अथक मेहनत का उदाहरण बन गई।
इस वर्ष मनपा ने सेवा वारी की अवधारणा को केवल नारे तक सीमित न रखते हुए उसे धरातल पर भी उतारा। मनपा की आईईसी टीम ने पालकी मार्ग और पड़ाव स्थलों पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक, जनजागरण फलक तथा ओला और सुका मैस्कॉट के जरिए श्रद्धालुओं और नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा जिम्मेदार कचरा प्रबंधन का संदेश दिया। अभियान का उद्देश्य यह था कि श्रद्धा के साथ स्वच्छता का संकल्प भी हर नागरिक अपनाए।
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गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संकलन
10 जुलाई को जारी मनपा की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष अभियान के तहत 54.462 मैट्रिक टन गीला कचरा और 217.379 मैट्रिक टन सूखा कचरा एकत्र किया गया। इस तरह कुल 271।841 मैट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संकलन और निष्पादन किया गया। पालकी मार्ग, मंदिर परिसर, पड़ाव स्थल और सार्वजनिक स्थानों पर जमा निर्माल्य, प्लास्टिक, पानी की बोतलें, कागज, खाद्य सामग्री के अवशेष तथा अन्य ठोस कचरे को कुछ ही घंटों में हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ कर दिया गया।
कसबा-विश्रामबाग वाडा विभाग सबसे आगे
मनपा के 15 क्षेत्रीय कार्यालयों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इनमें कसबा-विश्रामबाग वाडा क्षेत्रीय कार्यालय ने सर्वाधिक 102.550 मैट्रिक टन कचरे का संकलन कर पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद नगर रोड-येरवडा विभाग ने 50।300 मैट्रिक टन, वारजे-कर्वेनगर विभाग ने 42.025 मैट्रिक टन, विश्रामबाग वाडा विभाग ने 21.970 मैट्रिक टन तथा ढोले पाटिल रोड विभाग ने 14.000 मैट्रिक टन कचरा एकत्रित किया।
इसके अलावा कोथरुड-बावधन विभाग से 6.520 मैट्रिक टन, धनकवडी-कात्रज-आंबेगांव विभाग से 5.003 मैट्रिक टन, औंध-बाणेर विभाग से 4.880 मैट्रिक टन, सिंहगढ़ रोड विभाग से 3.603 मैट्रिक टन, बिबवेवाड़ी विभाग से 1.600 मैट्रिक टन, हड़पसर-मांजरी विभाग से 1.100 मैट्रिक टन, जबकि येरवडा वडगांवशेरी विभाग से 0।174 मैट्रिक टन कचरे का संकलित किया गया।
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मनपा ने ‘निर्मल वारी, हरित वारी’ का दिया संदेश
स्वच्छता अभियान के साथ मनपा ने वारी के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। अधिकारियों ने बताया कि वारी केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी का भी उत्सव उत्सव है। है। जनजागरण कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे सेवा वारी की अवधारणा को व्यापक समर्थन मिला।
आषाढी वारी जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के बाद पुणे शहर की सफाई व्यवस्था को कम समय में सामान्य स्थिति में लाना किसी भी नगर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। पुणे मनपा ने सुनियोजित रणनीति, बेहतर समन्वय और सफाई कर्मचारियों की समर्पित मेहनत के बल पर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया।
भक्ति के इस महापर्व के बाद स्वछता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मनपा ने एक बार फिर साबित किया कि जनसहभागिता और प्रभावी प्रबंधन के बल पर निर्मल वारी, हरित वारी का संकल्प पूरी तरह साकार किया जा सकता है।
