Ashraf Ali Khan MLA Fund Report के चार वित्तीय वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि शामली जिले की थाना भवन विधानसभा सीट से विधायक अशरफ अली खान ने वर्ष 2023-24 से 2026-27 के बीच कुल 270 विकास कार्यों की संस्तुति की। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग की विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना की विधायकवार रिपोर्ट के अनुसार इनमें 265 प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली, जबकि पांच कार्य निरस्त किए गए। उपलब्ध चारों रिपोर्टों में उनका कोई प्रस्ताव स्वीकृति के लिए लंबित दर्ज नहीं है।
अशरफ अली खान की विधायक निधि से संबंधित वर्षवार आंकड़ों में एक महत्वपूर्ण बात सामने आती है। चार वर्षों में अनुशंसित कुल कार्यों के मुकाबले लगभग 98.15 प्रतिशत प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। केवल 1.85 प्रतिशत प्रस्ताव निरस्त हुए। कार्यों की संख्या के आधार पर 2024-25 सबसे सक्रिय वित्तीय वर्ष रहा, जब विधायक ने 102 कार्यों की संस्तुति की। वहीं 2026-27 की रिपोर्ट में केवल दो नए कार्य दर्ज हैं और दोनों को मंजूरी मिल चुकी है।
हालांकि, इन रिपोर्टों को रुपये में विधायक निधि के खर्च का विवरण नहीं माना जाना चाहिए। चारों आधिकारिक PDF में कार्यों की संस्तुति, स्वीकृति की समयावधि, लंबित और निरस्त प्रस्तावों का विवरण है। इनमें प्रत्येक कार्य की लागत, जारी राशि, वास्तविक भुगतान, पूर्णता या निर्माण गुणवत्ता का विस्तृत वित्तीय हिसाब उपलब्ध नहीं है।
अशरफ अली खान विधायक निधि रिपोर्ट: चार वर्षों के प्रमुख आंकड़े
| वित्तीय वर्ष | अनुशंसित कार्य | 45 दिन में स्वीकृत | 45 से 60 दिन में स्वीकृत | 60 दिन के बाद स्वीकृत | कुल स्वीकृत | लंबित | निरस्त |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2023-24 | 68 | 68 | 0 | 0 | 68 | 0 | 0 |
| 2024-25 | 102 | 65 | 1 | 35 | 101 | 0 | 1 |
| 2025-26 | 98 | 59 | 0 | 35 | 94 | 0 | 4 |
| 2026-27 | 2 | 2 | 0 | 0 | 2 | 0 | 0 |
| कुल | 270 | 194 | 1 | 70 | 265 | 0 | 5 |
चारों वर्षों में स्वीकृत 265 कार्यों में से 194 को 45 दिन के भीतर अनुमति मिली। एक कार्य को मंजूरी मिलने में 45 से 60 दिन लगे, जबकि 70 विकास कार्यों को 60 दिन से अधिक समय बाद स्वीकृति मिली।
इसका अर्थ है कि कुल स्वीकृत कार्यों में लगभग 73.21 प्रतिशत प्रस्ताव 45 दिन के भीतर, 0.38 प्रतिशत प्रस्ताव 45 से 60 दिन के बीच और करीब 26.42 प्रतिशत प्रस्ताव 60 दिन के बाद स्वीकृत किए गए।
वर्ष 2023-24 में सभी 68 विकास कार्य स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2023-24 में अशरफ अली खान ने थाना भवन विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 68 विकास कार्यों की संस्तुति की। रिपोर्ट के अनुसार सभी 68 प्रस्ताव 45 दिन के भीतर स्वीकृत हुए। इस वर्ष न कोई प्रस्ताव लंबित रहा और न ही किसी कार्य को निरस्त किया गया।
2023-24 का रिपोर्ट कार्ड
| विवरण | कार्यों की संख्या |
|---|---|
| कुल अनुशंसित कार्य | 68 |
| 45 दिन के भीतर स्वीकृत | 68 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 68 |
| लंबित कार्य | 0 |
| निरस्त कार्य | 0 |
| स्वीकृति प्रतिशत | 100% |
यह चार वर्षों में प्रशासनिक स्वीकृति के लिहाज से सबसे साफ प्रदर्शन वाले वर्षों में शामिल है। विधायक द्वारा भेजे गए सभी प्रस्ताव निर्धारित शुरुआती अवधि में स्वीकृत हो गए।
सभी प्रस्तावों की स्वीकृति से संकेत मिलता है कि वर्ष 2023-24 में संस्तुत कार्यों की भूमि, तकनीकी पात्रता, अनुमानित लागत और योजना के नियमों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध रहे होंगे। हालांकि PDF में प्रस्तावों के नाम या उनकी प्रकृति नहीं दी गई है, इसलिए यह नहीं बताया जा सकता कि इनमें कितने कार्य सड़क, नाली, विद्यालय, पेयजल या सामुदायिक भवन से जुड़े थे।
वर्ष 2023-24 की उत्तर प्रदेश स्तर की विधायक निधि रिपोर्ट पढ़ने के लिए UP MLA Fund Report 2023-24 पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 102 कार्यों की संस्तुति
वित्तीय वर्ष 2024-25 अशरफ अली खान के लिए चार वर्षों में सबसे अधिक कार्य प्रस्तावित करने वाला वर्ष रहा। इस दौरान कुल 102 विकास कार्यों की संस्तुति दर्ज की गई। इनमें से 101 कार्यों को स्वीकृति मिली और केवल एक प्रस्ताव निरस्त हुआ। कोई भी प्रस्ताव लंबित नहीं रहा।
2024-25 का रिपोर्ट कार्ड
| विवरण | कार्यों की संख्या |
|---|---|
| कुल अनुशंसित कार्य | 102 |
| 45 दिन के भीतर स्वीकृत | 65 |
| 45 से 60 दिन में स्वीकृत | 1 |
| 60 दिन के बाद स्वीकृत | 35 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 101 |
| लंबित कार्य | 0 |
| निरस्त कार्य | 1 |
| स्वीकृति प्रतिशत | 99.02% |
इस वर्ष 65 कार्यों को 45 दिन के भीतर स्वीकृति मिली। एक प्रस्ताव को 45 से 60 दिन के बीच मंजूरी दी गई, जबकि 35 कार्य 60 दिन से अधिक समय बाद स्वीकृत हुए।
कुल स्वीकृत 101 कार्यों में लगभग 64.36 प्रतिशत कार्य शुरुआती 45 दिनों में मंजूर हुए। करीब 34.65 प्रतिशत कार्यों को स्वीकृति मिलने में 60 दिन से अधिक समय लगा।
35 कार्यों की मंजूरी में दो महीने से अधिक समय
वर्ष 2024-25 में स्वीकृति का अंतिम परिणाम मजबूत रहा, क्योंकि 102 में से 101 कार्य स्वीकार किए गए। इसके बावजूद 35 प्रस्तावों की मंजूरी में 60 दिन से अधिक समय लगना प्रशासनिक प्रक्रिया की गति पर सवाल उठाता है।
विधायक निधि के किसी प्रस्ताव में देरी के कई कारण हो सकते हैं। प्रस्तावित जमीन का सत्यापन, संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र, तकनीकी अनुमान, कार्यदायी संस्था की उपलब्धता और योजना के नियमों से मिलान जैसी प्रक्रियाएं समय ले सकती हैं।
यह भी संभव है कि प्रस्ताव विधायक कार्यालय से अधूरे दस्तावेजों के साथ आया हो और संशोधन के बाद उसे स्वीकृति मिली हो। PDF रिपोर्ट देरी के कारण नहीं बताती। इसलिए केवल संख्या के आधार पर किसी एक पक्ष की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा।
वर्ष 2024-25 की व्यापक राज्यस्तरीय स्थिति UP MLA Fund Report 2024-25 में देखी जा सकती है।
2025-26 में 98 में से 94 प्रस्ताव स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अशरफ अली खान ने कुल 98 विकास कार्यों की संस्तुति की। इनमें से 94 कार्यों को मंजूरी मिली और चार प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए। उपलब्ध रिपोर्ट में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है।
2025-26 का रिपोर्ट कार्ड
| विवरण | कार्यों की संख्या |
|---|---|
| कुल अनुशंसित कार्य | 98 |
| 45 दिन के भीतर स्वीकृत | 59 |
| 45 से 60 दिन में स्वीकृत | 0 |
| 60 दिन के बाद स्वीकृत | 35 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 94 |
| लंबित कार्य | 0 |
| निरस्त कार्य | 4 |
| स्वीकृति प्रतिशत | 95.92% |
इस वर्ष स्वीकृति प्रतिशत 95.92 रहा। 59 कार्य 45 दिन के भीतर स्वीकृत हुए, जबकि 35 को मंजूरी मिलने में 60 दिन से अधिक समय लगा।
स्वीकृत 94 प्रस्तावों में करीब 62.77 प्रतिशत को निर्धारित शुरुआती अवधि में अनुमति मिली। दूसरी ओर, लगभग 37.23 प्रतिशत स्वीकृत कार्य दो महीने से अधिक की प्रक्रिया के बाद मंजूर हुए।
चार प्रस्ताव निरस्त, कारण सार्वजनिक नहीं
वर्ष 2025-26 में चार प्रस्ताव निरस्त हुए। यह कुल अनुशंसित कार्यों का लगभग 4.08 प्रतिशत है। चार वर्षों में अशरफ अली खान के कुल पांच निरस्त प्रस्तावों में चार इसी वित्तीय वर्ष के हैं।
किसी काम को निरस्त करने के संभावित कारण हो सकते हैं—
- प्रस्तावित जमीन का निजी या विवादित होना
- संबंधित काम का दूसरी योजना से पहले ही स्वीकृत होना
- प्रस्ताव का विधायक निधि के नियमों के अंतर्गत पात्र न होना
- तकनीकी अनुमान में कमी
- उपलब्ध राशि से अधिक लागत
- सार्वजनिक उपयोगिता का स्पष्ट न होना
- कार्यस्थल पर विभागीय अनुमति न मिलना
रिपोर्ट में निरस्त कार्यों के नाम या कारण नहीं दिए गए हैं। पारदर्शिता के लिए पोर्टल पर हर निरस्त प्रस्ताव के साथ कारण दर्ज होना चाहिए। इससे विधायक कार्यालय भी अगली संस्तुति में उसी प्रकार की कमी दोहराने से बच सकेगा।
वर्ष 2025-26 की जिला और राज्य स्तर की विधायक निधि से संबंधित जानकारी UP MLA Fund Report 2025-26 में पढ़ी जा सकती है।
वर्ष 2026-27 में दो कार्य प्रस्तावित और दोनों स्वीकृत
वित्तीय वर्ष 2026-27 की रिपोर्ट में क्रम संख्या 9 पर अशरफ अली खान के नाम से दो विकास कार्य दर्ज हैं। दोनों कार्यों को 45 दिन के भीतर स्वीकृति मिली है। कोई प्रस्ताव लंबित या निरस्त नहीं है।
2026-27 का रिपोर्ट कार्ड
| विवरण | कार्यों की संख्या |
|---|---|
| कुल अनुशंसित कार्य | 2 |
| 45 दिन के भीतर स्वीकृत | 2 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 2 |
| लंबित कार्य | 0 |
| निरस्त कार्य | 0 |
| स्वीकृति प्रतिशत | 100% |
यह संख्या पिछले तीन वर्षों के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि पूरे वित्तीय वर्ष में केवल दो कार्य ही प्रस्तावित होंगे। वर्ष 2026-27 अभी चल रहा है और उपलब्ध रिपोर्ट 13 जुलाई 2026 को निर्यात की गई थी। वित्तीय वर्ष के आगे बढ़ने के साथ नए प्रस्ताव और स्वीकृतियां पोर्टल पर जुड़ सकती हैं।
इसलिए 2026-27 के दो कार्यों को अंतिम वार्षिक आंकड़ा नहीं, बल्कि रिपोर्ट तैयार होने की तारीख तक उपलब्ध स्थिति माना जाना चाहिए।
चालू वर्ष की राज्यस्तरीय जानकारी UP MLA Fund Report 2026-27 में उपलब्ध है।
Ashraf Ali Khan MLA Fund Report में क्या संकेत मिलते हैं?
चार वर्षों के संयुक्त आंकड़ों में अशरफ अली खान के प्रस्तावों की स्वीकृति दर 98 प्रतिशत से अधिक है। कुल 270 अनुशंसित कार्यों में 265 का स्वीकृत होना बताता है कि अधिकांश प्रस्ताव विधायक निधि योजना के नियमों के अनुरूप पाए गए।
प्रमुख प्रदर्शन संकेतक
| संकेतक | परिणाम |
|---|---|
| कुल अनुशंसित कार्य | 270 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 265 |
| कुल निरस्त कार्य | 5 |
| कुल लंबित कार्य | 0 |
| समग्र स्वीकृति दर | 98.15% |
| निरस्तीकरण दर | 1.85% |
| 45 दिन के भीतर स्वीकृत कार्य | 194 |
| 60 दिन के बाद स्वीकृत कार्य | 70 |
चार वर्षों में कुल 194 प्रस्ताव 45 दिन के भीतर मंजूर हुए। यह कुल स्वीकृत कार्यों का 73.21 प्रतिशत है। यानी लगभग प्रत्येक चार में से तीन स्वीकृत कार्यों को शुरुआती 45 दिनों में अनुमति मिली।
दूसरी ओर, 70 प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने में 60 दिन से अधिक समय लगा। यह कुल स्वीकृत कार्यों का 26.42 प्रतिशत है। इस आधार पर हर चार स्वीकृत कार्यों में लगभग एक की मंजूरी दो महीने से अधिक समय बाद हुई।
यह अनुपात बताता है कि अंतिम स्वीकृति दर मजबूत होने के बावजूद प्रक्रिया की समयबद्धता में सुधार की गुंजाइश बनी रही।
कार्यों की संख्या को खर्च क्यों नहीं माना जा सकता?
विधायक निधि पर चर्चा करते समय कार्यों की संख्या और धनराशि को अलग-अलग समझना जरूरी है। इन चार PDF रिपोर्टों में 270 प्रस्तावित और 265 स्वीकृत कार्य दर्ज हैं, लेकिन हर कार्य की लागत समान नहीं होती।
किसी छोटे इंटरलॉकिंग मार्ग की लागत पांच लाख रुपये हो सकती है, जबकि किसी सामुदायिक भवन या लंबी सीसी रोड की लागत कई गुना अधिक हो सकती है। दोनों को रिपोर्ट में एक-एक कार्य के रूप में गिना जाएगा।
इसलिए 265 स्वीकृत कार्यों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विधायक ने पूरी उपलब्ध निधि खर्च कर दी। वास्तविक वित्तीय विश्लेषण के लिए निम्न आंकड़े जरूरी होंगे—
उत्तर प्रदेश की विधायक निधि रिपोर्ट और संबंधित विश्लेषण विधायक निधि विशेष पेज पर देखे जा सकते हैं। मूल सरकारी डेटा के लिए उत्तर प्रदेश MLA LADS पोर्टल बाहरी आधिकारिक स्रोत है।
थाना भवन विधायक अशरफ अली खान का राजनीतिक परिचय
अशरफ अली खान शामली जिले की थाना भवन विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोकदल के विधायक हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार उनका जन्म 18 अगस्त 1972 को हुआ। उनका व्यवसाय कृषि बताया गया है और उन्होंने इंटरमीडिएट तक शिक्षा प्राप्त की है।
वे मार्च 2022 में पहली बार उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। इससे पहले वे 2000 से 2005 तक जलालाबाद नगर पंचायत के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका यह स्थानीय प्रशासनिक अनुभव विधानसभा राजनीति में आने से काफी पहले शुरू हो गया था।
अशरफ अली खान की विस्तृत व्यक्तिगत और राजनीतिक जानकारी अशरफ अली खान विधायक प्रोफाइल पर उपलब्ध है।
अशरफ अली खान का राजनीतिक सफर
थाना भवन की राजनीति में अशरफ अली खान का नाम 2022 में अचानक सामने नहीं आया। वह इससे पहले भी इस सीट पर मजबूत चुनौती पेश कर चुके थे।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार सुरेश राणा ने उन्हें केवल 265 मतों के बेहद मामूली अंतर से हराया। अशरफ अली खान को 53,454 मत मिले थे, जबकि सुरेश राणा को 53,719 वोट हासिल हुए थे।
वर्ष 2017 में अशरफ अली खान ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर थाना भवन से चुनाव लड़ा। इस बार भाजपा के सुरेश राणा ने 90,995 वोट हासिल किए, जबकि अशरफ अली खान को 74,178 मत मिले। हार का अंतर 16,817 वोट रहा।
इसके बाद 2022 में अशरफ अली खान राष्ट्रीय लोकदल के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे। इस चुनाव में उन्होंने अपनी पिछली हार का बदला लेते हुए भाजपा के सुरेश राणा को पराजित किया। चार चुनावों के ऐतिहासिक आंकड़े थाना भवन सीट पर उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष और लगातार बने रहे जनाधार को दिखाते हैं।
थाना भवन विधानसभा का 2007 से 2022 तक का विस्तृत राजनीतिक इतिहास थाना भवन विधानसभा चुनाव विश्लेषण में पढ़ा जा सकता है।
थाना भवन विधानसभा चुनाव 2022 में अशरफ अली खान की जीत
वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अशरफ अली खान ने राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर थाना भवन सीट जीती। उन्होंने 1,03,751 वोट हासिल किए। भाजपा उम्मीदवार और तत्कालीन मंत्री सुरेश राणा को 92,945 मत मिले।
अशरफ अली खान की जीत का अंतर 10,806 वोट रहा। कुल वैध मतों के आधार पर जीत का अंतर करीब 4.95 प्रतिशत था। चुनाव में कुल 2,22,299 वोट पड़े और मतदान प्रतिशत 68.02 रहा।
थाना भवन विधानसभा चुनाव 2022 का परिणाम
| स्थान | उम्मीदवार | दल | प्राप्त मत |
|---|---|---|---|
| विजेता | अशरफ अली खान | राष्ट्रीय लोकदल | 1,03,751 |
| उपविजेता | सुरेश राणा | भारतीय जनता पार्टी | 92,945 |
| जीत का अंतर | — | — | 10,806 |
थाना भवन में 2022 की जीत राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थी, क्योंकि सुरेश राणा भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके थे और 2012 तथा 2017 में लगातार दो चुनाव जीत चुके थे।
अशरफ अली खान की जीत ने सीट को दोबारा राष्ट्रीय लोकदल के खाते में पहुंचाया। 2007 में भी इस सीट से रालोद के अब्दुल वारिश खान जीते थे। इसके बाद 2012 और 2017 में भाजपा का कब्जा रहा और 2022 में रालोद ने वापसी की।
वर्षवार कार्य संख्या में उतार-चढ़ाव
चार वर्षों के प्रस्तावों की तुलना करें तो सबसे अधिक सक्रियता वर्ष 2024-25 में दिखाई देती है।
| वित्तीय वर्ष | अनुशंसित कार्य | पिछले वर्ष से बदलाव |
|---|---|---|
| 2023-24 | 68 | — |
| 2024-25 | 102 | 34 की वृद्धि |
| 2025-26 | 98 | 4 की कमी |
| 2026-27* | 2 | रिपोर्ट आंशिक |
2023-24 के मुकाबले 2024-25 में प्रस्तावित कार्यों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ी। वर्ष 2025-26 में भी संख्या 98 रही, जो 2023-24 के मुकाबले लगभग 44 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2026-27 के केवल दो कार्यों की पिछले पूर्ण वर्षों से तुलना करना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में तैयार की गई है।
स्वीकृति में देरी का पैटर्न
वर्ष 2023-24 में सभी प्रस्ताव 45 दिन के भीतर मंजूर हुए। इसके बाद 2024-25 और 2025-26 में 60 दिन से अधिक समय लेकर स्वीकृत होने वाले प्रस्तावों की संख्या बढ़ी।
| वित्तीय वर्ष | 60 दिन बाद स्वीकृत | कुल स्वीकृत कार्यों में हिस्सा |
|---|---|---|
| 2023-24 | 0 | 0% |
| 2024-25 | 35 | 34.65% |
| 2025-26 | 35 | 37.23% |
| 2026-27 | 0 | 0% |
दो लगातार वित्तीय वर्षों में 35-35 कार्यों को मंजूरी मिलने में 60 दिन से अधिक समय लगा। यह संयोगात्मक संख्या होने के बावजूद प्रशासनिक प्रक्रिया में एक स्थायी पैटर्न की ओर संकेत करती है।
जिला प्रशासन को ऐसे प्रस्तावों के मामलों में यह स्पष्ट करना चाहिए कि देरी भूमि सत्यापन, तकनीकी अनुमान, वित्तीय उपलब्धता या कार्यदायी संस्था के चयन में से किस स्तर पर हुई।
स्वीकृत कार्यों की जमीनी स्थिति भी सामने आए
अशरफ अली खान के 265 प्रस्ताव स्वीकृत होना महत्वपूर्ण है, लेकिन विधायक निधि की वास्तविक सफलता का मूल्यांकन तभी होगा जब इन प्रश्नों के उत्तर भी उपलब्ध हों—
- कितने स्वीकृत कार्यों का निर्माण शुरू हुआ?
- कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं?
- कितने स्वीकृत काम अभी अनारम्भ हैं?
- प्रत्येक कार्य की लागत कितनी है?
- किस कार्यदायी संस्था को काम दिया गया?
- अब तक कितना भुगतान हुआ?
- निर्माण की गुणवत्ता का निरीक्षण किसने किया?
- पूर्ण कार्य जनता के उपयोग में हैं या नहीं?
केवल प्रस्ताव की मंजूरी से स्थानीय विकास पूरा नहीं होता। किसी सड़क, नाली, स्कूल कक्ष या सार्वजनिक भवन का लाभ तब मिलता है, जब उसका निर्माण तय समय में पूरा हो और गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे।
रिपोर्ट की प्रमुख सीमाएं
चारों PDF आधिकारिक पोर्टल से निर्यात की गई विधायकवार कार्य रिपोर्ट हैं। इनसे संस्तुति और स्वीकृति की स्थिति स्पष्ट होती है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं होती।
पहली सीमा यह है कि रिपोर्ट में कार्यों के नाम नहीं हैं। इससे यह नहीं पता चलता कि विधायक ने किस गांव या वार्ड के लिए कौन-सा काम प्रस्तावित किया।
दूसरी सीमा यह है कि कार्यवार लागत उपलब्ध नहीं है। इसलिए कुल स्वीकृत कार्यों को रुपये में खर्च के रूप में नहीं बदला जा सकता।
तीसरी सीमा यह है कि रिपोर्ट स्वीकृति की स्थिति तक सीमित है। कार्य शुरू हुआ, पूरा हुआ या अधूरा है—इसके लिए अलग भौतिक प्रगति रिपोर्ट देखनी होगी।
चौथी सीमा यह है कि निरस्त प्रस्तावों के कारण नहीं दिए गए। इससे यह तय करना कठिन है कि प्रस्ताव विधायक स्तर पर अधूरा था या प्रशासनिक जांच में कोई दूसरी समस्या सामने आई।
विधायक निधि में पारदर्शिता कैसे बढ़े?
विधायक निधि के प्रत्येक स्वीकृत काम के साथ पोर्टल पर निम्न विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए—
- कार्य का पूरा नाम
- ग्राम, वार्ड और विधानसभा क्षेत्र
- स्वीकृत लागत
- प्रशासनिक स्वीकृति की तारीख
- कार्यदायी संस्था
- निर्माण शुरू होने की तारीख
- निर्धारित पूर्णता तिथि
- वास्तविक भुगतान
- काम की वर्तमान स्थिति
- निर्माण से पहले और बाद की तस्वीर
- जीपीएस लोकेशन
- गुणवत्ता जांच रिपोर्ट
इसके अतिरिक्त 60 दिन से अधिक समय में स्वीकृत या लंबित प्रस्तावों के सामने देरी का कारण भी दर्ज होना चाहिए।
अशरफ अली खान की विधायक निधि का समग्र आकलन
चार वित्तीय वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों में अशरफ अली खान के विधायक निधि प्रस्तावों का स्वीकृति रिकॉर्ड मजबूत दिखाई देता है। 270 में से 265 कार्यों की स्वीकृति और किसी प्रस्ताव का लंबित न रहना प्रशासनिक निस्तारण के लिहाज से सकारात्मक है।
वर्ष 2023-24 में सभी 68 प्रस्ताव समय पर स्वीकृत हुए। वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 102 काम प्रस्तावित हुए और केवल एक निरस्त हुआ। वर्ष 2025-26 में चार प्रस्ताव निरस्त हुए, लेकिन 94 कार्यों को अनुमति मिली। वर्ष 2026-27 की शुरुआती रिपोर्ट में दोनों प्रस्ताव स्वीकृत हैं।
इसके बावजूद 2024-25 और 2025-26 में कुल 70 कार्यों को स्वीकृति मिलने में 60 दिन से अधिक समय लगा। इससे स्पष्ट है कि अंतिम स्वीकृति दर बेहतर होने के बावजूद प्रक्रिया की गति हर वर्ष एक जैसी नहीं रही।
अशरफ अली खान के रिपोर्ट कार्ड की पूरी तस्वीर तभी बनेगी जब इन 265 स्वीकृत कार्यों की लागत, निर्माण की स्थिति, पूर्णता और वास्तविक भुगतान का डेटा भी सामने आएगा। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक आंकड़े इतना जरूर बताते हैं कि थाना भवन विधायक की अधिकांश संस्तुतियों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली और निरस्त प्रस्तावों की संख्या सीमित रही।
डेटा नोट: चारों रिपोर्टें 13 जुलाई 2026 को MLA LADS UP पोर्टल से निर्यात की गई थीं। वर्ष 2026-27 चालू वित्तीय वर्ष है, इसलिए उसके आंकड़े अंतिम नहीं हैं। रिपोर्ट में कार्यों की संख्या दी गई है, रुपये में वास्तविक खर्च नहीं।
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समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।
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