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भोपाल मेट्रो के सिंग्नलिंग सिस्टम को 'ओके', 25 से लागू: पीक ऑवर्स में हर 15 मिनट में मिलेगी मेट्रो; दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी - Bhopal News

July 23, 2026

भोपाल मेट्रो के सिंग्नलिंग सिस्टम को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने हरी झंडी दे दी है। अब 25 जुलाई से मेट्रो दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी। वहीं, नया रूट प्लान भी तैयार किया गया है। अब पीक ऑवर्स में हर 15 मिनट में मेट्रो मिलेगी।

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25 जुलाई से भोपाल मेट्रो की नई समय-सारणी लागू की जा रही है। अन्य समय में 30 मिनट के अंतराल में मेट्रो उपलब्ध रहेगी। बता दें कि 25 जून को सीएमआरएस टीम ट्रैक पर उतरी थी। दो टीमों ने अलग-अलग मेट्रो में सवार होकर निरीक्षण किया था।

टीमों ने देखा कि दो टीमें यदि आमने-सामने आ जाए तो सिस्टम कैसे काम करेगा? अचानक ब्रेक, स्पीड समेत अन्य बिंदुओं पर भी जांच की गई। इसके बाद टीम लौट गई थी, जिसने अब सिंग्नलिंग सिस्टम को हरी झंडी दे दी और मेट्रो कॉरपोरेशन ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है।

अभी एक ही ट्रैक पर दौड़ रही मेट्रो जानकारी के अनुसार, भोपाल और इंदौर में अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं था। इस वजह से मेट्रो प्रबंधन को केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही थी। यही वजह है कि भोपाल में ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट थी, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। वर्तमान में दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बाद ही मेट्रो दौड़ रही थी।

अब इस समय पर दौड़ेगी मेट्रो एम्स से सुबह 9 बजे मेट्रो की शुरुआत होगी, जबकि आखिरी मेट्रो सुभाषनगर से एम्स तक जाएगी। इसकी टाइमिंग शाम 6.30 से 7 बजे तक रहेगी। पीक आवर्स में हर 15 मिनट में मेट्रो मिलेगी, जबकि अन्य समय पर 30 मिनट का शेड्यूल रखा गया है। हर दिन दोनों तरफ से 50 ट्रिप लगेगी।

तस्वीरों में देखिए सीएमआरएस का निरीक्षण…

25 जून को सुभाष नगर मेट्रो डिपो स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और डिपो कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण करते अधिकारी।

25 जून को सुभाष नगर मेट्रो डिपो स्थित ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और डिपो कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण करते अधिकारी।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कई तकनीकी बारीकियां देखी थीं।

निरीक्षण के दौरान टीम ने कई तकनीकी बारीकियां देखी थीं।

रानी कमलापति स्टेशन के पास दोनों मेट्रो ट्रेन आमने-सामने आ गई थीं।

रानी कमलापति स्टेशन के पास दोनों मेट्रो ट्रेन आमने-सामने आ गई थीं।

यात्रा होगी और भी तेज, आसान एवं भरोसेमंद नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ एम्स भोपाल आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों, एमपी नगर स्थित विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों, वल्लभ भवन, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सहित विभिन्न शासकीय एवं निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को मिलेगा। बेहतर फ्रीक्वेंसी के कारण प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और शहर के प्रमुख स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, प्रशासनिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच आवागमन पहले की अपेक्षा अधिक सुगम, तेज एवं समयबद्ध होगा।

डिजिटल टिकटिंग...फायदा मिलेगा भोपाल मेट्रो में यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम पहले से संचालित है। यात्री एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट प्राप्त करके सहज, सुरक्षित एवं कैशलेस यात्रा का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, डिजिटल भुगतान को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। जिसके तहत यात्री यूपीआई (UPI), क्यूआर कोड (QR Code), ई-वॉलेट (e-Wallet) और एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकते हैं।

डिस्काउंट पॉलिसी भी लागू होगी मेट्रो प्रबंधन ने आकर्षक प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी भी लागू की है। इसके अंतर्गत रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जा रही है। इसके अलावा एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने वाले यात्रियों को रिचार्ज राशि के आधार पर 8 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त बोनस राशि का लाभ मिलेगा। 200 से 499 रुपए तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, 500 से 999 रुपए तक 10 प्रतिशत, 1000 से 1499 रुपए तक 12 प्रतिशत और 1500 से 2000 रुपए तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल के माध्यम से यात्रियों को आसान डिजिटल टिकटिंग, कैशलेस भुगतान, अधिक बचत और बेहतर यात्रा अनुभव एक साथ उपलब्ध होगा।

15 मिनट पहले खुलेंगे गेट यात्रियों के लिए पहली मेट्रो के निर्धारित प्रस्थान के समय से 15 मिनट पूर्व खोल दिए जाएंगे। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर में प्रवेश, सुरक्षा जांच एवं प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए टिकटिंग की व्यवस्था प्रत्येक स्टेशन पर निर्धारित प्रवेश/निकास द्वार पर उपलब्ध रहेगी। इसके अनुसार सुभाष नगर स्टेशन पर गेट क्रमांक-03, केंद्रीय विद्यालय स्टेशन पर गेट क्रमांक-03, बोर्ड ऑफिस स्टेशन पर गेट क्रमांक-03, एमपी नगर स्टेशन पर गेट क्रमांक-03, रानी कमलापति स्टेशन पर गेट क्रमांक-02, डीआरएम ऑफिस स्टेशन पर गेट क्रमांक-03, अलकापुरी स्टेशन पर गेट क्रमांक-03 तथा एम्स स्टेशन पर गेट क्रमांक-01 पर मैनुअल टिकटिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी।

भोपाल में सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो चल रही है।

भोपाल में सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो चल रही है।

800 करोड़ रुपए में नया सिस्टम भोपाल में मेट्रो संचालन की सुस्त रफ्तार को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया। करीब 30 किमी के लिए हुए करीब 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है।

भोपाल में मेट्रो की रफ्तार अभी धीमी है।

भोपाल में मेट्रो की रफ्तार अभी धीमी है।

मेट्रो की रीढ़ होता है सिग्नलिंग सिस्टम जानकारों के मुताबिक सिग्नलिंग सिस्टम किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी। ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति नियंत्रित करता है। ट्रेनों के बीच सुरक्षित गैप बनाए रखता है।

ऑटोमेटेड ऑपरेशन और इमरजेंसी कंट्रोल संभालता है। सिस्टम के बिना मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन संभव नहीं होता, जिससे पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता।

नए सिस्टम के बाद मेट्रो की रफ्तार बढ़ जाएगी।

नए सिस्टम के बाद मेट्रो की रफ्तार बढ़ जाएगी।

दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक भोपाल मेट्रो में वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है। इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेन दोनों ट्रैक पर चल सकेंगी। ट्रेनों के बीच का अंतर (हेडवे) कम होगा और फ्रिक्वेंसी तेजी से बढ़ाई जा सकेगी।

नए सिस्टम से यह फायदा नए सिस्टम के शुरू होने के बाद मेट्रो दोनों ओर से चलेगी। इससे 75 मिनट की टाइमिंग कम होगी। इससे लोगों को आसानी से मेट्रो मिल सकेगी। फेरे भी बढ़ जाएंगे। ऐसे में सुबह और शाम को ऑफिस टाइमिंग पर भी मेट्रो मिल सकेगी।