Updated On: Aug 06, 2026 | 09:59 AM IST
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सार
Tiranga Kanwar: मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बागपत के 21 शिवभक्तों ने 221 फीट लंबी तिरंगा कांवड़ उठाकर इतिहास रचा। शहीदों को समर्पित यह 190 KM की पावन यात्रा आस्था और देशभक्ति का संगम बना।

तिरंगा कांवड़ यात्रा (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Tiranga Kanwar Yatra Muzaffarnagar: सावन के पावन महीने में शिवभक्ति के अनगिनत रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार मुजफ्फरनगर की सड़कों पर कुछ ऐसा दिखा जिसने न केवल श्रद्धालुओं बल्कि राहगीरों को भी ठहरने पर मजबूर कर दिया। आस्था और देशभक्ति का एक ऐसा अद्भुत संगम दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे-58 पर नजर आया, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
221 फीट लंबी कांवड़
आमतौर पर कांवड़ यात्रा में भगवा रंग की प्रधानता होती है, लेकिन बागपत के कुरड़ी गांव से आए 21 शिवभक्तों की टोली ने इस बार तिरंगे के रंगों में रंगी 221 फीट लंबी और 11 फीट ऊंची विशालकाय कांवड़ उठाकर सबको हैरान कर दिया। जैसे ही यह कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंची, पूरा माहौल ‘हर-हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। इस विशाल तिरंगा कांवड़ को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा; कोई मोबाइल से वीडियो बना रहा था तो कोई इस भव्य दृश्य को अपनी यादों में कैद करने के लिए तस्वीरें खींच रहा था।
शहीदों को समर्पित तिरंगा कांवड़
यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक माध्यम भी है। कांवड़ टोली के सदस्य हरेंद्र कुमार ने बताया कि यह तिरंगा कांवड़ देश के शहीदों को समर्पित है। उनका मानना है कि तिरंगा सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि देश की आन-बान और शान है। इस यात्रा के जरिए ये शिवभक्त युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाना चाहते हैं और यह संदेश देना चाहते हैं कि धर्म के साथ-साथ देश के प्रति समर्पण भी हर नागरिक का अनिवार्य कर्तव्य है।
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रोजाना 22 KM की पैदल यात्रा
इस अनोखी यात्रा की शुरुआत 2 अगस्त को हरिद्वार की पावन हर की पौड़ी से हुई थी, जहां इन 21 भक्तों ने गंगाजल भरा था। पूरी यात्रा लगभग 190 किलोमीटर की है, जिसे पूरा करने के लिए यह टोली प्रतिदिन करीब 20 से 22 किलोमीटर का पैदल सफर तय करती है। इनका लक्ष्य 11 अगस्त को अपने पैतृक गांव कुरड़ी (बागपत) पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है।
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पहली बार का संकल्प बना आकर्षण का केंद्र
हरेंद्र बताते हैं कि यह उनकी टोली की पहली तिरंगा कांवड़ यात्रा है। पूरी टीम ने एकजुट होकर इस कांवड़ को तैयार किया और यह संकल्प लिया कि इस बार वे अपनी आस्था के साथ देशभक्ति का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएंगे। वर्तमान में कांवड़ मार्ग पर करोड़ों शिवभक्त गुजर रहे हैं, लेकिन 221 फीट की इस लंबाई ने इस यात्रा को इस सीजन की सबसे चर्चित कांवड़ों में से एक बना दिया है।
