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Lalitpur Assembly Caste Equations: ललितपुर जातिगत समीकरण और 2027 चुनाव

September 6, 2026

Lalitpur Assembly Caste Equations में कुशवाहा और अनुसूचित जाति के मतदाता सबसे प्रभावशाली पुराने सामाजिक आधारों में गिने जाते हैं। इनके साथ लोधी, यादव, ब्राह्मण, मुस्लिम, सहरिया, वंशकार, ठाकुर, जैन और पाल मतदाता सीट का चुनावी संतुलन बनाते हैं। पुराने विधानसभा-स्तरीय अनुमान में कुशवाहा करीब 62-64 हजार और अहिरवार करीब 60 हजार बताए गए थे। दूसरे पुराने आकलनों में लोधी करीब 52 हजार और यादव करीब 44 हजार बताए गए हैं।

2026 की अंतिम मतदाता सूची में ललितपुर विधानसभा में 4,52,604 मतदाता हैं। इनमें 2,39,274 पुरुष, 2,13,320 महिला और 10 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। विधानसभा संख्या 226 है, सीट सामान्य है और यह झांसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। मौजूदा विधायक BJP के रामरतन कुशवाहा हैं, जो पिछड़ा वर्ग के कुशवाहा समाज से आते हैं और 2017 तथा 2022 में लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं।

2022 विधानसभा चुनाव में रामरतन कुशवाहा को 1,76,550 वोट, यानी 52.99 प्रतिशत मत मिले। BSP के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला को 69,335 और SP को 68,597 वोट मिले। BJP की जीत का अंतर 1,07,215 वोट रहा। 2024 लोकसभा चुनाव में भी BJP ललितपुर विधानसभा खंड में आगे रही और कांग्रेस पर 50,641 वोट की बढ़त बनाई।

उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के चुनावी परिणाम काफी हद तक जटिल जातिगत समीकरणों और ‘सोशल इंजीनियरिंग’ पर निर्भर करते हैं, जिन्हें आगामी 2027 के चुनाव की दिशा तय करने में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

राज्य के सभी 75 जिलों में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव दर्ज हुआ हैं।

ललितपुर जिले के ललितपुर विधानसभा के 2007  से 2022 तक का तुलनात्मक विश्लेषण में बदलाव दर्ज हुआ है।.  उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के 2007 से 2022 तक के चुनावी इतिहास, विजेता-उपविजेता प्रत्याशियों और मत प्रतिशत के तुलनात्मक विश्लेषण के लिए मदद ली जा सकती है।

ललितपुर विधानसभा एक नजर में

विवरणजानकारी
विधानसभाललितपुर
विधानसभा संख्या226
जिलाललितपुर
लोकसभा क्षेत्रझांसी
आरक्षणसामान्य
वर्तमान विधायकरामरतन कुशवाहा
पार्टीBJP
सामाजिक पहचानकुशवाहा OBC
2026 कुल मतदाता4,52,604
पुरुष मतदाता2,39,274
महिला मतदाता2,13,320
थर्ड जेंडर10
2022 कुल निर्वाचक4,87,976
2022 से 2026 अंतर35,372 कम
2022 BJP वोट1,76,550
2022 BSP वोट69,335
2022 SP वोट68,597
2022 BJP जीत1,07,215 वोट
2024 BJP वोट1,74,521
2024 कांग्रेस वोट1,23,880
2024 BJP बढ़त50,641 वोट
प्रमुख समूहकुशवाहा, SC-अहिरवार, लोधी, यादव, ब्राह्मण, मुस्लिम, सहरिया

2022 विधानसभा चुनाव में यहां 4,87,976 निर्वाचक थे। इसकी तुलना में 2026 की अंतिम सूची 35,372 मतदाता कम, यानी करीब 7.25 प्रतिशत नीचे है। दोनों अलग चुनावी और पुनरीक्षण चक्रों की सूचियां हैं, इसलिए इसे सीधे इतने नाम कटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Lalitpur Assembly Caste Equations: कुशवाहा और दलित वोट सबसे बड़ी पुरानी धुरी

Lalitpur Assembly Caste Equations के पुराने स्थानीय मॉडल में साफ तौर पर कहा गया कि दलित और कुशवाहा समाज के मतदाता सबसे ज्यादा प्रभावशाली हैं। एक पुराने अनुमान में कुशवाहा करीब 62 हजार, अहिरवार करीब 60 हजार, वंशकार करीब 20 हजार और अन्य SC समूह करीब 20 हजार बताए गए थे।

दूसरे 2022 के चुनावी आकलनों में कुशवाहा करीब 64 हजार, लोधी करीब 52 हजार, यादव करीब 44 हजार, ब्राह्मण 23-24 हजार, मुस्लिम करीब 21 हजार, सहरिया 19 हजार, ठाकुर करीब 18 हजार और जैन करीब 17 हजार बताए गए।

ललितपुर का पुराना संकेतात्मक जातिगत समीकरण

जाति/समुदायपुराने अनुमानों का संकेत
कुशवाहाकरीब 62-64 हजार
अहिरवारकरीब 60 हजार
लोधीकरीब 52 हजार
यादवकरीब 44 हजार
ब्राह्मणकरीब 23-24 हजार
मुस्लिमकरीब 21 हजार
वंशकारकरीब 18-20 हजार
सहरिया आदिवासीकरीब 19 हजार
ठाकुर/क्षत्रियकरीब 18 हजार
जैनकरीब 17 हजार
पालकरीब 13 हजार
कुर्मीपुराने एक मॉडल में करीब 3 हजार

इन आंकड़ों को जोड़कर 2026 की जातिवार आबादी निकालना सही नहीं होगा। कुछ पुराने मॉडल SC उपजातियों को अलग-अलग दिखाते हैं, जबकि दूसरे व्यापक दलित श्रेणी का इस्तेमाल करते हैं। निर्वाचन नामावली में जाति दर्ज नहीं होती, इसलिए इन आंकड़ों का उपयोग केवल सामाजिक प्रभाव समझने के लिए किया जाना चाहिए।

2026 वोटर लिस्ट में ललितपुर के 4,52,604 मतदाता

10 अप्रैल 2026 की अंतिम सूची में ललितपुर जिले में कुल 8,94,984 मतदाता हैं। इनमें 226-ललितपुर विधानसभा में 4,52,604 और 227-महरौनी में 4,42,380 मतदाता हैं।

ललितपुर जिले की विधानसभा-वार वोटर लिस्ट 2026

विधानसभापुरुषमहिलाअन्यकुल
ललितपुर2,39,2742,13,320104,52,604
महरौनी (SC)2,33,4722,08,90264,42,380
जिला कुल4,72,7464,22,222168,94,984

2022 विधानसभा चुनाव में ललितपुर सीट पर 4,87,976 मतदाता थे, जबकि 2024 लोकसभा के समय यह आधार करीब 4,94,178 था। 2026 की अंतिम सूची दोनों चुनावों के मुकाबले छोटी है। 2024 के मुकाबले अंतर करीब 41,574 मतदाता, यानी लगभग 8.41 प्रतिशत बैठता है।

2027 में इसका सबसे सीधा असर बूथ रणनीति पर पड़ेगा। 2022 और 2024 के पुराने बूथ वोट को नई सूची पर बिना संशोधन लागू करना राजनीतिक रूप से भ्रामक हो सकता है।

कुशवाहा वोट और रामरतन कुशवाहा का मजबूत समीकरण

ललितपुर के मौजूदा विधायक रामरतन कुशवाहा की सामाजिक पहचान आधिकारिक विधानसभा रिकॉर्ड में पिछड़ी जाति (कुशवाहा) दर्ज है। वह 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार विधायक चुने गए।

कुशवाहा समाज का पुराना अनुमान करीब 62-64 हजार है, लेकिन रामरतन कुशवाहा को 2022 में 1.76 लाख से ज्यादा वोट मिले। यह उनके अपने सामाजिक आधार से लगभग तीन गुना है।

इससे साफ है कि BJP की ललितपुर में ताकत केवल कुशवाहा वोट पर निर्भर नहीं है। पार्टी ने लोधी, सवर्ण, दलित और दूसरे OBC मतदाताओं में भी बड़ा गठबंधन बनाया।

2027 में BJP के लिए सबसे पहली चुनौती कुशवाहा वोट में अपनी मौजूदा पकड़ बनाए रखने की होगी। अगर SP या BSP मजबूत कुशवाहा चेहरा उतारती है तो यह आधार पहली बार गंभीर रूप से विभाजित हो सकता है।

दलित-अहिरवार वोट क्यों है सबसे बड़ा स्विंग फैक्टर?

पुराने जातिगत समीकरण में अहिरवार मतदाता करीब 60 हजार बताए गए हैं। इनके अलावा वंशकार और दूसरे SC समुदायों की भी महत्वपूर्ण संख्या है। एक दूसरे राजनीतिक मॉडल में कुल SC आबादी को सीट का करीब 28 प्रतिशत तक बताया गया है।

यानी ललितपुर सामान्य सीट होने के बावजूद दलित वोट चुनावी गणित का बड़ा हिस्सा है।

2012 में BSP ने यहां चुनाव जीता था। उस समय पार्टी के रमेश प्रसाद कुशवाहा को 79,797 वोट मिले थे। 2017 में BSP का वोट 55,549 और 2022 में फिर बढ़कर 69,335 हो गया।

ललितपुर में BSP का विधानसभा वोट

चुनावBSP वोट
201279,797
201755,549
202269,335

यह ट्रेंड बताता है कि ललितपुर में BSP का सामाजिक आधार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

2022 में BSP दूसरे स्थान पर रही और SP से सिर्फ 738 वोट ज्यादा हासिल किए। इसलिए 2027 में दलित वोट का BJP-SP के बीच सीधा बंटवारा मान लेना जल्दबाजी होगी।

लोधी वोट करीब 52 हजार, BJP के लिए दूसरा बड़ा OBC आधार

पुराने चुनावी आकलन में लोधी मतदाता करीब 52 हजार बताए गए हैं। 2017 में SP ने ज्योति सिंह को उम्मीदवार बनाया था और उन्हें 88,687 वोट मिले थे। स्थानीय स्तर पर लोधी समाज की भूमिका उस चुनाव में महत्वपूर्ण मानी गई।

2022 में BJP की बढ़त और बड़ी हो गई। इससे संकेत मिलता है कि लोधी मतदाताओं का बड़ा हिस्सा विपक्षी प्रत्याशी की जातीय पहचान से स्वतः नहीं जुड़ता।

2027 में लोधी वोट BJP के गैर-यादव OBC गठबंधन की अहम कड़ी रहेगा। SP के लिए भी यही समुदाय यादव आधार से आगे OBC विस्तार का एक बड़ा रास्ता है।

यादव वोट करीब 44 हजार, SP के लिए जरूरी लेकिन पर्याप्त नहीं

पुराने विधानसभा अनुमान में यादव मतदाता करीब 44 हजार बताए गए थे।

SP के लिए यादव मतदाता स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन ललितपुर का चुनावी इतिहास बताता है कि केवल इस वोट पर सीट नहीं जीती जा सकती।

2017 में SP को 88,687 वोट मिले।

2022 में उसका वोट घटकर 68,597 रह गया।

यानी BJP की बढ़ती ताकत के साथ SP को यादव वोट से आगे दलित, कुशवाहा, लोधी और सवर्ण समूहों में भी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।

ब्राह्मण, ठाकुर और जैन वोट संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण

पुराने सामाजिक अनुमान में ब्राह्मण करीब 23-24 हजार, ठाकुर करीब 18 हजार और जैन करीब 17 हजार बताए गए हैं। संयुक्त रूप से यह वर्ग लगभग 60 हजार का पुराना सामाजिक आधार बनाता है।

BJP की लगातार दो बड़ी विधानसभा जीत और 2024 लोकसभा की बढ़त से यह संकेत मिलता है कि सवर्ण और कारोबारी मतदाताओं में पार्टी की मजबूत पकड़ बनी हुई है।

ललितपुर शहर और कस्बाई हिस्सों में व्यापार, सड़क, यातायात, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार जैसे सवाल इस वोट पर जातीय पहचान के समानांतर असर डालते हैं।

मुस्लिम और सहरिया वोट छोटे नहीं

पुराने अनुमान में मुस्लिम मतदाता करीब 21 हजार और सहरिया आदिवासी करीब 19 हजार बताए गए हैं।

ये संख्या अकेले चुनाव तय करने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन 2022 जैसी बहुकोणीय विपक्षी लड़ाई में 10-20 हजार का वोट ब्लॉक भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

सहरिया समुदाय का प्रभाव ग्रामीण और वन क्षेत्र से जुड़े हिस्सों में अधिक है। SP, BSP और BJP तीनों के लिए इस वोट का महत्व उम्मीदवार और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर रहेगा।

2022 में BJP ने एक लाख से ज्यादा वोट से जीती सीट

2022 विधानसभा चुनाव ललितपुर में BJP की अब तक की सबसे मजबूत हालिया जीतों में रहा।

रामरतन कुशवाहा को 1,76,550 वोट, यानी 52.99 प्रतिशत मत मिले।

BSP के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला को 69,335, SP के रमेश प्रसाद को 68,597 और कांग्रेस के बलवंत सिंह राजपूत को 3,920 वोट मिले।

ललितपुर विधानसभा चुनाव 2022

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
रामरतन कुशवाहाBJP1,76,55052.99%
चंद्रभूषण सिंह बुंदेलाBSP69,33520.81%
रमेश प्रसादSP68,59720.59%
वंदनाजन अधिकार पार्टी4,4751.34%
बलवंत सिंह राजपूतकांग्रेस3,9201.18%
NOTA3,8801.16%
BJP की जीत1,07,21532.18 प्रतिशत अंक

इस चुनाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि BSP और SP का संयुक्त वोट 1,37,932 था। यह भी BJP के 1,76,550 वोट से 38,618 कम था।

यानी 2022 में विपक्षी वोट का केवल जोड़ ही BJP को हराने के लिए पर्याप्त नहीं था। BJP ने वास्तविक सामाजिक बहुमत जैसा प्रदर्शन किया।

2017 में भी BJP ने 68,255 वोट से दर्ज की बड़ी जीत

2017 में रामरतन कुशवाहा को 1,56,942 वोट मिले।

SP की ज्योति सिंह को 88,687 और BSP के संतोष कुशवाहा को 55,549 वोट मिले। BJP की जीत का अंतर 68,255 वोट था।

ललितपुर विधानसभा चुनाव 2017

प्रत्याशीपार्टीवोटवोट प्रतिशत
रामरतन कुशवाहाBJP1,56,94249.38%
ज्योति सिंहSP88,68727.90%
संतोष कुशवाहाBSP55,54917.48%
BJP की जीत68,255करीब 21.5 प्रतिशत अंक

2017 से 2022 के बीच BJP का वोट करीब 19,608 बढ़ा और जीत का अंतर 68 हजार से बढ़कर एक लाख से ज्यादा हो गया।

2012 में BSP की सीट थी ललितपुर

2012 में चुनाव की तस्वीर बिल्कुल अलग थी।

BSP के रमेश प्रसाद कुशवाहा को 79,797 वोट, SP के चंद्रभूषण सिंह बुंदेला को 68,474 और BJP के रामरतन को 54,413 वोट मिले। BSP सिर्फ 11,323 वोट से जीती थी।

ललितपुर का हालिया विधानसभा इतिहास

चुनावविजेतापार्टीवोटजीत का अंतर
2012रमेश प्रसाद कुशवाहाBSP79,79711,323
2017रामरतन कुशवाहाBJP1,56,94268,255
2022रामरतन कुशवाहाBJP1,76,5501,07,215

2012 से 2022 के बीच BJP का वोट 54 हजार से बढ़कर 1.76 लाख पहुंच गया।

इसी अवधि में सीट BSP की करीबी जीत से BJP की एकतरफा बढ़त वाली सीट में बदल गई।

2019 लोकसभा में BJP की बढ़त एक लाख से ज्यादा

ललितपुर विधानसभा झांसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

2019 लोकसभा चुनाव में BJP को इस विधानसभा खंड से 2,03,576 वोट मिले। मुख्य विपक्षी प्रत्याशी को 99,614 वोट और कांग्रेस को 15,508 वोट मिले। BJP की बढ़त 1,03,962 वोट रही।

लोकसभा 2019: ललितपुर विधानसभा खंड

दलवोट
BJP2,03,576
मुख्य विपक्ष99,614
कांग्रेस15,508
BJP की बढ़त1,03,962

यह ललितपुर में BJP की लोकसभा स्तर पर असाधारण मजबूती का संकेत था।

2024 में BJP आगे रही, लेकिन बढ़त आधी रह गई

2024 लोकसभा चुनाव में BJP के अनुराग शर्मा को ललितपुर विधानसभा खंड से 1,74,521 वोट मिले।

INDIA गठबंधन की कांग्रेस के प्रदीप जैन आदित्य को 1,23,880 वोट मिले।

BJP की बढ़त 50,641 वोट रही।

लोकसभा 2024: ललितपुर विधानसभा खंड

पार्टीवोटवोट प्रतिशत
BJP1,74,52153.54%
कांग्रेस/INDIA1,23,88038.00%
BJP की बढ़त50,64115.54 प्रतिशत अंक

BJP का वोट 2019 के मुकाबले करीब 29,055 कम हुआ, जबकि मुख्य विपक्षी वोट करीब 24,266 बढ़ा

2019 से 2024 तक BJP की बढ़त 53,321 वोट घटी

चुनावBJP वोटमुख्य विपक्षी वोटBJP बढ़त
लोकसभा 20192,03,57699,6141,03,962
विधानसभा 20221,76,550BSP 69,3351,07,215
लोकसभा 20241,74,521कांग्रेस 1,23,88050,641

2019 की BJP +1,03,962 बढ़त 2024 में घटकर +50,641 रह गई।

यानी लोकसभा के मुख्य मुकाबले में पांच साल के दौरान 53,321 वोट का सापेक्ष बदलाव विपक्ष की ओर हुआ।

इसके बावजूद 50 हजार से ज्यादा की बढ़त यह भी बताती है कि ललितपुर अभी भी BJP का मजबूत विधानसभा खंड है।

BSP का वोट अभी भी SP के बराबर चुनौती देता है

ललितपुर की राजनीति में BSP की भूमिका दूसरी कई सीटों से अलग है।

2012 में BSP ने सीट जीती।

2017 में वह तीसरे स्थान पर रही।

2022 में वह फिर 69,335 वोट के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई, जबकि SP को 68,597 वोट मिले।

दोनों के बीच अंतर सिर्फ 738 वोट का था।

इसलिए 2027 में यहां मुकाबले को पहले से BJP बनाम SP मान लेना सही नहीं होगा। BSP का प्रत्याशी और दलित-कुशवाहा समीकरण चुनाव को दोबारा त्रिकोणीय बना सकता है।

BJP के लिए कुशवाहा के साथ लोधी-दलित-सवर्ण गठबंधन जरूरी

BJP ने 2017 और 2022 में बड़ी जीत दर्ज की है।

लेकिन पार्टी के 1.76 लाख विधानसभा वोट किसी एक जाति से नहीं आए।

2027 में BJP को—

कुशवाहा आधार,
लोधी और दूसरे गैर-यादव OBC वोट,
ब्राह्मण-ठाकुर-जैन समर्थन,
और दलित समाज में मजबूत हिस्सेदारी

एक साथ बनाए रखनी होगी।

2024 लोकसभा में बढ़त का आधा हो जाना यह संकेत देता है कि विपक्ष ने सीट पर कुछ सामाजिक विस्तार किया है।

SP के लिए यादव वोट से बहुत आगे जाना होगा

SP 2017 में 88 हजार से ज्यादा वोट लेकर दूसरे स्थान पर थी, लेकिन 2022 में उसका वोट 68,597 रह गया और पार्टी BSP से भी पीछे चली गई।

2027 में SP के लिए सिर्फ यादव और मुस्लिम मतदाताओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा।

उसे कुशवाहा, अहिरवार-दलित, लोधी और सवर्ण वोट के हिस्से को अपने साथ जोड़ना होगा। INDIA गठबंधन अगर जारी रहता है तो 2024 का कांग्रेस वोट ट्रांसफर भी महत्वपूर्ण होगा।

BSP के लिए अभी भी सामाजिक जगह मौजूद

BSP के पास 2022 में करीब 21 प्रतिशत वोट था।

कुशवाहा उम्मीदवार और पुराने दलित आधार के साथ पार्टी मुख्य विपक्ष तक पहुंच गई।

अगर 2027 में BSP ऐसा प्रत्याशी उतारती है जो दलित वोट के साथ कुशवाहा, लोधी या दूसरे OBC समुदायों में भी समर्थन जोड़ सके, तो चुनाव का परिणाम काफी खुल सकता है।

अगर BSP कमजोर होती है तो उसके करीब 70 हजार के 2022 वोट का पुनर्वितरण BJP-SP मुकाबले में निर्णायक होगा।

पानी, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार बड़े स्थानीय मुद्दे

ललितपुर में चुनाव जातिगत समीकरण के साथ विकास के सवालों से भी प्रभावित होता है। पुराने चुनावी सर्वेक्षणों में पेयजल, परिवहन के सीमित साधन, खराब सड़कें, अतिक्रमण और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

2026 में रोजगार और औद्योगिक निवेश का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हुआ है। जिले में प्रस्तावित बड़े फार्मा पार्क से रोजगार की उम्मीद बढ़ी है, जबकि सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का सवाल अब भी राजनीतिक बहस का हिस्सा है।

2027 में ललितपुर के प्रमुख स्थानीय मुद्दे

मुद्दासंभावित चुनावी असर
पेयजलशहर और ग्रामीण क्षेत्र
सिंचाईकिसान और कृषि आधारित परिवार
सड़क और यातायातग्रामीण संपर्क और बाजार
स्वास्थ्य सुविधाएंदूरस्थ ग्रामीण इलाके
रोजगारयुवा मतदाता
फार्मा पार्कऔद्योगिक रोजगार की उम्मीद
अतिक्रमणशहरी और बाजार क्षेत्र
कृषि अवसरकिसान व मजदूर वर्ग

जातिगत समीकरण मजबूत रहने के बावजूद विकास और रोजगार पर वोट का छोटा बदलाव भी 2027 में सामाजिक गठबंधन को प्रभावित कर सकता है।

2027 में ललितपुर की नौ बड़ी चुनावी चाबियां

चुनावी चाबी2027 में महत्व
कुशवाहा वोटमौजूदा BJP विधायक का प्रमुख सामाजिक आधार
अहिरवार-दलित वोटसीट का सबसे बड़ा खुला स्विंग क्षेत्र
लोधी वोटबड़ा गैर-यादव OBC समूह
यादव वोटSP की प्रमुख सामाजिक धुरी
ब्राह्मण-ठाकुर-जैन वोटBJP के सवर्ण-शहरी आधार की अहम कड़ी
BSP का प्रदर्शनमुकाबला दो-दलीय या त्रिकोणीय कर सकता है
रामरतन कुशवाहा फैक्टरलगातार दो बड़ी विधानसभा जीत
2024 में घटा BJP अंतरविपक्ष के लिए हालिया सकारात्मक संकेत
2026 वोटर लिस्ट4.52 लाख के नए आधार पर बूथ रणनीति बदलेगी

2027 में ललितपुर विधानसभा का चुनावी गणित क्या कहता है?

ललितपुर विधानसभा के जातिगत समीकरण में कुशवाहा और अनुसूचित जाति के मतदाता सबसे बड़ी पुरानी सामाजिक ताकतों में हैं। लोधी और यादव वोट OBC राजनीति की दूसरी बड़ी धुरी हैं, जबकि ब्राह्मण, ठाकुर, जैन, मुस्लिम, सहरिया और दूसरे समुदाय चुनावी गठबंधन का विस्तार तय करते हैं।

हालिया चुनावी तस्वीर को छह आंकड़ों से समझा जा सकता है—

2022 विधानसभा चुनाव: BJP की जीत 1,07,215 वोट से।

2022 BJP वोट शेयर: 52.99 प्रतिशत।

2024 लोकसभा चुनाव: BJP की बढ़त 50,641 वोट।

2019 से 2024 के बीच BJP की लोकसभा बढ़त में 53,321 वोट की कमी।

2026 अंतिम वोटर लिस्ट: 4,52,604 मतदाता।

2022 के मतदाता आधार के मुकाबले 2026 की सूची करीब 35,372 मतदाता कम।

BJP के पास मौजूदा कुशवाहा विधायक, लगातार दो विधानसभा जीत और बड़ा गैर-यादव OBC-सवर्ण-दलित सामाजिक गठबंधन है। दूसरी तरफ 2024 में घटा BJP अंतर विपक्ष के लिए अवसर दिखाता है। SP को 2022 के तीसरे स्थान से निकलना है, जबकि BSP के करीब 69 हजार वोट यह साबित करते हैं कि वह अभी भी चुनाव के परिणाम को प्रभावित करने की स्थिति में है।

ऐसे में 2027 में ललितपुर विधानसभा के जातिगत समीकरण का फैसला कुशवाहा वोट की एकजुटता, अहिरवार और दूसरे दलित मतों के बंटवारे, लोधी-यादव OBC वोट, ब्राह्मण-ठाकुर-जैन समर्थन, BSP की ताकत, रामरतन कुशवाहा के व्यक्तिगत नेटवर्क, INDIA गठबंधन की वोट ट्रांसफर क्षमता, पानी-सिंचाई-रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दों और 2026 की नई मतदाता सूची के बीच बनने वाले चुनावी गठबंधन से होगा।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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