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स्कूल की छात्राओं से रेप,2 टीचर्स ने बनाए अश्लील वीडियो: महीनों तक ब्लैकमेल कर बुलाते रहे, शिक्षा विभाग ने जांच कराई; सस्पेंड किया पर FIR नहीं कराई - Buxar News

September 3, 2026

बक्सर में सरकारी स्कूल के 2 टीचर पर स्कूल की छात्राओं से छेड़खानी और रेप का आरोप है। इन पर छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने, उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने का भी आरोप है।

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मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। मामला डुमरांव के एक सरकारी स्कूल का है।

DEO इंद्रजीत कुमार कर्ण ने बताया, विभाग ने शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल के माहौल को खराब करने के आरोपों को सही पाया, जिसके बाद सहायक शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और टीचर अरविंद कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी हो रही है। पुलिस आज इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करेगी।

सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी…

वीडियो सामने आने के बाद हंगामा

DEO के लेटर की माने तो दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से ये शर्मनाक काम कर रहे थे। आरोपी शिक्षकों ने छात्राओं को हवस का शिकार बनाने के साथ ही उनका अश्लील वीडियो भी बना लिया था। जब ये अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तब घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को हुई।

स्कूल में पोस्टेड टीचर वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों ने गंभीर शिकायत की थी। शिकायत में छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो से धमकी देने जैसे आरोप थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिकायत पर खुद संज्ञान लिया। जांच के बाद दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया।

शिक्षक ने नाबालिग से होटल में किया रेप

आरोपों में यह भी है कि एक शिक्षक एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल के कमरे में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ गलत हरकत की। इसके बाद आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने की बात सामने आई। हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस और विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगी।

मामले को लेकर क्षेत्र में काफी आक्रोश है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है।

अलग-अलग आदेश जारी कर किया गया निलंबित

31 अगस्त 2026 को डुमरांव के बीईओ के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की समीक्षा की गई।

प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय आदेश जारी किए गए।

निलंबन अवधि के दौरान विरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर तथा अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की निर्धारित किया गया है।

विभागीय जांच में तय होगी आगे की कार्रवाई

शिक्षा विभाग की ओर से दोनों शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच कराने की तैयारी है। जांच के लिए संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग-अलग की जाएगी। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान की जांच की जाएगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इसमें आरोप साबित होने पर सेवा से बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी संभव है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अब पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।

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ग्रामीणों की ओर से दिया जाएगा आवेदन

कृष्णाब्रह्म के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से आवेदन तैयार किया जा रहा है। आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

वीडियो, ऑडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आपत्तिजनक वीडियो किस तरह बनाया गया और सोशल मीडिया पर कैसे प्रसारित हुआ।

थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि वीडियो के आधार पर छात्रा की पहचान हुई है। परिजनों और छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।