world-news

बैंक से 21 करोड़ का घोटाला, दो सगे भाई गिरफ्तार: गोंडा के मैनेजर ने मां-पत्नी, बेटों को भी मिलाया, भाजपा नेता समेत 3 फरार - Gonda News

October 19, 2026

गोंडा में यूपी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में साल 2021-2025 तक 21.47 करोड़ का घोटाला हुआ था। लोन देने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। उस समय मैनेजर रहे आरोपी ने घोटाले में अपनी मां-पत्नी और दोनों बेटों को भी शामिल किया था। पुलि

.

घोटाले में शामिल 16 में अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 12 जनवरी 2026 को इसी शाखा के सहायक प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने 16 लोगों पर केस दर्ज कराया था। भाजपा नेता समेत 3 फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी चल रही है।

ये तत्कालीन बैंक मैनेजर और घोटाले का मास्टरमाइंड पवन कुमार पाल है। पुलिस ने 12 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

ये तत्कालीन बैंक मैनेजर और घोटाले का मास्टरमाइंड पवन कुमार पाल है। पुलिस ने 12 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

जनवरी में 16 लोगों पर दर्ज हुआ था केस

बैंक में घोटाले का मामला पहली बार 12 जनवरी, 2026 को सामने आया। सहायक शाखा प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने नगर कोतवाली में तहरीर दी। उन्होंने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल, अजय कुमार, तत्कालीन प्रबंधक सुशील गौतम, तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार समेत 16 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

आरोप था कि लोन बांटने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर 21.47 करोड़ का घोटाला किया। आरोपियों ने खाताधारकों के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया। 205 खाताधारकों के लोन और बचत खातों के साथ-साथ पांच आंतरिक खातों से कुल 21.47 करोड़ रुपये का घोटाला किया।

पवन पाल ने अपने दोनों बेटों जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह को भी फर्जीवाड़े में शामिल किया था। रविवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पवन पाल ने अपने दोनों बेटों जय प्रताप सिंह और राज प्रताप सिंह को भी फर्जीवाड़े में शामिल किया था। रविवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

3000 पेज की चार्जशीट दाखिल

मामले की जांच तत्कालीन नगर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर सभाजीत सिंह को दी गई। उन्होंने 3000 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की। सभाजीत सिंह की जांच में 21 करोड़ 47 लाख के घोटाले की पुष्टि हुई। भारतीय रिजर्व बैंक में एम्पेनल्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट ने स्पेशन ऑडिट किया था। पुलिस ने अपनी जांच में इस रिपोर्ट को भी शामिल किया है।

सभाजीत सिंह के ट्रांसफर होने के बाद ये जांच सीओ नगर योगेंद्र सिंह कर रहे हैं। अप्रैल 2026 में ED लखनऊ की टीम ने भी सहायक शाखा प्रबंधक से इस पूरे घोटाले से संबंधित कागजात मांगे थे, जिन्हें उपलब्ध करवा दिया गया था।

ये आरोपी खाताधारक राघव राम और शिवाकांत हैं, जिन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

ये आरोपी खाताधारक राघव राम और शिवाकांत हैं, जिन्हें पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर बांटा गया लोन

तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ-साथ अन्य खातों का भी इस्तेमाल किया। लोन देने से पहले डॉक्यूमेंट का सत्यापन नहीं किया गया। फर्जी डॉक्यूमेंट्स से बड़े पैमाने पर लोने बांटा गया। बैंक के 5 आंतरिक खातों से अनधिकृत रूप से डेबिट करके कई खातों में 46.13 लाख की धनराशि भेजकर निकाली गई और गबन कर लिया गया।

पवन कुमार पाल और उसके गिरोह ने मिलीभगत से कई अकाउंट से अपने और अपने करीबियों के खातों में घोटाले की राशि भेजी। इसके अलावा, लोन की धनराशि का उपयोग किस्तों को जमा करने में किया जाता था ताकि खाते NPA में न बंटे और बैंक मुख्यालय की जानकारी में मामला न आ सके। स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट ने घोटाले का मास्टरमाइंड पवन कुमार पाल को बताया था।

तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार गौतम (सफेद शर्ट) और खाताधारक मोहम्मद असलम (हरी शर्ट) भी जेल भेजे जा चुके हैं।

तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार गौतम (सफेद शर्ट) और खाताधारक मोहम्मद असलम (हरी शर्ट) भी जेल भेजे जा चुके हैं।

मां, पत्नी और बेटों को भी शामिल किया

पवन कुमार पाल ने मां सुमित्रा पाल, पत्नी संजना सिंह और बेटों राज प्रताप सिंह और जय प्रताप सिंह के खातों का इस्तेमाल गबन की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया था। मां सुमित्रा पाल की मौत हो चुकी है। संजना सिंह को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी। 14 जनवरी 2026 को महाप्रबंधक कपिल पाठक ने पवन पाल, सुशील गौतम और अजय कुमार को निलंबित कर दिया था।

भाजपा नेता, कैशियर और खाताधारक फरार

जेल जाने वालों में मास्टरमाइंड पवन कुमार पाल, उसका बेटा जय प्रताप सिंह, राज प्रताप सिंह, तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार, तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार गौतम, खाताधारक राघव राम, शिवाकांत वर्मा, गीता देवी और मोहम्मद असलम शामिल हैं।

सहायक कैशियर पवन कुमार, भाजपा नेता रितेंद्र पाल सिंह और खाताधारक फूल मोहम्मद फरार हैं। दुष्यंत प्रताप और प्रदीप कुमार सिंह को लखनऊ हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

भाजपा नेता रितेंद्र पाल सिंह भी मामले में आरोपी है।

भाजपा नेता रितेंद्र पाल सिंह भी मामले में आरोपी है।

कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई

21 अगस्त 2026 को पुलिस ने पवन पाल, सुशील गौतम, राघव राम और शिवाकांत की 5.94 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। वहीं, 18 अक्टूबर देर शाम भी कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने फूल मोहम्मद की 1 करोड़ 8 लाख की संपत्तियों को कुर्क किया है।

पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की है।

पुलिस ने आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की है।

सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया-

QuoteImage

16 में से 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। 3 आरोपी फरार आरोपियों में रितेंद्र पाल सिंह, फूल मोहम्मद और कैशियर पवन कुमार हैं। फूल मोहम्मद की 1 करोड़ 8 लाख की संपत्ति कुर्क की गई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

QuoteImage

----------------------

यह खबर भी पढ़ें…

योगी ने कन्या पूजन किया, पैर धोकर टीका लगाया:चुनरी ओढ़ाई, खुद खाना परोसा; विंध्यवासिनी धाम पहुंचे 20 लाख भक्त

शारदीय नवरात्रि की नवमी पर यूपी के मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में गोरक्षपीठाधीश्वर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कन्या पूजन किया। 11 कन्याओं और बटुक के पांव पखारे, चुनरी ओढ़ाकर तिलक लगाया। उनका आशीर्वाद लिया और फिर अपने हाथों से भोजन परोसकर खिलाया। इसके बाद सबको गिफ्ट दिए। पढ़ें पूरी खबर…