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नेपाल त्रासदी देख पसीजा दुनिया का कलेजा, आपदा राहत कोष में तीन दिनों में दान किए 2 अरब रुपये

August 29, 2026

Aug 29, 2026 03:04 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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नेपाल में आपदा से मरने वालों की संख्या 626 हो गई है। करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 2,400 से अधिक लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। 

Nepal disaster relief fund receives over Rs 2 billion in 3 days flash floods havoc Himalayan nation

नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी है।

नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में महज तीन दिनों के भीतर 2.295 अरब नेपाली रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। बाढ़ और भूस्खलन ने हिमालयी देश के कई कस्बों और गांवों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बड़ी संख्या में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों को आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया, जिसके बाद देशभर के संगठनों और आम लोगों ने राहत कोष में आर्थिक मदद देना शुरू किया।

नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है। करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों के साथ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर से गुरुवार आधी रात तक राहत कोष में 1.91 अरब नेपाली रुपये जमा किए गए थे। इसके बाद शुक्रवार को ही 385.5 मिलियन नेपाली रुपये की अतिरिक्त सहायता मिली। इस तरह तीन दिनों में कोष में जमा राशि 2.295 अरब रुपये से अधिक हो गई।

प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में कुल जमा 4.09 अरब रुपये

नई सहायता राशि मिलने के बाद प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में कुल जमा रकम बढ़कर 4.09 अरब नेपाली रुपये हो गई है। इससे पहले इस कोष में 2.17 अरब नेपाली रुपये मौजूद थे। नेपाल सरकार ने राहत कोष में मिलने वाले सभी योगदान को एक जगह एकत्र करने और सहायता से जुड़े कामों में तालमेल के लिए वित्त मंत्रालय को प्रमुख मंत्रालय बनाया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, राहत राशि देश के 10 अलग-अलग वाणिज्यिक बैंकों में मौजूद खातों में जमा की गई है। सरकार की ओर से बड़े संस्थागत दानदाताओं से मिलने वाली सहायता को भी व्यवस्थित तरीके से स्वीकार किया जा रहा है, ताकि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें।

वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के सचिवालय के अनुसार, मंत्री खुद 10 मिलियन नेपाली रुपये या उससे अधिक की सहायता देने वाले संस्थागत दानदाताओं से योगदान स्वीकार कर रहे हैं। वहीं, व्यक्तिगत रूप से आर्थिक मदद देने के इच्छुक लोग वित्त मंत्रालय में जाकर नकद राशि जमा कर सकते हैं। आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे। शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि राहत कोष में बढ़ती सहायता से बचाव और पुनर्वास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी। फिलहाल बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और बाढ़ से तबाह क्षेत्रों में राहत अभियान लगातार जारी है।