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- From The First Board To 2026, In The 32 Years, Which Party Had The Upper Hand In Which City Of The State?
जयपुर44 मिनट पहलेलेखक: लता खण्डेलवाल
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- प्रदेश में जिसकी सरकार, 80% शहरों में उसका मेयर
राजस्थान के सियासी इतिहास का सबसे अनूठा विरोधाभास यह है कि विधानसभा में हर 5 साल पर राज बदलने वाली जनता ने शहरी सरकारों में कभी धारा के विपरीत नाव नहीं चलाई। 1994 से अब तक 32 साल में प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार रही, नगर निगमों के 80 फीसदी कमरों के ताले भी उसी दल के इशारे पर खुले।
फैक्टर:
- चुनावी प्रणाली: जब भी प्रत्यक्ष चुनाव (2009, 2014) हुए, सत्तारूढ़ दल की हवा या बड़े चेहरे को फायदा मिला। अप्रत्यक्ष प्रणाली (पार्षदों द्वारा) में वार्ड स्तर पर बगावत, बाड़ाबंदी और क्रॉस वोटिंग निर्णायक रही।
- निर्दलीयों की भूमिका: औसतन 15% से 25% सीटों पर बागी जीतते हैं। त्रिशंकु स्थिति में बोर्ड की चाबी इन्हीं निर्दलीयों के पास रहती है।
- विधायकों का रसूख: जिस पार्टी के शहर में ज्यादा विधायक होते हैं, उसका परिसीमन और बूथ मैनेजमेंट मजबूत रहता है।
जयपुर: चारदीवारी बनाम उपनगरों (बाहरी क्षेत्र) की जंग
- 1994-1999: पहले बोर्ड में भाजपा का पूर्ण दबदबा रहा; मोहनलाल गुप्ता पहले मेयर बने।
- 1999-2004: (दूसरा बोर्ड): निर्मला वर्मा, भाजपा (1999 से 2001 तक)। शील धाभाई, भाजपा (2001-2004 तक)।
- 2004-2009 (तीसरा बोर्ड): डॉ. अशोक परनामी, भाजपा (2004-2008 तक)। पंकज जोशी, भाजपा (2008-2009)
- 2009-2014 (चौथा बोर्ड): ज्योति खंडेलवाल, कांग्रेस। जनता ने सीधा चुना।
- 2014-2019 (पांचवां बोर्ड): भाजपा की आंधी में निर्मल नाहटा मेयर बने (2014-2016 तक सीधे चुनाव) अशोक लाहोटी, भाजपा (2016-2018 तक) विष्णु लाटा, निर्दलीय/कांग्रेस समर्थित (2019)।
- 2020-2025 (छठा बोर्ड-दो निगम) : ग्रेटर- डॉ. सौम्या गुर्जर, भाजपा (स्पष्ट बहुमत)।हेरिटेज निगम में मुनेश गुर्जर महापौर बनीं। बाद में कुसुम यादव (24 सितंबर 2024 से नवंबर 2025 तक) तक मेयर रही।
जोधपुर नगर निगम
- 1994-1999 (पहला बोर्ड): घनश्याम ओझा, भाजपा
- 1999-2004 (दूसरा बोर्ड): ओमकुमारी गहलोत, कांग्रेस
- 2004-2009 (तीसरा बोर्ड): दामोदर बंग, भाजपा
- 2009-2014 (चौथा बोर्ड): रामेश्वर दाधीच, कांग्रेस (सीधे चुनाव)।
- 2014-2019 (5वां बोर्ड): घनश्याम ओझा, भाजपा (सीधे चुनाव)।
- 2020-2025 (छठा बोर्ड-दो निगम): जोधपुर उत्तर- कुंती परिहार (देवड़ा) कांग्रेस। जोधपुर दक्षिण- वनिता सेठ, भाजपा (निर्दलीयों के समर्थन से)।
कोटा नगर निगम
- 1994-1999 (पहला बोर्ड): सुमन शृंगी, भाजपा। 1999–2004 (दूसरा बोर्ड): ईश्वरलाल साहू, भाजपा 2004–2009 (तीसरा बोर्ड): मोहनलाल महावर, भाजपा
- 2009–2014 (चौथा बोर्ड): डॉ. रत्ना जैन, कांग्रेस (सीधे चुनाव)
- 2014–2019 (पांचवां बोर्ड): महेश विजय, भाजपा (सीधे चुनाव)। 2020–2025 (छठा बोर्ड - दो निगम): कोटा उत्तर- मंजू मेहरा, कांग्रेस (स्पष्ट बहुमत)। कोटा दक्षिण- राजीव अग्रवाल, कांग्रेस (निर्दलीयों के समर्थन से बोर्ड बना)।
बीकानेर नगर निगम; बीकानेर को 2008 में नगर परिषद से नगर निगम बनाया गया था। 2009-2014 (पहला बोर्ड): भवानी शंकर शर्मा, कांग्रेस (सीधे चुनाव)। 2014-2019 (दूसरा बोर्ड): नारायण चौपड़ा, भाजपा (सीधे चुनाव)। 2019-2024 (तीसरा बोर्ड): सुशीला कंवर (राजपुरोहित), भाजपा (निर्दलीयों के समर्थन से)।
उदयपुर नगर निगम; 2013 में नगर परिषद से निगम बना। 2014-2019 (पहला बोर्ड): चंद्रसिंह कोठारी, भाजपा (सीधे चुनाव)। 2019-2024 (दूसरा बोर्ड): गोविंदसिंह टांक, भाजपा (पार्षदों द्वारा पूर्ण बहुमत)।
अजमेर नगर निगम; अजमेर को 2010 में नगर निगम का दर्जा मिला था। 2010-2015 (पहला बोर्ड): कमल बाकोलिया, कांग्रेस। 2015-2020 (दूसरा बोर्ड): धर्मेंद्र गहलोत, भाजपा। 2021-2026 (तीसरा बोर्ड): बृजलता हाड़ा, भाजपा।
भरतपुर नगर निगम; भरतपुर 2014 में नगर निगम बना था। 2014-2019 (पहला बोर्ड): शिवसिंह भोंट, भाजपा 2019-2024 (दूसरा बोर्ड): अभिजीत कुमार, निर्दलीय/कांग्रेस समर्थित।
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