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संजय दत्‍त रोक सकते थे 1993 का मुंबई अटैक? कौन हैं उज्‍जवल निकम? बॉलीवुड एक्‍टर को लेकर किया बड़ा दावा

July 12, 2026

Time Updated: Monday, July 13, 2026, 0:05 [IST]

12 मार्च 1993 की दोपहर मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमकोंक के जख्‍म आज भी मृतकों के परिजनों को पीड़ा देते हैं। अबू सलेम और टाइगर मेमन ने मुंबई की प्रमुख इमारतों समेत कुल 12 जगहों पर आरडीएक्स (RDX) से लदे वाहनों से धमाके करवाए। जिसमें 277 बेगुनाह लोग मारे गए और लगभग 1400 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं इस योजनाबद्ध तरीके से हुए आतंकी हमले को लेकर वरिष्‍ठ वकील और सांसद ने एक्‍टर संजय दत्‍त को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्‍होंने दावा किया है कि अगर संजय दत्‍त चाहते तो मुंबई अटैक को रोक सकते थे।

दरअसल, ये बड़ा दावा 1993 मुंबई हमले केस के वरिष्‍ठ वकील उज्‍जवल निकम ने की है। उज्‍जवल निकम इन दिनों इसलिए चर्चा में हैं क्‍योंकि नाना पाटेकर के द्वारा निर्देशित अपकमिंग फिल्‍म 'प्रहार: द फाइनल अटैक' में एक्‍टर राजकुमार राव उनकी भूमिका में नजर आएंगे। उज्ज्वल निकम भारत के एक प्रतिष्ठित और Special Public Prosecutor और भाजपा सांसद भी हैं। आइए जानते हैं कौन हैं उज्‍जवल निकम और आखिर उन्‍होंने एक्‍टर संजय दत्‍त को लेकर क्‍यों ये दावा किया ?

Sanjay Dutt

दरअसल, उज्वजल निकम ने द लल्‍लनटॉप को दिए इंटरव्‍यू में 1993 में हुए बम धमाकों में संजय दत्‍त की भूमिका को लेकर बड़ा ही हैरान करने वाला दावा किया है। उन्‍होंने कहा, अगर संजय दत्‍त ने सही समय पर समझदारी दिखाई होती तो मुंबई में 1993 में हुए दिल दहला देने वाले आतंकी धमाकों को होने से पहले ही रोका जा सकता था और सैकड़ों लोगों की जान बच जाती।

उज्‍जवल निकम ने संजय दत्‍त को लेकर क्‍या कहा?

उज्‍जवल निकम से एंकर ने सवाल किया क्‍या संजय दत्‍त 1993 के बम धमाकों को रोक सकते थे? इस पर उज्‍जवल निकम ने बताया मुंबई में हुए धमाकों से पहेले डी कंपनी का मालिक अबू सलेन टेम्‍पो भरकर बड़ी संख्‍या में खतरनाक असलहें लेकर आया था। जिसमें हैंड ग्रेनेड और एके 47 राइफल्‍स भी थे। निकम ने दावा किया कि संजय दत्‍त ने कुछ हथियार को अपने पास रख लिए थे।

उज्‍जवल निकम ने कहा कि मेरा ये मानना है कि जैसे ही संजय दत्‍त को इन हथियारों के बारे में पता चला था तभी उन्‍हें पुलिस को जानकारी देनी चाहिए थी। उन्‍होंने कहा तब पूरा खेल कुछ और ही होता पुलिस एक्‍शन लेती और इतनी भयावह आतंकी साजिश रोक दी जाती और इस घटना को अंजाम देने की प्‍लानिंग कर रहे अपराधी पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच जाते।

निकम ने कहा मैंने इस केस में इसलिए संजय दत्‍त को दोषी ठहराया क्‍योंकि उनके पास मौका था लकिन उन्‍होंने समय पर पुलिस को सूचित नहीं किया। अगर वो सूचित कर देते तो इतनी बड़ी तबाही ना मचती ।

उज्‍जवल निकम ने अपने इंटरव्‍यू में हालांकि ये साफ कहा कि संजय दत्‍त कोई आतंकवादी नहीं था, उनका इरादा कोई आतंकी हमला करवाना नहीं था लेकिन उन्‍हें असल में वेपनरी का शौक था। इसी शौक के चलते उन्‍होंने अपने पास ये हथियार रख लिए जिसके कारण उन्‍हें लंबी जेल भुगतनी पड़ी।