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1971 के युद्ध के महानायक को मिलेगी नई तैनाती: लड़ाकू विमान मिग-21 को वार ट्रॉफी के रूप में पब्लिक पार्क में स्थापित करने की - Bikaner News

August 31, 2026

भारतीय वायुसेना से रिटायर्ड हुआ सुपर सैनिक लड़ाकू विमान मिग-21 को वार ट्रॉफी के रूप में पब्लिक पार्क में स्थापित करने की योजना है। भारत-पाक युद्ध 1971 में दुश्मन को मात देने वाले इस विमान के शौर्य की गाथा भी बच्चे और युवा जान सकेंगे।

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राज्य के अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट (यूडीएच) ने बीडीए से मिग-21 को स्थापित करने के लिए दो स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव मंगवाए हैं। विमान तैनात करने के लिए पब्लिक पार्क स्थित गोमुख पार्क को प्राथमिकता दी गई है। यह पार्क ऐसे स्थान पर है जहां पूरे दिन लोगों का आवागमन रहता है। पास ही टॉय ट्रेन पार्क है, जहां बच्चे खेलने और मनोरंजन के लिए आते हैं। उसके ठीक सामने पाक से जीता हुआ बैटल टैंक तैनात है। दूसरा स्थान वरिष्ठ नागरिक भ्रमण पथ बताया गया है। वहां भी सुबह और शाम को बड़ी संख्या में लोग भ्रमण और व्यायाम के लिए आते हैं। इसी लोकेशन में शहीद मेजर पूर्ण सिंह और शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी का स्मारक भी है। हालांकि चंद्र चौधरी स्मारक पर पहले से ही वार ट्रॉफी के रूप में ट्रेनी विमान खड़ा है। इसलिए गोमुख में मिग-21 तैनात करने पर विचार किया जा रहा है।

^मिग-21 को वार ट्रॉफी के रूप में पब्लिक पार्क में स्थापित करने की योजना सराहनीय है। इससे युवाओं और विद्यार्थियों को सेना में करियर चुनने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इसकी शौर्य गाथा के बारे में लोग जान सकेंगे।

हेम सिंह शेखावत, रिटायर्ड कर्नल, अध्यक्ष, गौरव सेनानी एसोसिएशन

बिग्गाबास में मिग-21 बाइसन जल्दी ही तैनात होगा : श्रीडूंगरगढ़ तहसील के बिग्गाबास रामसरा में मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान जल्दी ही तैनात कर दिया जाएगा। इसकी एसेंबलिंग का काम पूरा हो चुका है। शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष सीताराम सियाग ने बताया कि गांव के स्टेडियम में शहीद के स्मारक के पास ही मिग रखा जाएगा। इससे पूर्व 2019 में म्यूजियम तिराहे पर एक विमान वार ट्रॉफी के रूप में स्थापित किया गया था। कैप्टन चौधरी की याद में दो टैंक भी रखे जा चुके हैं। इसके अलावा जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय के बाहर भी एक टैंक स्थापित है।

नाल एयरबेस से गहरा नाता: 1971 में यहीं से उड़कर, पाक को चटाई थी धूल

मिग-21 का बीकानेर की माटी से बेहद अटूट और ऐतिहासिक रिश्ता रहा है। बीकानेर का नाल एयरबेस भारतीय वायुसेना की अंतिम मिग-21 बाइसन स्क्वाड्रन—नंबर 3 ‘कोबरा’ और नंबर 23 ‘पैंथर्स’ (कुल 36 विमान) का मुख्य घर रहा है।

ऐतिहासिक प्रहार: 1971 के भारत-पाक युद्ध में इसी मिग-21 ने नाल एयरबेस से गर्जना करते हुए उड़ान भरी थी और सीमा पार दुश्मन के ठिकाने तबाह किए थे।

अंतिम विदाई भी यहां से मिली: 60 के दशक में वायुसेना में शामिल हुए इस जांबाज फाइटर जेट ने बीते वर्ष सितंबर में नाल एयरबेस से अपनी ऐतिहासिक अंतिम उड़ान भरी थी।